हर्ष मल्होत्रा बने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष: पार्षद से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 मई 2026 को चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की, जिसमें दिल्ली की कमान केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी सरकार में दोहरी मंत्रालयी जिम्मेदारी निभा रहे मल्होत्रा अब राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी संगठन का नेतृत्व करेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया में है।
राजनीतिक सफर: वार्ड से संसद तक
हर्ष मल्होत्रा ने 2012 में वेलकम वार्ड से पार्षद चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। 2015 में वे तत्कालीन पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर बने और नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में तीन वर्षों तक कार्य किया। यह क्रमिक उभार उन्हें जमीनी स्तर से शीर्ष तक ले गया।
जून 2024 में 18वीं लोकसभा के चुनावों में भाजपा ने उन्हें पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया — उस समय जब क्रिकेटर-से-नेता बने गौतम गंभीर ने इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। मल्होत्रा ने यह सीट जीती और केंद्र सरकार में राज्यमंत्री बने। गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इसी सीट पर 3.9 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
वर्तमान मंत्रालयी जिम्मेदारियाँ
मल्होत्रा वर्तमान में केंद्र सरकार में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में राज्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं। दोनों मंत्रालयों में एक साथ दायित्व निभाते हुए अब उन्हें दिल्ली प्रदेश भाजपा की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
सामाजिक कार्य और व्यक्तित्व
24 अप्रैल 1964 को जन्मे मल्होत्रा पंजाबी समुदाय से आते हैं, जिसकी पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में उल्लेखनीय उपस्थिति है। राजनीति के अलावा वे 'दधीची देह दान समिति' के अध्यक्ष हैं, जो पिछले 27 वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैला रही है।
उनकी विशेष रुचि पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में है। बैडमिंटन, क्रिकेट और तैराकी उनकी पसंदीदा खेल गतिविधियाँ हैं।
दिल्ली भाजपा के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति
मल्होत्रा की नियुक्ति भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें संसदीय अनुभव और जमीनी संगठन कार्य — दोनों को एक साथ साधा जाए। पार्षद से महापौर, फिर सांसद और मंत्री बने मल्होत्रा का राजनीतिक प्रक्षेपपथ पार्टी को दिल्ली में संगठनात्मक मजबूती देने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आने वाले महीनों में वे किस प्रकार केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की दोहरी भूमिका संभालते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।