तीरंदाज रजत चौहान को DGP प्रशस्ति पत्र: एशिया कप 2026 में स्वर्ण समेत जीते कई पदक
सारांश
Key Takeaways
- रजत चौहान को DGP राजीव कुमार शर्मा ने डीजीपी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
- रजत राजस्थान पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर कार्यरत हैं।
- एशिया तीरंदाजी कप 2026 में रजत ने 1 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक जीते और भारत ने रिकॉर्ड 10 पदक हासिल किए।
- विश्व कप 2022 में 2 स्वर्ण और विश्व पुलिस खेल 2023 में 2 स्वर्ण व 1 रजत पदक जीते।
- रजत ने 2016 में दाहिनी बांह पर ओलंपिक के पांचों छल्लों का टैटू बनवाया था।
- 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड तीरंदाजी शामिल होने से रजत का ओलंपिक पदक सपना साकार होने की उम्मीद जगी।
जयपुर, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रतिष्ठित कंपाउंड तीरंदाज और राजस्थान पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर कार्यरत रजत चौहान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में असाधारण प्रदर्शन के लिए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा द्वारा डीजीपी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके खेल जगत में दिए गए अभूतपूर्व योगदान की आधिकारिक स्वीकृति है।
राजस्थान पुलिस का गौरव बने रजत चौहान
रजत चौहान राजस्थान पुलिस बल के सबसे दमदार खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने न केवल भारत का, बल्कि राजस्थान पुलिस विभाग का भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार प्रतिनिधित्व किया है। वर्दी में रहते हुए विश्व स्तरीय प्रदर्शन करना उन्हें पुलिस बल के भीतर एक प्रेरणास्रोत बनाता है।
सम्मान मिलने पर रजत ने कहा, मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि मेरे विभाग ने मेरे प्रयासों को मान्यता दी है। मैं आगे भी अपने प्रदर्शन से विभाग को गौरवान्वित करता रहूंगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान पुलिस का नाम और ऊंचा करूंगा।
उपलब्धियों का शानदार सफर
रजत चौहान की उपलब्धियों की सूची लंबी और प्रभावशाली है। उन्होंने 19वें एशियाई खेल 2023 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले विश्व कप 2022 में उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का सिर ऊंचा किया था।
विश्व पुलिस खेल 2023 में रजत ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए, जो पुलिस सेवा में रहते हुए खेल उत्कृष्टता की मिसाल है। उन्होंने 2023 विश्व कप में भी भाग लेकर सराहनीय प्रदर्शन किया।
सबसे हाल की बड़ी उपलब्धि एशिया तीरंदाजी कप 2026 में आई, जहां रजत ने एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते। इस प्रतियोगिता में भारत ने दो स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य सहित कुल रिकॉर्ड 10 पदक जीते जो भारतीय तीरंदाजी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
ओलंपिक सपना और 2028 की उम्मीद
रजत चौहान का ओलंपिक सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड तीरंदाजी को शामिल किए जाने की घोषणा ने उन्हें भावुक कर दिया। गौरतलब है कि रजत ने वर्ष 2016 में अपनी दाहिनी बांह पर ओलंपिक के पांचों प्रतिष्ठित छल्लों का टैटू बनवाया था जो उनके अटूट संकल्प का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए रजत ने कहा, यह पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। कंपाउंड तीरंदाजी टीम को आखिरकार खुद को साबित करने का मौका मिला है। मैंने 2016 में ओलंपिक टैटू बनवाया था और अब इस खबर के बाद मैं पूरी रात सो नहीं पाया, मैं बेहद उत्साहित हूं।
व्यापक संदर्भ: खेल और सेवा का अनूठा संगम
रजत चौहान का सफर इस बात का प्रमाण है कि सरकारी सेवा और खेल उत्कृष्टता साथ-साथ चल सकती है। भारत में अक्सर यह बहस होती है कि पुलिस और सेना जैसी सेवाओं में कार्यरत खिलाड़ियों को पर्याप्त समय और संसाधन नहीं मिलते। राजस्थान पुलिस द्वारा रजत को दिया गया यह सम्मान एक सकारात्मक संकेत है कि विभाग खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि कंपाउंड तीरंदाजी लंबे समय से ओलंपिक में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रही थी। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में इसे शामिल किए जाने से भारतीय तीरंदाजों, विशेषकर रजत जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम अवसर का द्वार खुला है। आने वाले महीनों में रजत चौहान का ध्यान 2028 ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर केंद्रित रहेगा और यदि वे क्वालीफाई करते हैं तो वर्दीधारी खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक मिसाल कायम करेंगे।