पुंछ में बाढ़-भूस्खलन से 4 की मौत, 6 लापता; जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शनिवार देर रात से रविवार तड़के के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ का रूप ले लिया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई, मोहम्मद लतीफ सहित छह से अधिक लोग लापता हैं और तीन बच्चों समेत चार लोग घायल हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 से 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुख्य घटनाक्रम
सुरनकोट तहसील सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रही। लोअर मड़ा में एक घर पर भूस्खलन होने से घर के मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पाँच अन्य सदस्य लापता बताए जा रहे हैं। गाँव संगलेयानी में एक 18 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई।
गाँव मरहोट में एक नाबालिग लड़की की नाले में डूबने से जान चली गई। धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। नूनाबंडी गाँव में घर की छत ढहने से 28 वर्षीया नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और 2 से 6 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को सुरक्षित निकालकर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजौरी और थानामंडी में तबाही
राजौरी की दरहाली, खंडली, सुक्तोह और जमोला नदियाँ उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजौरी कस्बे में बेला कॉलोनी के पास दरहाली नदी ने बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी, जिससे नए बस स्टैंड में पानी घुस गया और दर्जनों वाहन बह गए या जलमग्न हो गए। बेला और आसपास के इलाकों में कई परिवार घरों में फँसे हुए हैं और पशुधन के नुकसान की भी खबरें हैं।
थानामंडी में अचानक आई बाढ़ ने चुरुंग, राजधानी और बेहरोट क्षेत्रों को चपेट में लिया। अधिकारियों के अनुसार बेहरोट में एक क्रशर यूनिट में काम करने वाले मजदूर अभी भी फँसे बताए जा रहे हैं।
मंजकोटे तहसील के कोटली कलाबन और गोलिनारी इलाकों में बादल फटने से आई भीषण बाढ़ ने स्थानीय कब्रिस्तान को पूरी तरह बहा दिया और कई कब्रें नष्ट हो गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरे शोक का माहौल है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि जिले भर में बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और राहत अभियान तेज़ कर दिया गया है। फँसे हुए लोगों तक पहुँचने, प्रभावित इलाकों की सफाई और आपातकालीन सहायता वितरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
IMD श्रीनगर ने 19 से 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए सभी निवासियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। फकीर गुजरी, खोनमोह और आसपास के इलाकों के लोगों को पहाड़ी ढलानों, भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों और जलाशयों के निकट न जाने की हिदायत दी गई है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइज़री
पर्यटकों और शिकारा चलाने वालों को डल झील और नागिन झील पर मौसम चेतावनी के दौरान सभी गतिविधियाँ स्थगित रखने को कहा गया है। झेलम नदी और अन्य जलाशयों के किनारे रेत खनन करने वालों को जल स्तर की जाँच किए बिना नदी पार करने या खनन कार्य न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में मानसून की शुरुआत पहले से ही सामान्य से अधिक सक्रिय रही है। राहत और बचाव कार्य जारी है और स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नज़र है।