पाकिस्तान की चिंता बढ़ी, अफगानिस्तान से जवाबी हमले का डर
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।
- गृह मंत्री तलाल चौधरी ने सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
- काबुल से प्रतिशोध का डर बढ़ रहा है।
- पाकिस्तान में हमलों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
- सुरक्षा बलों ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
इस्लामाबाद, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के निकटवर्ती क्षेत्रों पर एयरस्ट्राइक कर अपनी साहसिकता का गुणगान करने वाला पाकिस्तान अब डरा हुआ है। इसका कारण अफगानिस्तान ही है। इस्लामाबाद को चिंता है कि कहीं काबुल प्रतिशोध लेने के लिए जवाबी कार्रवाई न कर दे।
पाकिस्तान के गृह मंत्री तलाल चौधरी ने स्वयं यह बयान दिया है। उन्होंने इस स्थिति का सामना करने के लिए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। बुधवार को चौधरी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से यह बातें साझा कीं।
चौधरी ने कहा, "किसी भी हमले का सामना करने के लिए हमारी सेना हाई-अलर्ट पर है। आप जानते हैं कि जब भी हम अफगानिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर हमला करते हैं, तो वे हमेशा जवाबी हमला करते हैं।"
पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह अफगानिस्तान के आवासीय क्षेत्रों पर एयरस्ट्राइक की थी। काबुल ने कहा था कि इस हमले में कई सामान्य नागरिकों की जान गई, जबकि पाकिस्तान ने कहा कि उनका निशाना अफगानिस्तान के आतंकवादी समूह थे, जिन्हें वह हाल ही में पाक में हुए आत्मघाती हमलों का जिम्मेदार मानता है।
इस्लामाबाद का आरोप है कि काबुल ने लड़ाकों को अफगानिस्तान को एक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में उपयोग करने की अनुमति दे रखी है। हालांकि तालिबान ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मिलिटेंसी पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है।
प्रमुख स्थानीय दैनिक डॉन के अनुसार, पाकिस्तानी और अफगान सेनाओं के बीच मंगलवार को सीमा पर गोलीबारी हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर झड़प शुरू करने का आरोप लगाया।
चौधरी की चिंता का कारण पिछले कुछ दिनों में हुए ताबड़तोड़ हमले हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। हाल ही में कोहाट में एक पुलिस गाड़ी को निशाना बनाया गया, जिसमें एक अधिकारी समेत ५ पुलिसकर्मी और दो सामान्य नागरिक भी हताहत हुए। मंगलवार को एक चेकपॉइंट पर सुसाइड बम धमाका हुआ, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए।
चौधरी के अनुसार, जवाबी हमलों ने इस्लामाबाद की बात को सही साबित किया है। उनका देश हमेशा से यह कहता आया है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान विरोधी ताकतों को समर्थन देता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के हफ्तों में बलों ने कई हमलों को नाकाम किया है और कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया है।
मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने सर्च और इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन को तेज कर दिया है और "दर्जनों संदिग्धों, उनके सहायता करने वालों और पनाहगारों को गिरफ्तार किया है।"
चौधरी ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान में टेरर अटैक की कोशिशों में वृद्धि हो सकती है।
ग्लोबल मॉनिटरिंग ऑर्गनाइजेशन, आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा (एसीएलईडी) के अनुसार, २०२२ से हर साल हमलों की संख्या बढ़ रही है। एसीएलईडी के डेटा से पता चलता है कि पाकिस्तान में हमले २०२२ में ६५८ से लगभग चार गुना बढ़कर २०२५ में २,४२५ हो गए हैं और इसी दौरान, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों की संख्या सात गुना बढ़ गई है। २०२२ में जहां इसकी संख्या ११८ थी, वहीं २०२५ में हमलों की संख्या बढ़कर ८३८ हो गई।