24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेजेश्कियन का UNGA में कड़ा संदेश: परमाणु शांतिपूर्ण अधिकार नहीं छोड़ेगा ईरान, ट्रंप की धमकी खारिज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेजेश्कियन का UNGA में कड़ा संदेश: परमाणु शांतिपूर्ण अधिकार नहीं छोड़ेगा ईरान, ट्रंप की धमकी खारिज

सारांश

UNGA के मंच पर ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ट्रंप की धमकी का सीधा जवाब दिया — परमाणु शांतिपूर्ण अधिकार नहीं छोड़ेंगे, रक्षा-क्षमता बढ़ाना जारी रहेगा। बातचीत के लिए तैयार, लेकिन दबाव की भाषा स्वीकार नहीं — यह है तेहरान का कड़ा संदेश।

मुख्य बातें

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 सितंबर 2026 को UNGA के 81वें सत्र में कड़ा भाषण दिया।
ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार का त्याग नहीं करेगा।
पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बल-प्रयोग की भाषा को सीधे नकारा।
ईरान ने दावा किया कि लामर्द में क्लस्टर बमों से स्कूली बच्चों को निशाना बनाया गया।
पेजेश्कियन ने कहा ईरान ने 200 वर्षों में किसी देश पर हमला नहीं किया, केवल आत्मरक्षा की है।
तेहरान बातचीत के लिए तैयार, लेकिन धमकियों की भाषा स्वीकार्य नहीं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में स्पष्ट किया कि तेहरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अपने अधिकार का कभी त्याग नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा UNGA मंच पर की गई बल-प्रयोग की भाषा को सीधे नकारते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकियों की भाषा स्वीकार नहीं करेगा।

मुख्य घटनाक्रम

पेजेश्कियन ने UNGA में अपने संबोधन के साथ-साथ एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा, 'हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे नेता की बिना किसी जायज आधार के हत्या कर दी गई।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी और इजरायली हथियारों का इस्तेमाल करके ईरान के स्कूलों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, पुलों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, पेजेश्कियन ने UNGA में लामर्द के एक स्पोर्ट्स हॉल का विशेष उल्लेख किया जहाँ बच्चे और युवा एकत्रित होते थे। उनके अनुसार, उस हमले में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया।

परमाणु अधिकार पर ईरान का रुख

पेजेश्कियन ने दृढ़ता से घोषणा की कि ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ईरान ने पिछले 200 वर्षों में किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है, बल्कि उसने हमेशा केवल अपनी रक्षा की है। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है और वह शांति के लिए बातचीत से कभी पीछे नहीं हटेगा।

ट्रंप की भाषा पर पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी UNGA सत्र में अपने संबोधन में बल-प्रयोग की भाषा का इस्तेमाल किया था। पेजेश्कियन ने इसका सीधा जवाब देते हुए कहा कि 'प्रतिरोध को बमों या आक्रामकता से नहीं हराया जा सकता।' उन्होंने अमेरिका और उसके समर्थकों पर आरोप लगाया कि वे ईरान के जलमार्गों को बंद कर अपने 'नापाक उद्देश्यों' के लिए उनका इस्तेमाल करना चाहते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु मसले पर कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति ने खुद को बातचीत का पक्षधर बताते हुए भी रक्षा-क्षमता बढ़ाने की ज़रूरत पर जोर दिया।

UNGA में प्रतीकात्मक प्रदर्शन

मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने UNGA में इस्लामी क्रांति के संदर्भ में शहीद नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई और दक्षिणी ईरान के मीनाब के स्कूली बच्चों की तस्वीरें प्रदर्शित कीं, जो कथित तौर पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए थे। इस प्रदर्शन के ज़रिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की पीड़ा को उजागर करने की कोशिश की।

आगे क्या होगा

पेजेश्कियन के इस संबोधन के बाद ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव और गहरा होने की आशंका है। ईरान का रुख स्पष्ट है — वह परमाणु अधिकार और रक्षा-संप्रभुता दोनों पर कोई समझौता नहीं करेगा, हालाँकि कूटनीतिक बातचीत का दरवाज़ा उसने खुला रखा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र अब इस बात पर है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के इस कड़े रुख के बाद क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर परमाणु और रक्षा अधिकारों पर कोई लचीलापन नहीं दिखाते। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों के दबाव में है और JCPOA जैसे किसी नए समझौते की संभावना धुंधली दिखती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ईरानी पक्ष को केवल 'बयानबाज़ी' के रूप में देखती है, लेकिन जलमार्ग नियंत्रण और परमाणु संप्रभुता पर उनका जोर वास्तविक भू-राजनीतिक दांव है। सवाल यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इस भाषण को वार्ता के निमंत्रण के रूप में पढ़ेगा या टकराव की पुष्टि के रूप में।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNGA में पेजेश्कियन ने क्या कहा?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 सितंबर 2026 को UNGA के 81वें सत्र में कहा कि ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार का त्याग नहीं करेगा और ट्रंप की धमकी-भरी भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ईरान को आतंकवाद का शिकार बताया, न कि आतंकवादी।
ईरान परमाणु मुद्दे पर अपना अधिकार क्यों नहीं छोड़ना चाहता?
ईरान का कहना है कि परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग उसका संप्रभु अधिकार है। पेजेश्कियन के अनुसार, यह अधिकार देश की ऊर्जा और वैज्ञानिक स्वायत्तता के लिए अनिवार्य है और किसी बाहरी दबाव में इसे नहीं छोड़ा जाएगा।
ट्रंप ने UNGA में ईरान को क्या धमकी दी थी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी UNGA सत्र में अपने संबोधन में ईरान के प्रति बल-प्रयोग की भाषा का इस्तेमाल किया था। पेजेश्कियन ने इसे सीधे 'धमकी' करार देते हुए कहा कि प्रतिरोध को बमों या आक्रामकता से नहीं हराया जा सकता।
लामर्द हमले को लेकर ईरान ने क्या आरोप लगाए?
पेजेश्कियन ने आरोप लगाया कि दक्षिणी ईरान के लामर्द में एक स्पोर्ट्स हॉल पर अमेरिकी क्लस्टर बमों से हमला किया गया, जहाँ बच्चे और युवा एकत्रित होते थे। उन्होंने UNGA में इस हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें प्रदर्शित कीं।
क्या ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है?
पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन केवल बराबरी और सम्मान के आधार पर। धमकियों या दबाव की भाषा में किसी भी वार्ता में शामिल होने से तेहरान ने इनकार किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले