कॉक्स बाजार भूस्खलन: रोहिंग्या शिविरों में 9 की मौत, 5 बच्चे शामिल — भारी बारिश का कहर
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले में 6 जुलाई 2026 की सुबह भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर हुए भूस्खलन में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। अधिकांश हादसे उखिया उपजिला के रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में हुए, जबकि एक मौत कॉक्स बाजार नगर में दर्ज की गई। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों को खाली करने की अपील जारी की है।
मुख्य घटनाक्रम
सबसे बड़ा हादसा जामटोली कैंप-15 में हुआ, जहाँ पहाड़ी से खिसकी मिट्टी 44 वर्षीय मोहम्मद कमाल हुसैन के घर पर गिर पड़ी। इस हादसे में कमाल हुसैन, उनकी 39 वर्षीय पत्नी हुमायरा बेगम और 4 वर्षीय बेटे मोहम्मद अनस की जान चली गई। मलबे से दो अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
कुतुपालोंग रोहिंग्या कैंप-7 में पहाड़ी ढहने से 7 वर्षीय एकराम की मौत हुई। इसके कुछ घंटों बाद बालुखाली रोहिंग्या कैंप-11 में हुए भूस्खलन में चार और लोगों की जान गई — 27 वर्षीय उम्मे हबीबा, 13 वर्षीय तंजीना अख्तर, 5 वर्षीय मोहम्मद रिहान और 3 वर्षीय हारुनुर रशीद।
कॉक्स बाजार नगर के छत्तरघोना इलाके में एक अलग भूस्खलन में अली अकबर की मौत हो गई। उनके परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने निकालकर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने अली अकबर को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
उखिया की उपजिला निर्वाही अधिकारी पन्ना अख्तर ने कहा, 'प्रशासन लगातार माइक से लोगों को सतर्क कर रहा है और जोखिम वाले क्षेत्रों को खाली करने की सलाह दी जा रही है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।' उखिया प्रशासन ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है।
रोहिंग्या शिविरों पर विशेष खतरा
गौरतलब है कि कॉक्स बाजार में दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर स्थित हैं, जहाँ लाखों रोहिंग्या शरणार्थी पहाड़ी ढलानों पर अस्थायी आश्रयों में रहते हैं। मानसून के दौरान इन शिविरों में भूस्खलन का खतरा हर वर्ष बना रहता है, क्योंकि ये ढाँचे भारी बारिश झेलने में सक्षम नहीं होते। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में मानसून की बारिश असामान्य रूप से तेज़ बताई जा रही है।
आम जनता पर असर
मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे होना इस त्रासदी की गंभीरता को और बढ़ा देता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।