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भेकासन रोज़ाना करें: रीढ़ में लचीलापन, मांसपेशियों में ताकत — आयुष मंत्रालय की सलाह

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भेकासन रोज़ाना करें: रीढ़ में लचीलापन, मांसपेशियों में ताकत — आयुष मंत्रालय की सलाह

सारांश

आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित भेकासन — उर्फ मेंढक आसन — रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और पीठ, पेट, घुटने व टखनों की मांसपेशियों को मज़बूत करता है। बैठकर काम करने की आधुनिक दिनचर्या में यह आसन शरीर को फुर्तीला और हल्का बनाने का सरल व प्रभावी तरीका है।

मुख्य बातें

भेकासन संस्कृत के शब्द 'भेक' (मेंढक) और 'आसन' (मुद्रा) से बना है; इसे मेंढक आसन भी कहते हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार इस आसन से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और चलने-फिरने में सुविधा होती है।
पीठ का निचला हिस्सा, बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, पेट, पैर, टखने, घुटने और जाँघें — सभी इस आसन से लाभान्वित होते हैं।
नियमित अभ्यास से एड़ियाँ, घुटने और टखने मज़बूत होते हैं।
कलाई/कोहनी दर्द और उच्च रक्तचाप के रोगी इसे विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।

भेकासन — जिसे मेंढक आसन भी कहते हैं — योगासन पद्धति का एक महत्वपूर्ण आसन है, जिसे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने और शरीर को हल्का व फुर्तीला बनाने के लिए उपयोगी बताया है। आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास लाभकारी माना जाता है।

भेकासन क्या है और इसका नाम कैसे पड़ा

भेकासन संस्कृत के दो शब्दों से बना है — 'भेक' अर्थात मेंढक, और 'आसन' अर्थात मुद्रा। इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति मेंढक के समान हो जाती है, इसीलिए इसे मेंढक आसन भी कहा जाता है। इसमें पीठ को पीछे की ओर मोड़कर स्ट्रेच किया जाता है, जिसके लिए रीढ़ की हड्डी के मध्य हिस्से में पर्याप्त लचीलापन और ताकत आवश्यक होती है।

आयुष मंत्रालय का दृष्टिकोण

आयुष मंत्रालय के अनुसार, भेकासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है, जिससे चलने-फिरने में सुविधा होती है और शरीर हल्का महसूस होता है। मंत्रालय इसे समग्र शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी योगाभ्यास मानता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बैठकर काम करने की जीवनशैली के कारण पीठ और रीढ़ की समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

किन मांसपेशियों को मिलता है फायदा

भेकासन के अभ्यास से शरीर के कई प्रमुख हिस्सों की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं। इनमें पीठ का निचला हिस्सा, बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, पेट की मांसपेशियाँ, पैर, टखने, घुटने और जाँघें शामिल हैं। मांसपेशियों में खिंचाव और क्रमिक मज़बूती के कारण शरीर अधिक फुर्तीला बनता है। इसके निरंतर अभ्यास से एड़ियाँ, घुटने और टखने भी मज़बूत होते हैं।

भेकासन करने की सही विधि

भेकासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर आराम से लेट जाएँ। इसके बाद धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और पैरों को पीछे की ओर सिर के करीब लाने का प्रयास करें। दोनों हाथों से टखनों या पैरों को पकड़ लें और सुनिश्चित करें कि छाती जमीन से लगी रहे तथा साँस सहज बनी रहे। इस स्थिति में कुछ सेकंड टिके रहें, फिर धीरे-धीरे पैर छोड़कर विश्राम करें।

सावधानियाँ और किसे नहीं करना चाहिए

जिन लोगों को कलाई या कोहनी में दर्द हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। उच्च रक्तचाप के रोगियों को इसे करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है। किसी भी नए योगाभ्यास को शुरू करने से पहले प्रशिक्षित प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में सीखना बेहतर रहता है। नियमित और सही तरीके से किया गया भेकासन दीर्घकालिक शारीरिक स्वास्थ्य में सहायक सिद्ध हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ज़रूरी है कि इन सिफारिशों के साथ पर्याप्त नैदानिक साक्ष्य और प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शहरी भारत में बैठकर काम करने की संस्कृति के चलते पीठ और रीढ़ की समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, ऐसे में योग को सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति से जोड़ना सही दिशा है। हालाँकि, बिना प्रशिक्षण के जटिल बैकबेंड आसन करने से चोट का जोखिम भी रहता है — यह चेतावनी अक्सर सरकारी प्रचार सामग्री में गायब रहती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भेकासन क्या है और इसे मेंढक आसन क्यों कहते हैं?
भेकासन संस्कृत के 'भेक' (मेंढक) और 'आसन' (मुद्रा) शब्दों से बना है। इस आसन में शरीर की स्थिति मेंढक जैसी हो जाती है, इसीलिए इसे मेंढक आसन भी कहते हैं।
भेकासन के क्या-क्या फायदे हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार भेकासन से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और शरीर हल्का महसूस होता है। इसके अलावा पीठ, पेट, बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, घुटने, टखने और जाँघों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं।
भेकासन करने का सही तरीका क्या है?
पेट के बल लेटें, घुटने मोड़ें और पैरों को पीछे की ओर सिर के करीब लाएँ। दोनों हाथों से टखने या पैर पकड़ें, छाती जमीन से लगाए रखें और साँस सहज रखें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें, फिर धीरे-धीरे विश्राम करें।
किन लोगों को भेकासन नहीं करना चाहिए?
जिन्हें कलाई या कोहनी में दर्द हो, वे यह आसन न करें। उच्च रक्तचाप के रोगी इसे केवल किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह पर ही करें।
भेकासन को रोज़ाना कितने समय तक करना चाहिए?
शुरुआत में इस स्थिति में कुछ सेकंड से आरंभ करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ। किसी प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में अभ्यास करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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