12 अक्टूबर 2026
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तालिबान का पाकिस्तान पर पलटवार: 'अपनी नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ना बंद करो'

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तालिबान का पाकिस्तान पर पलटवार: 'अपनी नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ना बंद करो'

सारांश

तालिबान ने पाकिस्तान को सीधे चुनौती दी है — 'अपनी नाकामियों का ठीकरा काबुल पर मत फोड़ो।' जबीहुल्लाह मुजाहिद का यह पलटवार इस्लामाबाद के TTP-ठिकानों वाले आरोपों के जवाब में आया है, जबकि UNAMA के अनुसार 1 अक्टूबर के पाकिस्तानी हमलों में 10 अफगान नागरिकों की जान जा चुकी है।

मुख्य बातें

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 12 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान की नीति को 'विफल नीति' करार दिया।
मुजाहिद ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान वार्ता बाधित कर रहा है और समाधान की जगह प्रचार पर ध्यान दे रहा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने 9 अक्टूबर को दावा किया था कि TTP और BLA को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिले हैं।
UNAMA के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को कुनार और हेलमंद में कथित पाकिस्तानी हवाई हमलों में 10 लोग मारे गए , 9 घायल हुए।
तालिबान ने पाक आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान से रचनात्मक घरेलू कदम उठाने की अपील की।

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 12 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपनी घरेलू विफलताओं की जिम्मेदारी अफगानिस्तान पर थोप रहा है, जो किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। काबुल की ओर से यह बयान पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के ताज़ा आरोपों के सीधे जवाब में आया है।

मुजाहिद का बयान: 'विफल नीति की पहचान'

मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना आधिकारिक बयान साझा करते हुए लिखा, 'पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अपनी नाकामियों के लिए अफगानिस्तान को दोष देना किसी भी परेशानी से निजात नहीं दिला सकता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के सामने मौजूद राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ गंभीर चिंता का विषय हैं और इनका पूरे क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ता है।

तालिबान प्रवक्ता ने इस्लामाबाद के रवैये को 'विफल नीति' करार दिया और कहा कि पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी समाधान खोजने के बजाय प्रचार-प्रसार पर अत्यधिक ध्यान दे रहे हैं तथा वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान के आरोप: टीटीपी और सशस्त्र समूहों का मुद्दा

यह विवाद 9 अक्टूबर 2026 को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान की टिप्पणी के बाद भड़का। खान ने दावा किया था कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य सशस्त्र समूहों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिले हुए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने तालिबान अधिकारियों के साथ इन ठिकानों की जानकारी साझा की है और उनसे अनुरोध किया है कि वे अफगान धरती से पाकिस्तान पर होने वाले हमलों को रोकें।

पाकिस्तान बार-बार तालिबान पर यह आरोप लगाता आया है कि वह TTP जैसे सशस्त्र संगठनों को अफगानिस्तान से ऑपरेट करने की छूट दे रहा है। तालिबान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

सीमा पर बढ़ती हिंसा और नागरिक हताहत

हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संबंध तेज़ी से बिगड़े हैं। सीमा पर बार-बार गोलीबारी की घटनाएँ सामने आई हैं और नागरिकों के हताहत होने को लेकर चिंताएँ गहरी हुई हैं। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में कथित पाकिस्तानी हवाई हमलों में 10 लोग मारे गए और 9 अन्य घायल हो गए।

UNAMA ने अपने बयानों में लगातार इस बात पर जोर दिया है कि सीमा-पार शत्रुता का सबसे बड़ा शिकार आम नागरिक हो रहे हैं।

मुजाहिद की अपील: रचनात्मक कदम उठाए पाकिस्तान

तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह अपनी घरेलू चुनौतियों से निपटने के लिए रचनात्मक कदम उठाए और अपने राजनेताओं तथा आम नागरिकों के विचारों व अधिकारों का सम्मान करे। यह टिप्पणी पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति पर एक स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

गौरतलब है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में यह तनाव ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया पहले से ही कई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता की संभावना अब और संकुचित होती दिख रही है, और विशेषज्ञों के अनुसार, बिना ठोस विश्वास-निर्माण के इस गतिरोध का समाधान आसान नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन UNAMA द्वारा दर्ज 1 अक्टूबर के हवाई हमलों के आँकड़े इस्लामाबाद की कूटनीतिक स्थिति को कमज़ोर करते हैं। असली सवाल यह है कि क्या दोनों पक्ष आरोप-प्रत्यारोप के चक्र से बाहर निकलकर किसी तटस्थ संवाद-मंच की ओर बढ़ सकते हैं — क्योंकि इस गतिरोध की कीमत सबसे ज़्यादा सीमावर्ती आम नागरिक चुका रहे हैं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तालिबान ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए हैं?
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर थोप रहा है और वार्ता प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस्लामाबाद की नीति को 'विफल नीति' करार दिया।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर क्या आरोप लगाए थे जिनका तालिबान ने जवाब दिया?
9 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने दावा किया था कि TTP, BLA और अन्य सशस्त्र समूहों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिले हुए हैं और वे वहाँ से पाकिस्तान पर हमले कर रहे हैं। तालिबान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
1 अक्टूबर के पाकिस्तानी हवाई हमलों में कितने लोग हताहत हुए?
UNAMA के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में कथित पाकिस्तानी हवाई हमलों में 10 लोग मारे गए और 9 अन्य घायल हो गए। UNAMA ने इस बात पर जोर दिया है कि सीमा-पार शत्रुता का सबसे बड़ा शिकार आम नागरिक हो रहे हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तनाव के क्या कारण हैं?
दोनों देशों के बीच तनाव मुख्य रूप से TTP और अन्य सशस्त्र समूहों के मुद्दे पर केंद्रित है। पाकिस्तान का आरोप है कि ये समूह अफगान धरती से ऑपरेट कर रहे हैं, जबकि तालिबान इसे नकारता है। हाल के महीनों में सीमा पर गोलीबारी और नागरिक हताहतों की घटनाओं ने तनाव और गहरा किया है।
तालिबान ने पाकिस्तान से क्या माँग की है?
मुजाहिद ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह अपनी घरेलू चुनौतियों — राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक — से निपटने के लिए रचनात्मक कदम उठाए। साथ ही अपने राजनेताओं और नागरिकों के विचारों व अधिकारों का सम्मान करे और प्रचार की जगह समाधान पर ध्यान दे।
राष्ट्र प्रेस
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