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पुंछ में अचानक बाढ़ का कहर: 10 की मौत, कई लापता; CM उमर अब्दुल्ला ने संभाला मोर्चा

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पुंछ में अचानक बाढ़ का कहर: 10 की मौत, कई लापता; CM उमर अब्दुल्ला ने संभाला मोर्चा

सारांश

पुंछ के बुफलियाज में अचानक आई बाढ़ ने एक ही परिवेश में बच्चों और बुजुर्गों समेत 10 जिंदगियाँ लील लीं। CM उमर अब्दुल्ला खुद मौके पर पहुँच रहे हैं, SDRF और पुलिस राहत में जुटी है — लेकिन लापता लोगों की तलाश अभी जारी है।

मुख्य बातें

पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बुफलियाज में 19 जुलाई को अचानक बाढ़ आई, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई।
अब तक 8 शव बरामद ; मृतकों में 2 वर्षीय सोफयान और 7 वर्षीय मोहम्मद अकरम सहित बच्चे और बुजुर्ग शामिल।
बाढ़ से बिजली खंभे उखड़े , मोबाइल नेटवर्क बाधित ; मुगल रोड व राजौरी-पुंछ हाईवे पर यातायात जारी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने SDRF , पुलिस और प्रशासन को राहत कार्यों में पूरी तरह जुटने के निर्देश दिए।
CM स्वयं दिल्ली से जम्मू रवाना होकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
मौसम विभाग ने जम्मू डिवीजन में और गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बुफलियाज इलाके में 19 जुलाई को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने कम से कम 10 लोगों की जान ले ली और कई अन्य लापता हैं। राजौरी जिले में भी बाढ़ का असर देखा गया। सुरनकोट के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद यूसुफ चौधरी ने बताया कि अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष लापता लोगों की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान जारी है।

मृतकों की पहचान

मारे गए 10 लोगों में से 8 की पहचान हो चुकी है। इनमें नूर सफिया (59 वर्ष), सज्जाद अहमद (16 वर्ष), हकनवाज अहमद (10 वर्ष), शाहनवाज अहमद (10 वर्ष), खालिदा कौसर (25 वर्ष), सोफयान (2 वर्ष), बानो बी (60 वर्ष) और मोहम्मद अकरम (7 वर्ष) शामिल हैं। मृतकों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या इस त्रासदी की गंभीरता को और उजागर करती है।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार, पुंछ जिले के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली के खंभे उखड़ गए और मोबाइल नेटवर्क सेवाएँ बाधित हो गईं, जिससे राहत समन्वय में अतिरिक्त चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। हालाँकि, मुगल रोड और राजौरी-पुंछ हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, 'हालात अभी भी बदल रहे हैं लेकिन प्रशासन की प्राथमिकता कीमती जानों को बचाना है। भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण जिन लोगों की जान गई है या जिनकी संपत्ति और अन्य चीजों का नुकसान हुआ है, सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।'

मुख्यमंत्री ने प्रशासन, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), पुलिस और अन्य एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तरह जुटे रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली से जम्मू रवाना होकर वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री स्थानीय विधायकों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि बदलती परिस्थितियों का सटीक आकलन किया जा सके।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में आगे भी गंभीर मौसमी हालात की चेतावनी जारी की है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले हर वर्ष मानसून के दौरान इस तरह की आपदाओं की चपेट में आते हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल खोज एवं बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जैसे-जैसे संचार सेवाएँ बहाल होंगी, मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि निचले इलाकों में बसे कमज़ोर तबकों तक समय पर सूचना नहीं पहुँची। मोबाइल नेटवर्क और बिजली का एक साथ ठप होना राहत समन्वय को और जटिल बनाता है। जब तक पहाड़ी बस्तियों में स्थायी आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचा और सामुदायिक अलर्ट तंत्र नहीं बनता, ये आँकड़े हर साल दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में अचानक बाढ़ कब और कहाँ आई?
यह बाढ़ 19 जुलाई को पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बुफलियाज इलाके में आई। राजौरी जिले में भी बाढ़ का असर देखा गया।
पुंछ बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई और कितने लापता हैं?
अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से 8 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं और खोज अभियान जारी है।
CM उमर अब्दुल्ला ने पुंछ बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने SDRF , पुलिस और प्रशासन को तत्काल राहत के निर्देश दिए हैं। वे स्वयं दिल्ली से जम्मू रवाना होकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और स्थानीय विधायकों से लगातार संपर्क में हैं।
बाढ़ से बुनियादी ढाँचे को क्या नुकसान हुआ?
पुंछ जिले में बिजली के खंभे उखड़ गए और मोबाइल नेटवर्क सेवाएँ बाधित हो गईं। हालाँकि मुगल रोड और राजौरी-पुंछ हाईवे पर यातायात जारी है।
क्या जम्मू-कश्मीर में और बाढ़ का खतरा है?
मौसम विभाग ने जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में आगे भी गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की है। मानसून सीजन में पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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