क्या भद्रासन सिर्फ आसन है, या शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का साधन?
सारांश
Key Takeaways
- शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए भद्रासन लाभकारी है।
- मानसिक शांति के लिए नियमित अभ्यास करें।
- यह तनाव को कम करने में मदद करता है।
- भद्रासन का अभ्यास पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
- सावधानी बरतें, खासकर अगर घुटनों में दर्द हो।
नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। रोजाना योगासन से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस संदर्भ में एक खास योगासन है, भद्रासन।
इसके नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है और तनाव में कमी आती है।
संस्कृत में 'भद्रासन' का अर्थ होता है 'भद्र,' जिसका अर्थ है 'शुभ,' और 'आसन,' जिसका मतलब है 'बैठने की मुद्रा।' यह आसन शरीर को आंतरिक मजबूती प्रदान करता है और मांसपेशियों को ताकतवर बनाता है। साथ ही, यह जांघों, घुटनों और कूल्हों की मांसपेशियों को भी सशक्त करता है। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और पीठ तथा कमर की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है, जिससे शरीर स्वस्थ और स्थिर बना रहता है।
भद्रासन करने के लिए सबसे पहले एक योगा मैट पर पालथी मारकर बैठें। आपके पैर को फर्श से अच्छे से जुड़ना चाहिए। फिर, धीरे-धीरे पैरों को बाहर की ओर फैलाएं और तलवों को आपस में मिलाएं। अब, अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ें। रीढ़ को सीधा रखते हुए कंधों को आराम दें। सिर को सीधा रखें और सामने देखें। अब गहरी और धीमी सांस लें। सांस लेते समय रीढ़ को और सीधा करें और सांस छोड़ते समय शरीर को ढीला छोड़ें। इस आसन में 2-5 मिनट तक रहें, अपनी क्षमता के अनुसार, और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन से पाचन तंत्र में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्याएं कम होती हैं। साथ ही, यह भोजन के पाचन में सहायक होता है और मानसिक सतर्कता को बढ़ाता है। सिरदर्द, कमर दर्द और अनिद्रा जैसी परेशानियों से भी राहत मिलती है।
भद्रासन को हर उम्र के लोग कर सकते हैं, लेकिन योग विशेषज्ञ कुछ सावधानियों का पालन करने की सलाह देते हैं। अगर घुटने या कूल्हों में गंभीर दर्द हो, तो डॉक्टर से परामर्श लें। शुरुआत में ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए और अभ्यास का समय धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।