सरल धनुरासन: रीढ़ की लचक और मानसिक शांति के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह, जानें सही विधि
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की तैयारियों के बीच सरल धनुरासन को रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और मानसिक तनाव घटाने के लिए एक प्रभावी योगासन के रूप में अनुशंसित किया है। मंत्रालय के अनुसार, यह आसन शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को गहरा खिंचाव देता है और नियमित अभ्यास से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार आता है।
आधुनिक जीवनशैली में क्यों जरूरी है यह आसन
योग विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में अधिकांश लोग लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करते हैं, जिससे पीठ और रीढ़ से जुड़ी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सरल धनुरासन शरीर को पुनः सक्रिय करने का एक सरल और प्रभावशाली उपाय माना जाता है। यह आसन मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ शरीर में ऊर्जा का संचार भी बढ़ाता है।
सरल धनुरासन की सही अभ्यास विधि
इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले पेट के बल किसी समतल स्थान पर लेट जाएँ। इसके बाद माथे को जमीन पर टिकाते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और टखनों को हाथों से पकड़ें। अब गहरी साँस लेते हुए सिर, छाती और घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएँ। पैरों को हाथों की सहायता से ऊपर खींचने पर शरीर धनुष की आकृति बना लेता है। कुछ क्षण इस स्थिति में रुकने के बाद साँस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें और शरीर को विश्राम दें।
विशेषज्ञों की सावधानियाँ
योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस आसन का अभ्यास करते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए और शरीर की क्षमता के अनुसार ही धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए। जिन व्यक्तियों को गंभीर पीठ दर्द, रीढ़ की कोई समस्या अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, उन्हें किसी प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही यह आसन करना चाहिए।
आयुष मंत्रालय की व्यापक योग जागरूकता मुहिम
गौरतलब है कि भारत सरकार का आयुष मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में लगातार विभिन्न योगासनों की जानकारी साझा कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें। सरल धनुरासन इस श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले योग दिवस पर इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वास्थ्य लाभ उठाया जा सकता है।