3 अगस्त 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: मांडविया का केजरीवाल को जवाब — भारत में सभी खेल होंगे, सर्वाधिक मेडल जीतेंगे

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: मांडविया का केजरीवाल को जवाब — भारत में सभी खेल होंगे, सर्वाधिक मेडल जीतेंगे

सारांश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 मेडल के बावजूद कुश्ती-शूटिंग की अनुपस्थिति पर केजरीवाल के विरोध के जवाब में खेल मंत्री मांडविया ने एक्स पर लिखा — 2030 में भारत की मेज़बानी में सभी प्रमुख खेल होंगे और भारत सर्वाधिक मेडल जीतेगा। यह 'नए भारत की गारंटी' है।

मुख्य बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 मेडल जीते, लेकिन कुश्ती और शूटिंग इस संस्करण में शामिल नहीं थे।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की मेज़बानी में सभी प्रमुख खेल शामिल होंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कुश्ती और शूटिंग को बाहर रखने को 'अनुचित निष्कासन' बताते हुए विरोध की अपील की थी।
विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) ने 2023 में बढ़ते खर्चों के कारण मेज़बानी छोड़ी; सितंबर 2024 में ग्लासगो को ज़िम्मेदारी मिली।
तैयारी के लिए कम समय के कारण ग्लासगो संस्करण से कुल 9 खेल हटाए गए।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 3 अगस्त 2026 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान का सीधा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से कुश्ती और शूटिंग को बाहर रखने पर नाराज़गी जताई थी। मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा, तो सभी प्रमुख खेल शामिल होंगे और भारत सर्वाधिक मेडल जीतेगा।

मांडविया का केजरीवाल को करारा जवाब

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'केजरीवाल जी, आप एकदम निश्चिंत रहिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन करेगा, तो वह सबसे भव्य और ऐतिहासिक होगा। उस दौरान हमारे सभी प्रमुख स्पोर्ट्स भी इसमें शामिल होंगे और हम अपने सर्वाधिक मेडल्स भी जीतेंगे। ये नए भारत की गारंटी है।' यह बयान तब आया जब केजरीवाल ने खेलों से कुश्ती और शूटिंग की अनुपस्थिति को 'अनुचित निष्कासन' करार देते हुए भारत से पुरज़ोर विरोध करने की अपील की थी।

केजरीवाल की आपत्ति और भारत का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 मेडल जीते — एक उल्लेखनीय प्रदर्शन, लेकिन आलोचकों का कहना है कि रेसलिंग और शूटिंग की अनुपस्थिति में यह संख्या वास्तविक क्षमता को नहीं दर्शाती। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, 'कुश्ती और शूटिंग जैसे खेल, जिनमें हम पारंपरिक रूप से उत्कृष्ट रहे हैं, उन्हें कॉमनवेल्थ की सूची से हटा दिया गया है। भारत को इन अनुचित निष्कासनों का पुरज़ोर विरोध करना चाहिए।' गौरतलब है कि इन्हीं दो खेलों में भारत ऐतिहासिक रूप से सर्वाधिक मेडल जीतता रहा है।

ग्लासगो को मेज़बानी कैसे मिली

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेज़बानी मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के राज्य विक्टोरिया को सौंपी गई थी। बढ़ते खर्चों के कारण विक्टोरिया ने 2023 में मेज़बानी से हाथ खींच लिए। इसके बाद सितंबर 2024 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई। तैयारी के लिए अत्यंत कम समय मिलने के कारण आयोजकों ने कुल 9 खेलों को इस संस्करण से बाहर रखने का निर्णय लिया, जिनमें कुश्ती और शूटिंग भी शामिल थीं।

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत की मेज़बानी का महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी भारत को न केवल खेल-संगठन की दृष्टि से, बल्कि मेडल तालिका में शीर्ष पर पहुँचने के अवसर के रूप में भी देखी जा रही है। मांडविया के अनुसार, घरेलू मेज़बानी में सभी प्रमुख खेलों को शामिल करना सुनिश्चित किया जाएगा — जो 2026 संस्करण में संभव नहीं हो सका।

आगे क्या

भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और खेल-श्रेणियों के चयन को लेकर आधिकारिक घोषणाएँ आने वाले महीनों में अपेक्षित हैं। खेल मंत्रालय के इस रुख से स्पष्ट है कि सरकार कुश्ती और शूटिंग को 2030 संस्करण में अनिवार्य रूप से शामिल कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में खेल-श्रेणियों का निर्धारण भारत अकेले नहीं करेगा — यह कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन का विशेषाधिकार है। केजरीवाल की आपत्ति तथ्यात्मक रूप से सही है: कुश्ती और शूटिंग में भारत की पारंपरिक ताकत को देखते हुए इनकी अनुपस्थिति मेडल गणना को सीधे प्रभावित करती है। मांडविया की 'गारंटी' राजनीतिक आश्वासन है, कूटनीतिक या संस्थागत प्रतिबद्धता नहीं — और यही अंतर मायने रखता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 मेडल जीते। हालाँकि, कुश्ती और शूटिंग — जिनमें भारत परंपरागत रूप से सर्वाधिक मेडल जीतता है — इस संस्करण में शामिल नहीं थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से कुश्ती और शूटिंग क्यों हटाए गए?
मूल मेज़बान विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) के 2023 में बढ़ते खर्चों के कारण पीछे हटने के बाद ग्लासगो को सितंबर 2024 में मेज़बानी मिली। तैयारी के लिए अत्यंत कम समय होने के कारण कुल 9 खेल, जिनमें कुश्ती और शूटिंग शामिल हैं, इस संस्करण से बाहर कर दिए गए।
मनसुख मांडविया ने केजरीवाल को क्या जवाब दिया?
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा कि जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा, तो सभी प्रमुख खेल शामिल होंगे और भारत सर्वाधिक मेडल जीतेगा। उन्होंने इसे 'नए भारत की गारंटी' बताया।
केजरीवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पर क्या कहा था?
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा कि कुश्ती और शूटिंग को कॉमनवेल्थ की सूची से हटाना 'अनुचित निष्कासन' है और भारत को इसका पुरज़ोर विरोध करना चाहिए। साथ ही उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को 39 मेडल जीतने पर बधाई भी दी।
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा?
खेल मंत्री मनसुख मांडविया के बयान के अनुसार, भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा। इस संस्करण में सभी प्रमुख खेलों को शामिल करने और मेडल तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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