आइस हॉकी अंडर-18 एशिया कप: भारतीय टीम बिश्केक पहुंची, 27 अप्रैल से शुरू होगा टूर्नामेंट
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय अंडर-18 आइस हॉकी टीम आईआईएचएफ एशिया कप के लिए बिश्केक, किर्गिस्तान पहुंच गई है।
- टूर्नामेंट 27 अप्रैल से 3 मई 2025 तक चलेगा, जिसमें 6 टीमें भाग लेंगी।
- टीम की कप्तानी गुरतेज सिंह भट्टी करेंगे; देवांश शर्मा और इफ्तिखार हुसैन वैकल्पिक कप्तान हैं।
- 2025 में भारतीय महिला टीम ने अल ऐन में आईआईएचएफ महिला एशिया कप में देश का पहला कांस्य पदक जीता था।
- एसएस ग्रुप ने इस अभियान के लिए आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ आधिकारिक साझेदारी की है।
- हिमाद्री आइस रिंक के पुनः खुलने और इंडिया आइस हॉकी लीग के लॉन्च ने भारतीय आइस हॉकी को नई ऊंचाई दी है।
भारतीय अंडर-18 आइस हॉकी टीम बिश्केक रवाना
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अंडर-18 आइस हॉकी टीम आईआईएचएफ आइस हॉकी अंडर-18 एशिया कप में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गई है। 27 अप्रैल से 3 मई 2025 तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी। यह प्रतियोगिता जूनियर अंतरराष्ट्रीय आइस हॉकी सर्किट में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगी।
टीम की कमान गुरतेज सिंह भट्टी के हाथों में होगी, जो कप्तान के रूप में मैदान पर उतरेंगे। देवांश शर्मा और इफ्तिखार हुसैन को वैकल्पिक कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्क्वाड में चंडीगढ़ और लद्दाख के सर्वाधिक खिलाड़ी हैं, साथ ही देश के अन्य राज्यों के प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं।
भारतीय आइस हॉकी का बढ़ता कद
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब भारतीय आइस हॉकी अपने इतिहास के सबसे उज्ज्वल दौर से गुजर रही है। 2025 में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम ने अल ऐन में आयोजित आईआईएचएफ महिला एशिया कप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। यह भारत का इस खेल में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक था, जिसने पूरे देश में आइस हॉकी को चर्चा का केंद्र बना दिया।
इससे पहले पुरुष टीम ने 2017 आईआईएचएफ चैलेंज कप ऑफ एशिया डिवीजन-I में रजत पदक जीता था। इसके अलावा, हिमाद्री आइस रिंक के पुनः खुलने और इंडिया आइस हॉकी लीग के सफल लॉन्च ने देश में इस खेल की जड़ें और गहरी की हैं।
महासचिव हरजिंदर सिंह का बयान
आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव हरजिंदर सिंह ने कहा कि पिछला साल इंडियन आइस हॉकी के लिए बेहद अहम रहा। महिला टीम ने एशिया कप में कांस्य पदक जीता, पुरुष टीम ने हार्बिन में एशियन विंटर गेम्स में हिस्सा लिया, हिमाद्री आइस रिंक फिर से खुला और इंडिया आइस हॉकी लीग लॉन्च हुई। उन्होंने कहा कि इन सभी उपलब्धियों ने खेल के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब अंडर-18 लड़कों के पास अपना दम दिखाने का मौका है। टीम में अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों का होना यह साबित करता है कि यह खेल देशभर में फैल रहा है। आईआईएचएफ अंडर-18 एशिया कप उन्हें वह अंतरराष्ट्रीय अनुभव देगा जो उनके भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
एसएस ग्रुप की साझेदारी
इस एशिया कप अभियान के लिए दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर एसएस ग्रुप ने आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएचएआई) के साथ आधिकारिक साझेदारी की है। एसएस ग्रुप के एमडी और सीईओ अशोक सिंह जौनपुरिया ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय आइस हॉकी की बढ़ती गति और अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की प्रतिभा में उनके विश्वास को दर्शाती है।
भारतीय आइस हॉकी का भविष्य
गौरतलब है कि लद्दाख और चंडीगढ़ भारतीय आइस हॉकी की रीढ़ रहे हैं, लेकिन अब अन्य राज्यों से भी प्रतिभाएं उभर रही हैं, जो इस खेल के विस्तार का संकेत है। हिमाद्री आइस रिंक जैसी सुविधाओं का पुनरुद्धार और इंडिया आइस हॉकी लीग का आगमन घरेलू ढांचे को मजबूत कर रहा है। अंडर-18 स्तर पर मिलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव आने वाले वर्षों में भारत को एशियाई आइस हॉकी में एक प्रमुख ताकत बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
27 अप्रैल से 3 मई तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन यह तय करेगा कि देश की जूनियर आइस हॉकी किस मुकाम पर खड़ी है और आगे की राह कैसी होगी।