PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर उरुग्वे के राजदूत की बधाई, बोले — 'भारत आज कई मायनों में एक उदाहरण'
सारांश
मुख्य बातें
भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरीला ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई देते हुए उनके नेतृत्व और वैश्विक विजन की सराहना की। राजदूत ने कहा कि मोदी का प्रभाव 'बेहद सकारात्मक' रहा है और भारत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
राजदूत की टिप्पणी: विकास और जोड़ने का विजन
राजदूत अमरीला ने कहा, 'हमें लगता है कि उनका सभी देशों को जोड़ने और विकास का विजन एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के सभी सदस्यों तक अपनी इस सोच को पहुँचाया है। आज भारत कई मायनों में एक उदाहरण है, और हमें लगता है कि उनका मज़बूत नेतृत्व वास्तव में बड़ा परिवर्तन लेकर आया है।'
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जो काम कर चुके हैं, उसी को उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में पूरे भारत में लागू किया है — यह निरंतरता और दूरदर्शिता उन्हें एक परिपक्व नेता के रूप में स्थापित करती है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और भारत की अध्यक्षता
2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। इसी क्रम में नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की गई, जिसमें सदस्य देशों, सहयोगी राष्ट्रों और आउटरीच आमंत्रित देशों के नेता एकत्रित हुए।
वर्तमान में ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। वहीं बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम सहयोगी देशों के रूप में जुड़े हैं।
वैश्विक मध्यस्थता में मोदी की भूमिका
राजदूत अमरीला ने यूक्रेन युद्ध को रोकने की मोदी की कोशिशों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से दुनिया को देखते हैं... उसमें सचमुच बदलाव आया है, क्योंकि उन्होंने भारत को एक मध्यस्थ के तौर पर भी पेश किया है। युद्ध रोकने की ज़रूरत पर रूस के नेताओं के साथ बातचीत में भी उनका रवैया बहुत सकारात्मक रहा है।'
गौरतलब है कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के दौरान खुद को किसी एक पक्ष के साथ नहीं जोड़ा, बल्कि संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया — जिसे वैश्विक दक्षिण के देशों ने सराहा है।
PM मोदी: जीवन परिचय और 25 साल का सार्वजनिक सफर
प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और 26 मई 2014 से देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवारत हैं। अभी वे अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, जिससे वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस वर्ष उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष भी पूर्ण हो रहे हैं।
राजदूत अमरीला ने इस अवसर पर कहा, 'हम बहुत खुश हैं। जैसा कि हमारे विदेश मंत्री ने हाल ही में कहा था, हमें उनकी बहुत ज़रूरत है। हम उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे ही महान नेता बने रहेंगे।'
आगे की राह
ब्रिक्स अध्यक्षता के बाद भारत की कूटनीतिक सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की भूमिका पर सभी की नज़रें टिकी हैं। उरुग्वे जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर से आ रहे सकारात्मक संकेत भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को रेखांकित करते हैं।