अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 'प्रगति 2026' में बेटियों का बेहतरीन प्रदर्शन, 75 जिलों की 850 बालिकाओं ने आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 'प्रगति 2026' में बेटियों का बेहतरीन प्रदर्शन, 75 जिलों की 850 बालिकाओं ने आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया

सारांश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित 'प्रगति 2026' उत्सव में 75 जिलों की 850 बालिकाओं ने अपने आत्मविश्वास और प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • बेटियों की प्रतिभा का सम्मान और प्रदर्शन किया गया।
  • सशक्तिकरण और शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने पर जोर दिया गया।
  • मुख्य अतिथि संदीप सिंह ने बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • कार्यक्रम में 75 जिलों की प्रतिभागियों ने रचनात्मक प्रस्तुतियां दी।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लैंगिक समानता का संदेश दिया गया।

लखनऊ, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से राजधानी लखनऊ में एक राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति 2026 : आत्मसम्मान से समानता तक’ का आयोजन किया। गोमती नगर के विभूति खंड स्थित दयाल गेटवे में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जनपदों से आई बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं में आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता का विकास कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी और यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के चीफ जकारी ऐडम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मविश्वास और अवसरों की समानता से ही बालिकाएं समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जिलों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जनपद और मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद 18 मंडलों से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों ने राज्य स्तरीय मंच पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से बेटियों की क्षमता और आत्मविश्वास को प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, गीत, नृत्य और योग प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता का संदेश प्रभावी रूप से दिया गया। बच्चों की ओर से तैयार की गई कॉमिक बुक और प्रेरणादायक अनुभव साझा करने के विशेष सत्रों ने भी उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। कार्यक्रम में खेल, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 23 विशेष बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इनमें मुरादाबाद की भावना और लखनऊ की अनोखीपायल पाल को खेल उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला, जबकि बरेली की वंशिका यादव और शिखा गंगवार को ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए सराहा गया।

इसी तरह अलग-अलग जिलों की अन्य बेटियों को भी शिक्षा, खेल और सामाजिक नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विषयों पर आधारित 22 विशेष स्टॉल भी लगाए गए, जो पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण बने। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, अभिभावक सहभागिता और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी गतिविधियों को रोचक और संवादात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।

गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री, विज्ञान नवाचार, कॉमिक बुक निर्माण और कठपुतली प्रस्तुतियों ने बच्चों और अभिभावकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। स्टॉलों को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया था। पहले और दूसरे जोन में शिक्षकों द्वारा तैयार गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्री और कठपुतली प्रस्तुतियों के माध्यम से जेंडर समानता, बाल अधिकार और जीवन कौशल से जुड़े संदेश दिए गए। तीसरे जोन में सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं।

वहीं, चौथे जोन में करियर परामर्श, अभिभावक संवाद, नेतृत्व विकास और बाल संसद जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को भविष्य के अवसरों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस तरह ‘प्रगति 2026’ कार्यक्रम ने बालिकाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मंच देते हुए शिक्षा के माध्यम से समानता और सशक्तिकरण के संदेश को व्यापक रूप से मजबूत किया।

Point of View

बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी उठाया है। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से कैसे सामाजिक परिवर्तन संभव है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

प्रगति 2026 कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
प्रगति 2026 कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं में आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
इस कार्यक्रम में कितने जिलों की बालिकाएं शामिल हुईं?
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की बालिकाएं शामिल हुईं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए गए?
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नुक्कड़ नाटक, गीत, नृत्य और योग प्रदर्शन शामिल रहे।
किस मंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया?
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम का आयोजन किसके सहयोग से किया गया?
इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से किया।
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