ओलंपिक 2036 मेजबानी के लिए हर मोर्चे पर तैयारी, मांडविया बोले — भारत बनेगा टॉप-10 खेल देश
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ओलंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करना भारत का अगला प्रमुख लक्ष्य है।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का अधिकार भारत को मिल चुका है और आयोजन अहमदाबाद, गुजरात में होगा।
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सभी शर्तें पूरी करने के लिए केंद्र सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
- स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलें देश में खेल इकोसिस्टम को मजबूत कर रही हैं।
- भारत में 20 साल बाद यानी 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा — इससे पहले 2010 में दिल्ली में हुआ था।
- मांडविया ने दावा किया कि अगले 10 वर्षों में भारत दुनिया के टॉप-10 खेल देशों में शामिल होगा।
बडगाम, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओलंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करना भारत का अगला बड़ा खेल लक्ष्य है और इसके लिए केंद्र सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बडगाम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का अधिकार भारत को मिल चुका है और अब देश की नज़रें ओलंपिक 2036 पर टिकी हैं।
मांडविया का बड़ा बयान — IOC की हर जरूरत पूरी की जा रही
डॉ. मांडविया ने कहा, "भारत ने 2036 के ओलंपिक गेम्स के लिए औपचारिक रूप से बोली लगाई है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की समस्त आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि देश में खेलों का एक मजबूत इकोसिस्टम तेज़ी से विकसित हो रहा है।
फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी सरकारी पहलों के माध्यम से देश के युवाओं को खेल जगत में भागीदारी के व्यापक अवसर मिल रहे हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल भी लाया गया है, जो खेल प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मंत्री ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि अगले 10 वर्षों में भारत दुनिया के टॉप-10 खेल-आधारित देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।"
अहमदाबाद — कॉमनवेल्थ 2030 और ओलंपिक 2036 का संभावित केंद्र
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में किया जाएगा। यह आयोजन कॉमनवेल्थ खेलों की शुरुआत के ठीक 100 वर्ष बाद होगा, जो इसे ऐतिहासिक बनाता है। गुजरात सरकार इस महाकुंभ की तैयारियों में पूरी तरह जुट चुकी है।
हाल ही में कॉमनवेल्थ फेडरेशन की टीम ने गुजरात का दौरा कर आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत की तैयारी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
भारत की योजना है कि ओलंपिक 2036 का आयोजन भी अहमदाबाद में ही हो। कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन इस दिशा में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
20 साल बाद भारत फिर बनेगा बड़े खेल आयोजन का मेजबान
भारत में आखिरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में आयोजित हुए थे, जब नई दिल्ली ने इसकी मेजबानी की थी। ठीक 20 वर्ष बाद 2030 में अहमदाबाद इस प्रतिष्ठित खेल महोत्सव की मेजबानी करेगा।
यह महज एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभरने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन IOC के समक्ष भारत की विश्वसनीयता को कई गुना बढ़ा देगा।
खेल इकोसिस्टम और नीतिगत बदलाव — भारत की असली ताकत
सरकार केवल आयोजन की तैयारी नहीं कर रही, बल्कि देश के भीतर खेलों की जड़ें मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान और उनके विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल खेल संघों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। यह वह नींव है जिस पर ओलंपिक 2036 की मेजबानी की इमारत खड़ी होगी।
गौरतलब है कि भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में अपेक्षाकृत सीमित पदक जीते थे, जो यह दर्शाता है कि मेजबानी के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रदर्शन स्तर को भी उठाना उतना ही जरूरी है। IOC न केवल बुनियादी ढांचे बल्कि मेजबान देश की खेल संस्कृति और शासन को भी परखता है।
आने वाले महीनों में IOC के साथ भारत की आधिकारिक वार्ता और अहमदाबाद में बुनियादी ढांचे के विकास की प्रगति यह तय करेगी कि 2036 का ओलंपिक भारत की धरती पर आयोजित होगा या नहीं।