लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘प्रगति-आत्मसम्मान’ का भव्य आयोजन
सारांश
Key Takeaways
- लडकियों का सशक्तिकरण महत्वपूर्ण है।
- लैंगिक समानता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- कार्यक्रम में 900 प्रतिभागी शामिल होंगे।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
- उत्कृष्ट बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा।
लखनऊ, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रविवार को 'प्रगति-आत्मसम्मान' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से 'प्रगति 2026: आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' विषय पर दयाल गेटवे, विभूति खंड, गोमती नगर में आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को प्रोत्साहित करना है।
इस आयोजन के तहत, बालिकाओं की शिक्षा, आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह होंगे। इसके अलावा, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा, समग्र शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 900 प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें छात्राएं, शिक्षक, जिला समन्वयक और शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान, बालिकाएं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नुक्कड़ नाटक, योग प्रदर्शन और महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न गतिविधियां प्रस्तुत करेंगी, जो बेटियों की प्रतिभा, आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता को उजागर करेंगी।
एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न जिलों से चयनित 20 बालिकाओं और पूर्व छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाली बालिकाओं में भावना (मुरादाबाद), अनोखी (लखनऊ), पायल पाल (लखनऊ), शिखा गंगवार (बरेली), नेहा सागर (बरेली), वंशिका यादव (बरेली), सोनी, प्राची, प्रियंशी और तमन्ना (बुलन्दशहर), लाली एवं शेख राफिया (उन्नाव), छाया चौरेसिया (मऊ), गरिमा (आजमगढ़) तथा शगुन विश्वकर्मा (भदोही) शामिल हैं।
इन बालिकाओं ने खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके अलावा, पूर्व छात्राओं में मैसर जहां (बिजनौर), शिवानी (झांसी), निधि वर्मा (लखीमपुर), शाहीन (बाराबंकी) और रेखा सिंह (गाजियाबाद) को भी उनके सामाजिक योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा तैयार की गई कॉमिक बुक, बालिकाओं की प्रेरणादायक कहानियों और उनके अनुभव साझा करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।