CWG 2026: PM मोदी ने मेडल विजेताओं से कहा — 'आपने एक पूरी पीढ़ी तैयार की है', ग्लासगो में भारत को 39 पदक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेडल विजेता भारतीय खिलाड़ियों से विशेष मुलाकात की। ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते और मेडल तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी जीत महज पदकों तक सीमित नहीं है — उन्होंने एक पूरी पीढ़ी को दिशा दी है।
पीएम मोदी का संदेश: पदक से बड़ी प्रेरणा
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं इस उपलब्धि को सिर्फ आपकी उपलब्धि नहीं मानता। आपकी जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनती है। आपने सिर्फ मेडल की संख्या ही नहीं बढ़ाई है — आपने एक पूरी पीढ़ी तैयार की है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि खेलों की सफलता बच्चों को वह प्रेरणा देती है जो शायद कक्षाओं में संभव नहीं। उनके शब्दों में, 'शायद हम स्कूलों में जाकर बच्चों से बात करके जो काम कर सकते थे, उससे कहीं अधिक आपके मेडल उन्हें प्रेरित करते हैं।'
मोदी ने खिलाड़ियों के पिछले 10-12 वर्षों के निरंतर प्रदर्शन की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत को खेल जगत में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की परंपरा स्थापित की है। पैरा-एथलीटों की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए उन्होंने उनके संघर्ष और समर्पण को देश के लिए अनुकरणीय बताया।
बॉक्सिंग में ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय बॉक्सरों ने CWG 2026 में देश का परचम लहराया और 7 स्वर्ण तथा 3 रजत पदक जीते। स्वर्ण विजेताओं में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लैंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पांघल (80 किग्रा) शामिल रहे। जादुमनी सिंह (55 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने रजत पदक जीते।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारतीय महिला बॉक्सरों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। पीएम मोदी ने बॉक्सरों की तारीफ करते हुए कहा, 'सच कहूं तो, आपका वीडियो कोई आम वीडियो नहीं है और लोग इसे लंबे समय तक याद रखेंगे। असल में अब दुनिया भर के बॉक्सर्स हमसे डरने लगे हैं।'
जूडो और एथलेटिक्स में नए कीर्तिमान
जूडो में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। खेलो इंडिया कार्यक्रम से जुड़ी अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने क्रमशः जूडो में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला और पुरुष बनकर इतिहास रचा। कुल 12 इवेंट्स में भारत ने जूडो में 4 पदक अपने नाम किए।
एथलेटिक्स में भारत ने 10 पदक — 5 रजत और 5 कांस्य — जीते। गुलवीर सिंह ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बनकर नया अध्याय लिखा — उन्होंने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक हासिल किया।
सीमित इवेंट्स के बावजूद उल्लेखनीय उपलब्धि
गौरतलब है कि इस बार के खेलों में रेसलिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे खेल शामिल नहीं थे — जिनमें भारत परंपरागत रूप से अधिक पदक जीतता है। इसके बावजूद 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहना भारतीय खेल प्रतिभा की व्यापकता और गहराई का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब खेलो इंडिया और टॉप्स जैसे सरकारी कार्यक्रमों के ज़मीनी असर पर बहस जारी है।
आगे की राह
पीएम मोदी ने मेडल विजेताओं को भविष्य में भी उत्कृष्टता की राह पर बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया और विश्वास जताया कि वे फिर ऐसी उपलब्धियां लेकर लौटेंगे। भारतीय खेल जगत के लिए यह मुलाकात न केवल सम्मान का पल थी, बल्कि आने वाले 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी के संदर्भ में भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।