राजौरी बाढ़ बचाव: सेना ने 11 नागरिकों को बचाया, 5 बच्चे भी शामिल; बफलियाज में 10 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना ने रविवार, 19 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बीच तेज़ और समन्वित बचाव अभियान चलाकर 11 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, जिनमें पाँच बच्चे भी शामिल थे। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह अभियान व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर अंजाम दिया।
मुख्य घटनाक्रम
बचाव अभियान दो मोर्चों पर एक साथ चलाया गया। पहले ऑपरेशन में, थानामंडी के दक्षिण में चुरुंग गाँव के पास एक उफनते नाले में फंसे नौ नागरिकों — जिनमें पाँच बच्चे थे — की सूचना मिलते ही सेना के जवान तत्काल मौके पर पहुँचे। तेज़ जलधारा और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सभी को सुरक्षित निकाला गया।
दूसरे समानांतर अभियान में, इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों ने राजौरी से लगभग 12 किलोमीटर दूर धनगरी के पास नौशेरा तवी नदी के बीच एक टापू पर फंसे 17 से 20 वर्ष की आयु के दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में दोनों युवकों को राजौरी के नागरिक प्रशासन अधिकारियों की उपस्थिति में उनके परिवारों को सौंपा गया।
व्यापक तबाही का मंज़र
अचानक आई बाढ़ ने पुंछ और राजौरी जिलों में भारी तबाही मचाई है। बफलियाज इलाके में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण कई इलाकों में संपर्क टूट गया है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मानसून के दौरान इस तरह की आपदाएँ हर वर्ष जनजीवन को बाधित करती हैं, लेकिन इस बार पुंछ और राजौरी में एक साथ आई बाढ़ की तीव्रता असाधारण रही।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह ही बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला राहत एवं बचाव कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी के लिए नई दिल्ली से तत्काल जम्मू लौटे।
सेना और एजेंसियों का समन्वय
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सेना, पुलिस, SDRF और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के बीच बेहतरीन तालमेल ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों बचाव अभियान बिना किसी जान-माल के अतिरिक्त नुकसान के सफलतापूर्वक पूरे हों। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना संकट के समय नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहने के अपने संकल्प पर अडिग है।
आगे की स्थिति
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं और लापता लोगों की तलाश में अभियान चल रहा है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र प्रशासन सतर्क है। यह घटना एक बार फिर इस क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की ज़रूरत को रेखांकित करती है।