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क्या किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई? मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

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क्या किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई? मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

सारांश

जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के वरवन क्षेत्र में अचानक बाढ़ ने व्यापक नुकसान पहुँचाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जान-माल के नुकसान के साथ-साथ प्रशासन की कार्रवाई की भी खबरें आ रही हैं।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ में बाढ़ ने बड़ा नुकसान किया है।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बकरवाल समुदाय की सुरक्षा प्राथमिकता है।
लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए टीमें सक्रिय हैं।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रखे हुए है।

जम्मू, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ जिले के वरवन क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान पर गहरी चिंता और दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को तुरंत बहाल किया जाए और ऊपरी इलाकों में रह रहे बकरवाल समुदाय तक पहुंचकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इधर, किश्तवाड़ के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

इससे पहले रियासी और रामबन जिलों में शुक्रवार रात बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग लापता हैं।

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, रियासी जिले के महोर क्षेत्र के बद्दर गांव में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से एक कच्चा मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक दंपति और उनके पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों की पहचान नजीर अहमद (38), उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35), और उनके बच्चे बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (8), मोहम्मद मुबारक (6) और मोहम्मद वसीम (5) के रूप में हुई है।

वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनमें कुछ मकान पूरी तरह बाढ़ के पानी में बह गए।

प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।

बचाव अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी। लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

गौरतलब है कि इस महीने जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ में बाढ़ से क्या नुकसान हुआ?
किश्तवाड़ में बाढ़ ने कई घरों को बहा दिया है और 10 लोगों की जान ले ली है।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों के लिए क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में तेजी लाने और बकरवाल समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं।
क्या प्रशासन ने लापता व्यक्तियों की तलाश कर रहा है?
हाँ, प्रशासन लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए टीमें तैनात कर रहा है।
बाढ़ के कारण कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
कई परिवार प्रभावित हुए हैं और अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
क्या प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझा है?
हाँ, प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और आवश्यक कदम उठा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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