ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 के खिलाड़ियों से PM मोदी की मुलाकात, BJP नेताओं ने 'खेलो इंडिया' को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से 10 अगस्त को मुलाकात की, जिसके बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इस संवाद की भूरि-भूरि प्रशंसा की। नेताओं ने एकमत से कहा कि मोदी की 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसी पहलों ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कॉमनवेल्थ खिलाड़ियों के साथ एक वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया था और उसमें 'जो खेलेगा वो खिलेगा' का संदेश दिया था। उन्होंने कहा, 'भारत युवाओं का देश है। युवा खेलेंगे तो निश्चित रूप से वे देश का नाम बढ़ाएंगे और उनके व्यक्तित्व का निर्माण भी होगा।'
पटेल ने खिलाड़ियों की उपलब्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण, रजत और कांस्य — तीनों श्रेणियों में पदक जीतकर भारतीय दल ने देश का मस्तक ऊँचा किया है।
ग्रामीण प्रतिभाओं पर विशेष जोर
राजस्थान भाजपा के नेता राजेंद्र राठौड़ ने दावा किया कि इस बार कॉमनवेल्थ दल में शामिल 70 प्रतिशत खिलाड़ी गाँव के खेल के मैदानों से निकले हैं। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के कार्यकाल में 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसे अभियानों के माध्यम से वे प्रतिभाएँ सामने आईं जो गाँवों में छुपी हुई थीं।'
राठौड़ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद खिलाड़ियों को एशियाड और उससे आगे ओलंपिक की तैयारी के लिए नई प्रेरणा देगा।
गठबंधन सहयोगियों की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में एक नई ऊर्जा आई है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साहवर्धक व्यवहार के कारण लोगों में जीतने की ललक जगी है। हर खेल में हमारे खिलाड़ी ओलंपिक और एशियाड जैसे आयोजनों में जीत हासिल करने का काम करते हैं।'
खेलो इंडिया की भूमिका पर जोर
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार युवाओं को खेल और फिटनेस के महत्व के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा, 'चाहे कॉमनवेल्थ हो, ओलंपिक हो — आज वैश्विक मंच पर भारत के खिलाड़ी बहुत अच्छा कर रहे हैं। यह उत्साहवर्धन खिलाड़ियों को ऊर्जा और प्रेरणा देता है।'
आगे की राह
नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि सरकार ग्लासगो की सफलता को एशियाड और ओलंपिक की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार के रूप में देख रही है। खेल नीति विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण खेल अवसंरचना में निरंतर निवेश और खिलाड़ियों के साथ शीर्ष नेतृत्व का सीधा संवाद — दोनों मिलकर भारतीय खेल परिदृश्य को दीर्घकालिक रूप से बदल सकते हैं।