क्या भेकासन से पाचन सुधारने और पीठ दर्द से राहत मिल सकती है?

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क्या भेकासन से पाचन सुधारने और पीठ दर्द से राहत मिल सकती है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भेकासन आपके पाचन सुधारने और पीठ दर्द से राहत दिला सकता है? इस लेख में हम भेकासन के अद्भुत फायदों के बारे में जानेंगे, जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मन को भी शांति प्रदान करता है। योग के इस प्रभावशाली आसन को अपने दिनचर्या में शामिल करें और स्वास्थ्य में सुधार करें।

मुख्य बातें

भेकासन से पाचन तंत्र में सुधार होता है।
यह पीठ दर्द से राहत देने में मदद करता है।
इससे मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है।
ध्यान और शांति को बढ़ावा देता है।
यह वजन नियंत्रण में सहायक है।

नई दिल्ली, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। क्या आप अपने दिन की शुरुआत सुकून और ताजगी के साथ करना चाहते हैं? तो योग से बेहतर कोई उपाय नहीं है। जब शरीर को मजबूत बनाने और लचीलापन बढ़ाने की बात आती है, तो भेकासन यानी मेंढक मुद्रा एक बेहतरीन विकल्प है। 'भेकासन' नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, 'भेक' और 'आसन'। 'भेक' का अर्थ 'मेंढक' है और 'आसन' का अर्थ 'मुद्रा' से है, यानी इस आसन में शरीर की स्थिति कुछ-कुछ मेंढक जैसी होती है। यह योगासन उन लोगों के लिए रामबाण है जो घंटों एक ही स्थान पर बैठे रहते हैं। भेकासन न केवल शरीर को ताकत देता है, बल्कि मन

भारत सरकार के अनुसार, भेकासन करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है, जिससे चलने-फिरने में आसानी होती है और शरीर हल्का महसूस होता है।

इस आसन से शरीर के कई हिस्सों की मांसपेशियों को लाभ होता है। विशेष रूप से पीठ का निचला हिस्सा, बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, पेट, पैर, टखने, घुटने, और जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इस आसन के अभ्यास से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनकी ताकत धीरे-धीरे बढ़ती है, जिससे शरीर अधिक फुर्तिला और मजबूत बनता है।

भेकासन मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में काफी प्रभावशाली है। इसे करने से शरीर के कई हिस्सों पर दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रोजाना अभ्यास से शरीर में एक अलग मजबूती का अनुभव होता है।

इस आसन से फेफड़ों की ताकत भी बढ़ती है और सांस लेने की क्षमता में सुधार होता है। जब आप गहराई से सांस लेते हैं, तो फेफड़े अच्छे से फैलते हैं और अधिक ऑक्सीजन अंदर जाती है। इससे सांस की गति भी संतुलित रहती है और थकान से राहत मिलती है।

भेकासन करने से एड्रेनल ग्लैंड सक्रिय हो जाती है, जो किडनी के ऊपर होती है। यह ग्रंथि हमारे शरीर में हार्मोन का संतुलन बनाए रखती है, विशेषकर तनाव के समय। जब हम भेकासन करते हैं, तो पेट और पीठ पर दबाव पड़ता है, जिससे यह ग्रंथि बेहतर काम करने लगती है।

यह अग्नाशय की कार्यक्षमता में भी सुधार लाता है। इस आसन के दौरान जब पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, तो अग्नाशय की गतिविधियां तेज हो जाती हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन का स्तर बेहतर बना रहता है।

भेकासन करने से पाचन तंत्र में सुधार होता है। इससे पेट और आसपास की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया तेज हो जाती है। इससे खाना जल्दी पचता है और गैस या कब्ज जैसी समस्याएं कम होती हैं।

यदि आप वजन कम करने की सोच रहे हैं, तो भेकासन आपके लिए एक उत्तम विकल्प है। यह आसन शरीर की कैलोरी को कम करता है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है।

भेकासन करने के लिए सबसे पहले आराम से पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें और पैरों को पीछे की ओर लेकर सिर के करीब लाएं। दोनों हाथों से अपने टखनों या पैरों को पकड़ें। ध्यान रखें कि छाती जमीन से लगी रहे और सांस सहज बनी रहे। इस स्थिति में कुछ सेकंड तक टिके रहें, फिर धीरे-धीरे पैरों को खोलकर आराम करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

भेकासन जैसे योगासन न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ समाज की निर्माण में भी योगदान करते हैं। योग का अभ्यास करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। इसलिए, हमें योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भेकासन के क्या फायदे हैं?
भेकासन करने से पाचन सुधारता है, पीठ दर्द से राहत मिलती है, मांसपेशियों में ताकत बढ़ती है और तनाव कम होता है।
भेकासन कैसे किया जाता है?
भेकासन करने के लिए, पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और पैरों को सिर के करीब लाएं।
क्या भेकासन वजन कम करने में मदद करता है?
हां, भेकासन कैलोरी को कम करने में मदद करता है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है।
भेकासन करने से कौन-कौन सी मांसपेशियां मजबूत होती हैं?
इससे पीठ, पेट, पैर और हाथों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
भेकासन का अभ्यास कब करना चाहिए?
आप इसे सुबह के समय खाली पेट करना सबसे अच्छा मान सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस