पाकिस्तानी हवाई हमलों पर तालिबान की कड़ी निंदा, कुनार-पक्तिका में 3 की मौत; जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की तथा चेतावनी दी कि इन हमलों का 'उचित जवाब' दिया जाएगा। इन हमलों में कम से कम तीन नागरिकों की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए।
हमले का ब्यौरा
मुजाहिद के अनुसार, कुनार प्रांत में पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुष मारे गए, जबकि दो महिलाएँ और दो पुरुष घायल हुए — सभी स्थानीय नागरिक बताए गए हैं। पक्तिका प्रांत में हुए हवाई हमले में एक स्थानीय दुकान और एक आवासीय घर को निशाना बनाया गया, हालाँकि वहाँ किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मुजाहिद ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'पिछली रात पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के इलाकों पर बमबारी की। ये सभी स्थानीय नागरिक हैं। पक्तिका में एक घर और एक स्थानीय दुकान पर बमबारी की गई, लेकिन वहाँ किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।'
तालिबान के आरोप और चेतावनी
मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अपने देश की 'अंदरूनी सुरक्षा नाकामियों' से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अफगानिस्तान पर बार-बार हमले कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम इस हमले की निंदा करते हैं और इसे पहले किए गए अपराधों की एक और कड़ी मानते हैं। अफगान इस हमले का उचित जवाब देगा।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है और दोनों पक्षों के बीच कई बार सीमा पर गोलीबारी की घटनाएँ हो चुकी हैं।
पाकिस्तान का पक्ष और टीटीपी विवाद
पाकिस्तान बार-बार तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह सशस्त्र समूहों — विशेष रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) — को अफगान धरती से अभियान चलाने से रोकने में असमर्थ रही है। हालाँकि, अफगान अधिकारी इस आरोप को लगातार अस्वीकार करते आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब TTP के हमलों के कारण पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
संयुक्त राष्ट्र के आँकड़े — नागरिक हताहत
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने 28 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 1 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच अफगानिस्तान में सीमा पार से हुई सशस्त्र हिंसा में 57 लोगों की मौत हुई और 342 अन्य घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में दर्ज सभी नागरिक हताहतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया।
इसी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि उक्त अवधि में 26 बच्चों की मौत हुई और 86 बच्चे घायल हुए, जबकि 6 महिलाएँ मारी गईं और 34 महिलाएँ घायल हुईं। UNAMA के अनुसार, हवाई हमले और जमीनी लड़ाई नागरिक हताहतों की मुख्य वजह थीं।
क्या होगा आगे
तालिबान की 'उचित जवाब' की चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि क्या तालिबान सरकार कोई सैन्य या कूटनीतिक कदम उठाती है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थिति अस्थिर बनी हुई है और मानवीय संगठनों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।