19 जुलाई 2026
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पुंछ में पुलस्त्य नदी की बाढ़ से दो की मौत, भूस्खलन से सड़कें बंद; उपराज्यपाल ने लिया हालात का जायजा

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पुंछ में पुलस्त्य नदी की बाढ़ से दो की मौत, भूस्खलन से सड़कें बंद; उपराज्यपाल ने लिया हालात का जायजा

सारांश

पुंछ में पुलस्त्य नदी की बाढ़ ने 19 जुलाई को भारी तबाही मचाई — दो की मौत, आठ मलबे में फँसे, दुकानें-वाहन बहे और भूस्खलन से जिले की अधिकतर सड़कें ठप। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाई अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

पुंछ में 19 जुलाई को पुलस्त्य नदी में बाढ़ आने से दो दुकानें , एक आटा चक्की और वाहन सर्विस स्टेशन बह गए।
सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गाँव में मकान गिरने से 18 वर्षीय युवक की मौत; आठ लोग अभी भी मलबे में फँसे।
नूना बांडी गाँव में मकान ढहने से एक महिला की मृत्यु, तीन लोग घायल ।
भूस्खलन के कारण पुंछ जिले के अधिकतर सड़क मार्ग बंद ; राहत कार्य बाधित।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा; एसडीआरएफ , सेना और सिविल प्रशासन राहत में जुटे।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 19 जुलाई को भारी बारिश के कारण पुलस्त्य नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिसने व्यापक तबाही मचाई और दो लोगों की जान ले ली। सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गाँव में एक मकान ढहने से 18 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई, जबकि नूना बांडी गाँव में एक अन्य मकान गिरने से एक महिला की जान गई और तीन लोग घायल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

पुलस्त्य नदी की बाढ़ में दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए, साथ ही कई वाहन भी पानी में बह गए। संगलेयानी गाँव में मकान गिरने के बाद आठ लोग मलबे में फँसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का काम जारी है। भारी बारिश के साथ-साथ भूस्खलन की घटनाओं ने पुंछ जिले के अधिकतर सड़क मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है।

उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी और पुंछ के हालात का जायजा लिया।' उन्होंने बताया कि राजौरी में सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

सिन्हा ने आगे लिखा, 'प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है। सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं और तुरंत राहत एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं।' उन्होंने निवासियों से शांत रहने और केवल आधिकारिक अपडेट का पालन करने का आग्रह किया।

जान-माल का नुकसान

उपराज्यपाल ने राजौरी और पुंछ के हवेली और सुरनकोट इलाकों में हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश से दोनों जिलों में कई घरों को भी नुकसान पहुँचा है।

राहत एवं बचाव कार्य

मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजौरी और पुंछ के सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए और आपातकालीन टीमें किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। एसडीआरएफ और सेना की टुकड़ियाँ मलबे में फँसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की शुरुआत के बाद से जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में बारिश-जनित आपदाओं का सिलसिला जारी है।

आगे क्या

जिले के अधिकतर सड़क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं और उन्हें खोलने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संगलेयानी गाँव में मलबे में फँसे आठ लोगों के बचाव अभियान की स्थिति पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी बुनियादी ढाँचे और पूर्व-चेतावनी प्रणाली की कमी बनी रहती है। उपराज्यपाल का 'हाई अलर्ट' और सोशल मीडिया पोस्ट तात्कालिक राहत की दृष्टि से ज़रूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि संगलेयानी जैसे दूरदराज गाँवों में आपदा-रोधी मकान निर्माण और सड़क संपर्क को मज़बूत करने के लिए दीर्घकालिक योजना कहाँ है। जब तक भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में बस्तियों के लिए ज़ोनिंग नीति और पक्के बचाव मार्ग नहीं बनते, हर मानसून यही दृश्य दोहराया जाएगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में पुलस्त्य नदी की बाढ़ से कितना नुकसान हुआ?
19 जुलाई को पुलस्त्य नदी में आई बाढ़ से दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए और कई वाहन भी पानी में बह गए। इसके अलावा राजौरी और पुंछ में कई घरों को भी नुकसान पहुँचा है।
पुंछ में बाढ़ से कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
पुंछ जिले में दो लोगों की मौत हुई है — संगलेयानी गाँव में मकान गिरने से 18 वर्षीय युवक और नूना बांडी गाँव में मकान ढहने से एक महिला। तीन लोग घायल हैं और आठ लोग अभी भी मलबे में फँसे हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने और आपातकालीन टीमों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए।
पुंछ में भूस्खलन से सड़कें कब खुलेंगी?
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पुंछ जिले के अधिकतर सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर सड़कें खोलने का काम कर रहा है, हालाँकि मौसम की स्थिति को देखते हुए सटीक समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
पुंछ बाढ़ में राहत एवं बचाव कार्य कौन कर रहा है?
एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, सिविल प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और संगलेयानी गाँव में मलबे में फँसे आठ लोगों को निकालने का अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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