13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: UP ने 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया, CM योगी ने दी बधाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: UP ने 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया, CM योगी ने दी बधाई

सारांश

उत्तर प्रदेश ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा कर इतिहास रचा। CM योगी ने इसे सनातन चेतना का महोत्सव बताया और प्रदेशवासियों से जीवन के हर उत्सव को वृक्षारोपण से जोड़ने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश ने 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया।
2017 से 2023 के बीच प्रदेश के वन व वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की वृद्धि दर्ज हुई।
राज्य का हरित आवरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत हो गया; अब तक 280 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
CM योगी आदित्यनाथ ने यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ बताया।
योगी ने प्रदेशवासियों से बच्चों के जन्मदिन, बेटी की विदाई और मांगलिक अवसरों पर पौधरोपण को परंपरा बनाने का आग्रह किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जुलाई 2026 को प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में उत्तर प्रदेश ने 40 करोड़ पौधरोपण का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने इस उपलब्धि को 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नवसामर्थ्य का जयघोष' बताया और प्रदेशवासियों से वृक्षारोपण को जीवन के संस्कारों से जोड़ने का आग्रह किया।

अभियान की उपलब्धि और ऐतिहासिक संदर्भ

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संदेश में बताया कि 2017 से 2023 के बीच प्रदेश के वन व वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य का हरित आवरण अब 9.96 प्रतिशत तक पहुँच चुका है और अब तक 280 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ था।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार

योगी ने भारतीय संस्कृति और वनों के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता को 'अरण्य संस्कृति' भी कहा जाता है, क्योंकि वेद, उपनिषद और महान ग्रंथों की रचना वनों में ही हुई। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उद्धरण देते हुए कहा कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है — 'वृक्षों में मैं अश्वत्थ (पीपल) हूं।' महाभारत और पुराणों में पीपल, वट, आंवला, बेल और पारिजात जैसे वृक्षों का विशेष महत्व बताया गया है।

पर्यावरण चुनौतियों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पर्यावरण असंतुलन, कार्बन उत्सर्जन, वनों का क्षरण और जैवविविधता का हास जैसी गंभीर चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान वृक्षारोपण ही है। उन्होंने आयुर्वेद का हवाला देते हुए कहा कि संभवतः विश्व में ऐसा कोई पौधा नहीं जिसमें औषधीय गुण न हों, और ऋग्वेद में भी पृथ्वी व वृक्षों के गहरे संबंध का उल्लेख है।

जीवन के उत्सवों से जोड़ने का आग्रह

योगी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि बच्चों के जन्मदिन पर उनके हाथों एक पौधा अवश्य लगवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जब बेटी विदाई के समय अपने मायके की स्मृति के प्रतीक स्वरूप एक पौधा रोपित करे, तो यह परंपरा प्रकृति के प्रति दायित्वबोध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखेगी। परिवार के शुभ अवसरों और मांगलिक आयोजनों को वृक्षारोपण से जोड़ने की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश का आधार बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने पौधे दीर्घकालिक वृक्ष बन पाते हैं — क्योंकि भारत में वृक्षारोपण अभियानों में रोपण और जीवित रहने की दर के बीच का अंतर ऐतिहासिक रूप से बड़ा रहा है। हरित आवरण 9.96 प्रतिशत पर पहुँचना उत्साहजनक है, परंतु राष्ट्रीय वन नीति के 33 प्रतिशत के लक्ष्य से यह अभी भी काफी दूर है। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रेरणा से जन-भागीदारी बढ़ाने की रणनीति नवीन है, किंतु पौधों की देखरेख और जवाबदेही का ढाँचा सार्वजनिक नहीं किया गया है — जो इस अभियान की दीर्घकालिक सफलता की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ एक राष्ट्रव्यापी पर्यावरण अभियान है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत 40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह लक्ष्य 13 जुलाई 2026 को पूरा हो गया।
उत्तर प्रदेश का हरित आवरण अब कितना है?
2017 से 2023 के बीच प्रदेश के वन व वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की वृद्धि हुई और हरित आवरण 9.96 प्रतिशत तक पहुँच चुका है। अब तक राज्य में 280 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
CM योगी ने वृक्षारोपण को किन अवसरों से जोड़ने का आग्रह किया?
CM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि बच्चों के जन्मदिन पर उनके हाथों पौधा लगवाएं, बेटी की विदाई के समय मायके की स्मृति के रूप में पौधा रोपित करें और परिवार के सभी मांगलिक अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़ें।
इस अभियान का पर्यावरण संकट से क्या संबंध है?
CM योगी ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन, कार्बन उत्सर्जन, वनों के क्षरण और जैवविविधता के हास जैसी चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान वृक्षारोपण ही है। उन्होंने आयुर्वेद और ऋग्वेद का हवाला देते हुए वृक्षों के औषधीय और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया।
भगवद्गीता में वृक्षों का क्या उल्लेख है जिसे CM योगी ने उद्धृत किया?
CM योगी ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए बताया कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है — 'वृक्षों में मैं अश्वत्थ (पीपल) हूं।' इसके अलावा महाभारत और पुराणों में भी पीपल, वट, आंवला, बेल और पारिजात जैसे वृक्षों का विशेष महत्व बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले