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क्या जम्मू में बाढ़ ने 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया?

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क्या जम्मू में बाढ़ ने 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया?

सारांश

जम्मू में बाढ़ के कारण 3500 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अभियान चलाया गया है। जानें इस आपदा के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

3500 से अधिक लोगों को बाढ़ से बचाया गया।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकाला।
अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई।
बाढ़ के दौरान प्रशासन का समन्वयित प्रयास महत्वपूर्ण था।

जम्मू, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू जिले में लगातार भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। इसके परिणामस्वरूप, जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर एक त्वरित बचाव अभियान शुरू किया। इस अभियान में 3500 से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

प्रशासन का फोकस संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकालने, उन्हें अस्थायी आश्रय, भोजन, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधाएं देने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को पुनर्स्थापित करने पर है।

आरएस पुरा से 85 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। परगवाल के हमीरपुर कोना और गुजराल गांव से 347 निवासियों को अखनूर और जम्मू में स्थानांतरित किया गया। उत्तर जम्मू के नई बस्ती और लोअर मुठी से 160 लोगों को मुठी के कैलाश रिसॉर्ट्स में शरण दी गई, जहाँ लंगर की व्यवस्था की गई है। नगरोटा में 100 लोगों को कोंडोली मंदिर ले जाया गया, और मरम्मत दल राजमार्गों से मलबा हटाकर आपातकालीन सेवाओं के लिए मार्ग खोल रहे हैं।

सुचेतगढ़ के बदयाल कजियां और टिब्बा बैंस में मकान ढहने के बाद 15 सदस्यों के दो परिवारों को बचाया गया। जम्मू के इंद्र नगर और बल्लोल में 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, कुछ को बृज नगर में स्थानांतरित किया गया। सित्तरियाला में 45 लोगों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जौरियां में राहत शिविर स्थापित किया गया। सतवारी में 300 निवासियों को एचएसएस सतवारी में स्थानांतरित किया गया, जहाँ सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

खौर और परगवाल में इंद्री, मान चक, बकोरे, हमीरपुर कोना और गजराल से 500 से अधिक लोगों को बचाया गया। खौर में 48 लोगों को सरकारी हाई स्कूल गर्खल और 50 लोगों को सामुदायिक भवन गर्खल में रखा गया है। जिला प्रशासन ने यूथ हॉस्टल जम्मू सहित कई राहत शिविर स्थापित किए हैं। मुथी और सतवारी में सामुदायिक रसोई संचालित हो रही हैं, और सभी राहत स्थलों पर चिकित्सा दल तैनात हैं।

उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों की सराहना की, जिनके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत कार्यों की प्रगति के साथ और जानकारी साझा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब कैसे समाज एकजुट होकर संकट का सामना करता है। यह किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण है कि वह अपनी जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए?
जम्मू में बाढ़ के कारण 3500 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
बचाव अभियान में जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस , भारतीय सेना , एनडीआरएफ , एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल थे।
बाढ़ से प्रभावित लोगों को कहाँ स्थानांतरित किया गया?
बाढ़ से प्रभावित लोगों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जैसे मुठी के कैलाश रिसॉर्ट्स और एचएसएस सतवारी।
राष्ट्र प्रेस
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