10 अगस्त 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PM मोदी ने 39 पदक विजेताओं से की मुलाकात, बोले — 'युवाओं को मिलेगी प्रेरणा'

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PM मोदी ने 39 पदक विजेताओं से की मुलाकात, बोले — 'युवाओं को मिलेगी प्रेरणा'

सारांश

ग्लासगो में 39 पदक और पदक तालिका में चौथा स्थान — कुश्ती, हॉकी, शूटिंग जैसे परंपरागत खेलों के बिना। PM मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर विजेताओं का स्वागत कर कहा कि यह सफलता देश के युवाओं को नई दिशा देगी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त 2026 को 7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से मुलाकात की।
भारत ने ग्लासगो में 13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य सहित 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
मुक्केबाज़ी दल ने 7 स्वर्ण और 3 रजत जीते; साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, लवलीना बोरगोहेन समेत कई खिलाड़ी शामिल।
अस्मिता डे और हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय महिला व पुरुष खिलाड़ी बने।
गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में दो व्यक्तिगत ट्रैक पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने ( 10,000 मीटर रजत, 5,000 मीटर कांस्य)।
कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और शूटिंग के बिना यह उपलब्धि भारतीय खेलों की बढ़ती विविधता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 के भारतीय पदक विजेताओं का स्वागत किया और उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। ग्लासगो में आयोजित इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के हमारे शानदार पदक विजेताओं की मेजबानी कर खुशी हुई। खेलों के उनके अनुभवों के बारे में सुना। इन सभी खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी।' उन्होंने खिलाड़ियों से यह भी कहा कि उनकी उपलब्धियाँ भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिलाएंगी।

मुक्केबाज़ी में ऐतिहासिक प्रदर्शन

भारतीय मुक्केबाज़ी दल ने ग्लासगो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीते। स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) शामिल रहे। जादूमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक अपने नाम किए।

स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज़ साक्षी चौधरी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को यादगार बताते हुए कहा कि यह सभी खिलाड़ियों के लिए गौरव का क्षण था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बेहद विनम्र हैं और उनसे मिलकर सभी खिलाड़ी बहुत खुश हुए।

जूडो और एथलेटिक्स में नए कीर्तिमान

भारतीय जूडो टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 12 स्पर्धाओं में भाग लिया और 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीते। अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं, जबकि हर्ष सिंह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने — दोनों ने मिलकर इतिहास रचा।

एथलेटिक्स में भारतीय दल ने 10 पदक जीते, जिनमें 5 रजत और 5 कांस्य शामिल रहे। गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी बने — उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।

सीमित खेल कार्यक्रम के बावजूद उपलब्धि

गौरतलब है कि इस बार राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे भारत के परंपरागत रूप से मज़बूत खेल शामिल नहीं थे, जो भारत को बड़ी संख्या में पदक दिलाते रहे हैं। इसके बावजूद 39 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना भारतीय खेल जगत की परिपक्वता और विविधता का प्रमाण है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि उनकी उपलब्धियाँ देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों को लेकर रणनीतिक रूप से सक्रिय है और खेल अवसंरचना में बड़े निवेश की योजनाएँ प्रगति पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली संदर्भ यह है कि यह उपलब्धि उस कार्यक्रम में मिली जिसमें भारत के सबसे ज़्यादा पदक दिलाने वाले खेल — कुश्ती, शूटिंग, बैडमिंटन और हॉकी — शामिल ही नहीं थे। मुक्केबाज़ी और जूडो में नए कीर्तिमान यह संकेत देते हैं कि भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र पुराने गढ़ों से आगे बढ़ रहा है। लेकिन 2028 ओलंपिक की कसौटी पर यही खिलाड़ी कहाँ खड़े होंगे, यह तय करेगा कि ग्लासगो की चमक सिर्फ राष्ट्रमंडल तक सीमित थी या वैश्विक मंच पर भी टिकाऊ है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कितने पदक जीते?
भारत ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
PM मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स के खिलाड़ियों से कहाँ मुलाकात की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर पदक विजेताओं का स्वागत किया और उनके खेल अनुभवों के बारे में बातचीत की।
भारतीय जूडो टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं और हर्ष सिंह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने। भारत ने कुल 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक जूडो में जीते।
गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या रिकॉर्ड बनाया?
गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में दो व्यक्तिगत ट्रैक पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए चुनौती क्या थी?
इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे खेल शामिल नहीं थे, जो भारत को परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में पदक दिलाते हैं। इसके बावजूद 39 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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