पाकिस्तानी हवाई हमलों में 4 अफगान नागरिक मारे गए, तालिबान ने दिया 'निर्णायक जवाब' का संकेत
सारांश
मुख्य बातें
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 24 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों पर किए गए हवाई हमलों में 4 आम नागरिक मारे गए हैं। एक्स पर जारी अपनी पोस्ट में मुजाहिद ने इन हमलों को 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताते हुए पाकिस्तानी सैन्य शासन के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।
मुख्य घटनाक्रम
तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने एक्स पर जारी अपने बयान में कहा, 'अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार लोगों को भरोसा दिलाती है कि पाकिस्तानी सैन्य शासन की आक्रामकता और हमलों की इन शर्मनाक हरकतों का एक निर्णायक रुख अपनाकर उचित जवाब दिया जाएगा।' उन्होंने इन हमलों को सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों-सिद्धांतों का 'खुला उल्लंघन' और 'आक्रामकता और अपराध का स्पष्ट कृत्य' करार दिया।
मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य पक्ष के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि 'ड्रोन कथित तौर पर अफगानिस्तान से उनके इलाके में घुस आए थे।' उन्होंने इसे अफगान क्षेत्र पर हमले को उचित ठहराने की 'स्पष्ट कोशिश' बताया।
तालिबान की कड़ी चेतावनी
मुजाहिद ने आगाह किया कि ऐसी 'लापरवाह, गैरजिम्मेदाराना और शत्रुतापूर्ण हरकतें' अफगान लोगों के गुस्से को भड़काएंगी और पाकिस्तानी सैन्य शासन के लिए इसके 'बुरे नतीजे' होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ये हमले पाकिस्तान की अपनी 'आंतरिक समस्याओं से निपटने में असमर्थता' को छुपाने की कोशिश हैं।
पूर्व राष्ट्रपति करजई की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी एक्स पर अपनी पोस्ट में इस्लामाबाद की 'लगातार आक्रामक नीति' की कड़ी आलोचना की। करजई ने लिखा, 'पाकिस्तान ने एक बार फिर हमारे प्यारे देश के कंधार, खोस्त और पक्तिया में बमबारी की। ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद उस नकारात्मक नीति को छोड़ने का इरादा नहीं रखता है, जिसकी आग अब उसके अपने दरवाजे तक भी पहुंच गई है।'
करजई ने यह भी कहा, 'सभी अफगान, बिना किसी भेदभाव के, पाकिस्तान की इन आक्रामक हरकतों के खिलाफ एकजुट और दृढ़ हैं।' उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अफगानिस्तान के साथ 'अच्छे पड़ोसी वाले संबंध' का रास्ता चुनने का आह्वान किया।
ताज़ा हमलों का संदर्भ
गौरतलब है कि ये ताज़ा हमले पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं, जिनमें 3 लोग मारे गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
क्या होगा आगे
तालिबान के 'निर्णायक जवाब' की चेतावनी और करजई की टिप्पणियों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार कूटनीतिक या अन्य माध्यमों से किस प्रकार की कार्रवाई करती है। विश्लेषकों के अनुसार, बार-बार होने वाले इन हमलों से दोनों देशों के बीच गहराता संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।