पुंछ भूस्खलन में 7 की मौत, दो दिनों में जम्मू क्षेत्र में कुल 26 जानें गईं; बचाव अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सोमवार, 20 जुलाई को भारी बारिश के कारण लोरान-दुमिलन इलाके में हुए ताज़े भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई। सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश में खोज एवं बचाव अभियान जारी है। इससे पहले रविवार को हुई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को मिलाकर दो दिनों में जम्मू क्षेत्र में मरने वालों की कुल संख्या 26 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, लोरान-दुमिलन क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन हुआ, जिसने कई घरों और संपत्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक बाढ़ और भूस्खलन के गंभीर खतरे को देखते हुए मस्जिदों से घोषणाएँ कर लोगों को सतर्क किया गया। पुलिस, नागरिक प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय स्वयंसेवक तत्काल मौके पर पहुँचे।
गौरतलब है कि रविवार को भी भारी बारिश से आई बाढ़ ने पुंछ और राजौरी समेत जम्मू मंडल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹6 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 'यद्यपि किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता जानमाल के अपूरणीय नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, फिर भी शोक संतप्त परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए यह अनुग्रह राशि घोषित की गई है।'
राहत पैकेज में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से ₹4 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से अतिरिक्त ₹2 लाख शामिल हैं। अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
आम जनता पर असर
पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार बारिश से आई बाढ़ ने संपत्ति एवं बुनियादी ढाँचे को व्यापक क्षति पहुँचाई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा पहले से ही अधिक रहता है। कई परिवार विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में ठहराए गए हैं।
बचाव अभियान की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में बहु-एजेंसी बचाव अभियान जारी है। SDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश में मलबा हटाने का काम कर रही हैं। लगातार बारिश बचाव कार्य में बाधा बन रही है। नुकसान का पूरा आकलन अभी भी जारी है।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनज़र अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरी न हो तो घर से न निकलने की अपील की है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। अनुग्रह राशि का वितरण शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।