26 सितंबर 2026
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पाकिस्तान मक्का समझौते से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा: तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद

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पाकिस्तान मक्का समझौते से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा: तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद

सारांश

तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद का सीधा आरोप — पाकिस्तान मक्का रक्षा समझौते की ज़िम्मेदारी से बचने और घरेलू संकट छुपाने के लिए अफगानिस्तान पर बम बरसा रहा है। एक हफ्ते में दो बार हमले, सात नागरिकों की मौत और काबुल की कड़ी चेतावनी — यह सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, खतरनाक बढ़ोतरी है।

मुख्य बातें

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 25 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तान मक्का समझौते से बचने और घरेलू संकट से ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिनमें 4 नागरिकों की मौत हुई।
21 सितंबर 2026 को कुनार और पक्तिका में हुए पिछले हमलों में 3 लोग मारे गए थे — एक सप्ताह से कम में दो बार हमले।
मक्का रक्षा समझौता ( 7 अगस्त 2026 ) के तहत सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने सामूहिक सुरक्षा प्रतिबद्धता ली थी।
मुजाहिद ने एक्स पर हमलों को 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताया और इस्लामिक अमीरात की ओर से 'दृढ़ जवाब' की चेतावनी दी।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 25 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी बिगड़ती आंतरिक स्थिति से जनता का ध्यान हटाने और मक्का रक्षा समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछा छुड़ाने के लिए अफगानिस्तान पर हवाई हमले कर रहा है। उनका यह बयान पाकिस्तानी सेना द्वारा कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों में किए गए ताज़ा हवाई हमलों के बाद आया है, जिनमें चार नागरिकों की मौत हुई।

मुजाहिद के आरोप और बयान का संदर्भ

कंधार के एक धार्मिक मदरसे में बोलते हुए मुजाहिद ने कहा कि इस्लामाबाद की बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक परेशानियों तथा घरेलू विरोध प्रदर्शनों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हालिया हमलों का उद्देश्य सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते से बचना और यह दिखाना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में युद्ध लड़ रहा है।'

अफगान मीडिया संस्थान एरियाना न्यूज़ के अनुसार, मुजाहिद ने आगे कहा, 'पाकिस्तान अपने पड़ोसी इस्लामिक देश की सीमा का उल्लंघन करके अपनी नाकामियों से ध्यान हटाना चाहता है।'

मक्का समझौता क्या है और इसका महत्व

7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत किसी एक हस्ताक्षरकर्ता देश पर सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, जिसका उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा को मज़बूत करना था। मुजाहिद का आरोप है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में कथित 'युद्ध' दिखाकर सऊदी अरब की इस प्रतिरक्षा छत्रछाया का लाभ उठाना चाहता है।

पाकिस्तानी हमलों का ताज़ा घटनाक्रम

गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिनमें चार नागरिक मारे गए। ये हमले 21 सितंबर 2026 को कुनार और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों के कुछ दिनों बाद हुए, जिनमें तीन लोगों की जान गई थी। इस प्रकार कथित तौर पर एक सप्ताह से भी कम समय में लगातार दो बार अफगानिस्तान के कई प्रांतों को निशाना बनाया गया है।

मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताया और कहा कि ये 'सभी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन' तथा 'आक्रामकता और अपराध' का स्पष्ट उदाहरण हैं।

पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर तालिबान की टिप्पणी

मुजाहिद ने पाकिस्तान के घरेलू हालात की भी आलोचना की। उनका दावा है कि वहाँ राजनीतिक गतिविधियों के लिए जगह सिकुड़ गई है, कानूनी स्वतंत्रताएँ सीमित हो गई हैं और आर्थिक स्थिति 'काफी खराब' हो चुकी है। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर अपनी कथित 'गलत स्थिति' के चलते अपने ही नागरिकों को खतरे में डालने का आरोप लगाया।

तालिबान की चेतावनी और आगे की राह

मुजाहिद ने स्पष्ट किया कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान पाकिस्तानी सैन्य शासन की 'धमकी और दबाव' का 'दृढ़ रुख के साथ उचित जवाब' देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी 'लापरवाह और शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयाँ' अफगान जनता में गुस्सा भड़काएँगी और पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के लिए 'प्रतिकूल परिणाम' लेकर आएँगी। यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कूटनीतिक रास्ते संकरे होते दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकट को और गहरा करती है। असली सवाल यह है कि क्या मक्का समझौते के अन्य हस्ताक्षरकर्ता — सऊदी अरब और तुर्की — इस टकराव में मध्यस्थ की भूमिका निभाएँगे या चुप्पी साधे रहेंगे। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चेतावनी है जिस पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान आवश्यक है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तालिबान ने पाकिस्तान पर मक्का समझौते से बचने का आरोप क्यों लगाया?
तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद का आरोप है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर हमले इसलिए कर रहा है ताकि वह 7 अगस्त 2026 को हुए मक्का रक्षा समझौते की जिम्मेदारियों से बच सके और यह दिखा सके कि वह पहले से ही एक युद्ध में उलझा हुआ है। साथ ही उनका कहना है कि इस्लामाबाद अपनी घरेलू राजनीतिक और आर्थिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भी इन हमलों का इस्तेमाल कर रहा है।
मक्का रक्षा समझौता क्या है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
मक्का रक्षा समझौते पर 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत किसी एक देश पर सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, यानी सामूहिक सुरक्षा का सिद्धांत लागू होगा।
पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान के किन-किन इलाकों पर हमले किए हैं?
पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को अफगानिस्तान के कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिनमें चार नागरिकों की मौत हुई। इससे पहले 21 सितंबर 2026 को कुनार और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों में तीन लोग मारे गए थे।
तालिबान ने पाकिस्तानी हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने एक्स पर पोस्ट कर हमलों को 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताया और कहा कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान इन हमलों का 'दृढ़ रुख के साथ उचित जवाब' देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों के पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के लिए प्रतिकूल परिणाम होंगे।
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति को लेकर तालिबान ने क्या कहा?
मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तान में राजनीतिक गतिविधियों की जगह सिकुड़ गई है, कानूनी स्वतंत्रताएँ सीमित हैं और आर्थिक हालात 'काफी खराब' हैं। उनके अनुसार पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अपनी कथित 'गलत स्थिति' के कारण अपने ही नागरिकों को खतरे में डाल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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