पुंछ में पुलस्त्य नदी की बाढ़ से दो की मौत, भूस्खलन से सड़कें बंद; उपराज्यपाल ने लिया हालात का जायजा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 19 जुलाई को भारी बारिश के कारण पुलस्त्य नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिसने व्यापक तबाही मचाई और दो लोगों की जान ले ली। सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गाँव में एक मकान ढहने से 18 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई, जबकि नूना बांडी गाँव में एक अन्य मकान गिरने से एक महिला की जान गई और तीन लोग घायल हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलस्त्य नदी की बाढ़ में दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए, साथ ही कई वाहन भी पानी में बह गए। संगलेयानी गाँव में मकान गिरने के बाद आठ लोग मलबे में फँसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का काम जारी है। भारी बारिश के साथ-साथ भूस्खलन की घटनाओं ने पुंछ जिले के अधिकतर सड़क मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है।
उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी और पुंछ के हालात का जायजा लिया।' उन्होंने बताया कि राजौरी में सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
सिन्हा ने आगे लिखा, 'प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है। सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं और तुरंत राहत एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं।' उन्होंने निवासियों से शांत रहने और केवल आधिकारिक अपडेट का पालन करने का आग्रह किया।
जान-माल का नुकसान
उपराज्यपाल ने राजौरी और पुंछ के हवेली और सुरनकोट इलाकों में हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश से दोनों जिलों में कई घरों को भी नुकसान पहुँचा है।
राहत एवं बचाव कार्य
मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजौरी और पुंछ के सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए और आपातकालीन टीमें किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। एसडीआरएफ और सेना की टुकड़ियाँ मलबे में फँसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की शुरुआत के बाद से जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में बारिश-जनित आपदाओं का सिलसिला जारी है।
आगे क्या
जिले के अधिकतर सड़क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं और उन्हें खोलने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संगलेयानी गाँव में मलबे में फँसे आठ लोगों के बचाव अभियान की स्थिति पर नज़र बनी हुई है।