पाकिस्तान मक्का समझौते से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा: तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद
सारांश
मुख्य बातें
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 25 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी बिगड़ती आंतरिक स्थिति से जनता का ध्यान हटाने और मक्का रक्षा समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछा छुड़ाने के लिए अफगानिस्तान पर हवाई हमले कर रहा है। उनका यह बयान पाकिस्तानी सेना द्वारा कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों में किए गए ताज़ा हवाई हमलों के बाद आया है, जिनमें चार नागरिकों की मौत हुई।
मुजाहिद के आरोप और बयान का संदर्भ
कंधार के एक धार्मिक मदरसे में बोलते हुए मुजाहिद ने कहा कि इस्लामाबाद की बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक परेशानियों तथा घरेलू विरोध प्रदर्शनों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हालिया हमलों का उद्देश्य सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते से बचना और यह दिखाना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में युद्ध लड़ रहा है।'
अफगान मीडिया संस्थान एरियाना न्यूज़ के अनुसार, मुजाहिद ने आगे कहा, 'पाकिस्तान अपने पड़ोसी इस्लामिक देश की सीमा का उल्लंघन करके अपनी नाकामियों से ध्यान हटाना चाहता है।'
मक्का समझौता क्या है और इसका महत्व
7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत किसी एक हस्ताक्षरकर्ता देश पर सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, जिसका उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा को मज़बूत करना था। मुजाहिद का आरोप है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में कथित 'युद्ध' दिखाकर सऊदी अरब की इस प्रतिरक्षा छत्रछाया का लाभ उठाना चाहता है।
पाकिस्तानी हमलों का ताज़ा घटनाक्रम
गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिनमें चार नागरिक मारे गए। ये हमले 21 सितंबर 2026 को कुनार और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों के कुछ दिनों बाद हुए, जिनमें तीन लोगों की जान गई थी। इस प्रकार कथित तौर पर एक सप्ताह से भी कम समय में लगातार दो बार अफगानिस्तान के कई प्रांतों को निशाना बनाया गया है।
मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताया और कहा कि ये 'सभी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन' तथा 'आक्रामकता और अपराध' का स्पष्ट उदाहरण हैं।
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर तालिबान की टिप्पणी
मुजाहिद ने पाकिस्तान के घरेलू हालात की भी आलोचना की। उनका दावा है कि वहाँ राजनीतिक गतिविधियों के लिए जगह सिकुड़ गई है, कानूनी स्वतंत्रताएँ सीमित हो गई हैं और आर्थिक स्थिति 'काफी खराब' हो चुकी है। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर अपनी कथित 'गलत स्थिति' के चलते अपने ही नागरिकों को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
तालिबान की चेतावनी और आगे की राह
मुजाहिद ने स्पष्ट किया कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान पाकिस्तानी सैन्य शासन की 'धमकी और दबाव' का 'दृढ़ रुख के साथ उचित जवाब' देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी 'लापरवाह और शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयाँ' अफगान जनता में गुस्सा भड़काएँगी और पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के लिए 'प्रतिकूल परिणाम' लेकर आएँगी। यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कूटनीतिक रास्ते संकरे होते दिख रहे हैं।