3 अगस्त 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत ने 13 गोल्ड सहित 39 मेडल जीते, मांडविया और राजनाथ ने एथलीटों को दी बधाई

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत ने 13 गोल्ड सहित 39 मेडल जीते, मांडविया और राजनाथ ने एथलीटों को दी बधाई

सारांश

ग्लासगो 2026 में सीमित खेलों के बावजूद भारत ने 13 गोल्ड सहित 39 पदक जीते — बर्मिंघम 2022 से बेहतर। बॉक्सिंग में शीर्ष स्थान, एथलेटिक्स में कई 'पहले' और पैरा-स्पोर्ट में ऐतिहासिक डबल पोडियम ने 2030 मेजबानी से पहले भारत का आत्मविश्वास दोगुना कर दिया।

मुख्य बातें

भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 13 स्वर्ण पदकों सहित कुल 39 पदक जीते और समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
बर्मिंघम 2022 में समान खेलों में 30 पदक जीते थे; इस बार 9 पदक अधिक ।
भारत बॉक्सिंग मेडल तालिका में शीर्ष पर रहा — किसी एक संस्करण में सर्वाधिक बॉक्सिंग स्वर्ण का नया रिकॉर्ड।
एथलेटिक्स में पुरुषों की 5000 मीटर, 10000 मीटर और डेकाथलॉन में पहली बार पदक; जूडो में ऐतिहासिक स्वर्ण।
पैरा-एथलेटिक्स में शॉट पुट F57 में पहला स्वर्ण और पहला डबल पोडियम फिनिश ।
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा; खेल मंत्रालय ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 3 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि हर उस एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ पर गर्व है जिन्होंने तिरंगे के सम्मान के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। ग्लासगो 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण पदकों समेत कुल 39 पदक जीतकर समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।

मांडविया का एक्स पोस्ट: बर्मिंघम से बेहतर प्रदर्शन

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि भले ही ग्लासगो 2026 का आयोजन सीमित स्तर पर हुआ और इसमें वे कई खेल शामिल नहीं थे जिनमें भारत पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ प्रदर्शन करता रहा है, फिर भी टीम इंडिया ने बर्मिंघम 2022 के मुकाबले समान खेलों में 30 पदकों की तुलना में इस बार 39 पदक जीते। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय खेलों की बढ़ती क्षमता और मजबूती का प्रमाण बताया।

मांडविया ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, देश इन खेलों के इतिहास के सबसे बेहतरीन आयोजनों में से एक को पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनाथ सिंह की सराहना: बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर भारतीय दल की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 को भारत की खेल यात्रा में एक यादगार अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन और चैंपियंस की एक नई पीढ़ी का उदय शामिल है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत बॉक्सिंग मेडल तालिका में शीर्ष पर रहा और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश ने कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में इतने स्वर्ण पदक नहीं जीते — यह रिंग में भारत के बढ़ते दबदबे का प्रमाण है।

एथलेटिक्स में नई ऊँचाइयाँ

रक्षा मंत्री के अनुसार, एथलेटिक्स ने इस बार नई ऊँचाइयाँ छुईं। भारत ने अपने देश से बाहर आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक्स प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हैं — एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में भारत के पहले पदक, पहला डेकाथलॉन पदक, और ऐतिहासिक जूडो स्वर्ण

पैरा-एथलीट्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन

राजनाथ सिंह ने पैरा-एथलेटिक्स की उपलब्धियों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। भारत ने पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक जीता और इस श्रेणी में देश का पहला डबल पोडियम फिनिश दर्ज किया। उन्होंने इसे भारतीय पैरा-स्पोर्ट की बढ़ती ताकत और गहराई का प्रतीक बताया।

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों में जुटा है। खेल मंत्रालय के लिए यह पदक तालिका घरेलू आयोजन से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि ग्लासगो 2026 में कुश्ती, हॉकी और स्क्वॉश जैसे पारंपरिक भारतीय खेल शामिल नहीं थे — इसलिए सीधी तुलना भ्रामक हो सकती है। बॉक्सिंग और पैरा-स्पोर्ट में रिकॉर्ड वास्तविक प्रगति दर्शाते हैं, लेकिन एथलेटिक्स के 'पहले पदक' यह भी याद दिलाते हैं कि ट्रैक-एंड-फील्ड में भारत अभी भी आधारभूत स्तर से आगे बढ़ रहा है। 2030 की मेजबानी से पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर और कोचिंग इकोसिस्टम पर ठोस निवेश की जरूरत है — सिर्फ राजनीतिक सराहना से पदक तालिका नहीं बदलती।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कितने पदक जीते?
भारत ने ग्लासगो 2026 में 13 स्वर्ण पदकों सहित कुल 39 पदक जीते और समग्र पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह बर्मिंघम 2022 के समान खेलों में जीते 30 पदकों से बेहतर प्रदर्शन है।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय दल के बारे में क्या कहा?
मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा कि हर उस एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ पर गर्व है जिन्होंने तिरंगे के सम्मान के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। उन्होंने ग्लासगो 2026 को सीमित प्रारूप के बावजूद बर्मिंघम से बेहतर प्रदर्शन बताया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की बॉक्सिंग में क्या उपलब्धि रही?
भारत बॉक्सिंग मेडल तालिका में शीर्ष पर रहा और किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में सर्वाधिक बॉक्सिंग स्वर्ण पदक जीतने का नया रिकॉर्ड बनाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे रिंग में भारत के बढ़ते दबदबे का प्रतीक बताया।
भारत के पैरा-एथलीट्स ने ग्लासगो 2026 में क्या इतिहास रचा?
भारत ने पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक जीता और इस श्रेणी में देश का पहला डबल पोडियम फिनिश दर्ज किया। यह भारतीय पैरा-स्पोर्ट की बढ़ती ताकत और गहराई को दर्शाता है।
भारत अगला कॉमनवेल्थ गेम्स कब और कहाँ आयोजित करेगा?
भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत इन खेलों के इतिहास के सबसे बेहतरीन आयोजनों में से एक को पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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