कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत ने 13 गोल्ड सहित 39 मेडल जीते, मांडविया और राजनाथ ने एथलीटों को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 3 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि हर उस एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ पर गर्व है जिन्होंने तिरंगे के सम्मान के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। ग्लासगो 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण पदकों समेत कुल 39 पदक जीतकर समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
मांडविया का एक्स पोस्ट: बर्मिंघम से बेहतर प्रदर्शन
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि भले ही ग्लासगो 2026 का आयोजन सीमित स्तर पर हुआ और इसमें वे कई खेल शामिल नहीं थे जिनमें भारत पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ प्रदर्शन करता रहा है, फिर भी टीम इंडिया ने बर्मिंघम 2022 के मुकाबले समान खेलों में 30 पदकों की तुलना में इस बार 39 पदक जीते। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय खेलों की बढ़ती क्षमता और मजबूती का प्रमाण बताया।
मांडविया ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, देश इन खेलों के इतिहास के सबसे बेहतरीन आयोजनों में से एक को पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनाथ सिंह की सराहना: बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर भारतीय दल की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 को भारत की खेल यात्रा में एक यादगार अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन और चैंपियंस की एक नई पीढ़ी का उदय शामिल है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत बॉक्सिंग मेडल तालिका में शीर्ष पर रहा और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश ने कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में इतने स्वर्ण पदक नहीं जीते — यह रिंग में भारत के बढ़ते दबदबे का प्रमाण है।
एथलेटिक्स में नई ऊँचाइयाँ
रक्षा मंत्री के अनुसार, एथलेटिक्स ने इस बार नई ऊँचाइयाँ छुईं। भारत ने अपने देश से बाहर आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक्स प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हैं — एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में भारत के पहले पदक, पहला डेकाथलॉन पदक, और ऐतिहासिक जूडो स्वर्ण।
पैरा-एथलीट्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन
राजनाथ सिंह ने पैरा-एथलेटिक्स की उपलब्धियों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। भारत ने पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक जीता और इस श्रेणी में देश का पहला डबल पोडियम फिनिश दर्ज किया। उन्होंने इसे भारतीय पैरा-स्पोर्ट की बढ़ती ताकत और गहराई का प्रतीक बताया।
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों में जुटा है। खेल मंत्रालय के लिए यह पदक तालिका घरेलू आयोजन से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।