नवारंभ उत्सव: २५ मार्च को रेत लेखन से प्रारंभिक शिक्षा की नई शुरुआत
सारांश
Key Takeaways
- नवारंभ उत्सव का आयोजन २५ मार्च को होगा।
- उत्सव का उद्देश्य बच्चों के लिए प्रेरक शिक्षा की शुरुआत करना है।
- बालवाटिका में रेत पर लेखन जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।
- अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
- खेल आधारित शिक्षा से बच्चों का समग्र विकास होगा।
लखनऊ, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा २५ मार्च को राज्य के सभी बालवाटिका (सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्र) वाले विद्यालयों में नवारंभ उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रयास के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करते हुए बच्चों के शैक्षिक जीवन की सहज और प्रेरणादायक शुरुआत सुनिश्चित की जा रही है।
इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा विकासखंड सरोजनीनगर के ग्राम रामचौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय की बालवाटिका से किया जाएगा।
उत्सव के दौरान ३ से ४ वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को रेत पर लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जिससे सीखने की प्रक्रिया को खेल-आधारित और रोचक बनाया जा सके। साथ ही, ३ से ६ वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने और ६ वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों के कक्षा १ में प्रवेश को सरल एवं आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस आयोजन में अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता को सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे बाल शिक्षा के प्रति सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार किया जा सके। यह पहल बच्चों के प्रारंभिक सीखने के अनुभव को समृद्ध करने के साथ-साथ विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बालवाटिका नवारंभ उत्सव के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रखी जा रही है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि खेल आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों के समग्र विकास, जिज्ञासा और सीखने की क्षमता को प्रारंभिक स्तर से ही सशक्त किया जा रहा है।