पेजेश्कियन का UNGA में कड़ा संदेश: परमाणु शांतिपूर्ण अधिकार नहीं छोड़ेगा ईरान, ट्रंप की धमकी खारिज
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में स्पष्ट किया कि तेहरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अपने अधिकार का कभी त्याग नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा UNGA मंच पर की गई बल-प्रयोग की भाषा को सीधे नकारते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकियों की भाषा स्वीकार नहीं करेगा।
मुख्य घटनाक्रम
पेजेश्कियन ने UNGA में अपने संबोधन के साथ-साथ एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा, 'हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे नेता की बिना किसी जायज आधार के हत्या कर दी गई।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी और इजरायली हथियारों का इस्तेमाल करके ईरान के स्कूलों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, पुलों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, पेजेश्कियन ने UNGA में लामर्द के एक स्पोर्ट्स हॉल का विशेष उल्लेख किया जहाँ बच्चे और युवा एकत्रित होते थे। उनके अनुसार, उस हमले में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया।
परमाणु अधिकार पर ईरान का रुख
पेजेश्कियन ने दृढ़ता से घोषणा की कि ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ईरान ने पिछले 200 वर्षों में किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है, बल्कि उसने हमेशा केवल अपनी रक्षा की है। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है और वह शांति के लिए बातचीत से कभी पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप की भाषा पर पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी UNGA सत्र में अपने संबोधन में बल-प्रयोग की भाषा का इस्तेमाल किया था। पेजेश्कियन ने इसका सीधा जवाब देते हुए कहा कि 'प्रतिरोध को बमों या आक्रामकता से नहीं हराया जा सकता।' उन्होंने अमेरिका और उसके समर्थकों पर आरोप लगाया कि वे ईरान के जलमार्गों को बंद कर अपने 'नापाक उद्देश्यों' के लिए उनका इस्तेमाल करना चाहते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु मसले पर कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति ने खुद को बातचीत का पक्षधर बताते हुए भी रक्षा-क्षमता बढ़ाने की ज़रूरत पर जोर दिया।
UNGA में प्रतीकात्मक प्रदर्शन
मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने UNGA में इस्लामी क्रांति के संदर्भ में शहीद नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई और दक्षिणी ईरान के मीनाब के स्कूली बच्चों की तस्वीरें प्रदर्शित कीं, जो कथित तौर पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए थे। इस प्रदर्शन के ज़रिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की पीड़ा को उजागर करने की कोशिश की।
आगे क्या होगा
पेजेश्कियन के इस संबोधन के बाद ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव और गहरा होने की आशंका है। ईरान का रुख स्पष्ट है — वह परमाणु अधिकार और रक्षा-संप्रभुता दोनों पर कोई समझौता नहीं करेगा, हालाँकि कूटनीतिक बातचीत का दरवाज़ा उसने खुला रखा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र अब इस बात पर है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के इस कड़े रुख के बाद क्या कदम उठाता है।