तेलंगाना विलय दिवस पर CM रेवंत रेड्डी का आह्वान: इतिहास से प्रेरणा लें, उसी तक सीमित न रहें
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में आयोजित 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' (जन शासन दिवस) समारोह में कहा कि तेलंगाना न तो अपने इतिहास को भुलाएगा और न ही केवल उसी तक सिमटकर रह जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पुराने संघर्षों की भावना को आधार बनाकर एक आधुनिक तेलंगाना के निर्माण में भागीदारी का आग्रह किया। 17 सितंबर वह ऐतिहासिक तिथि है जब 1948 में हैदराबाद रियासत भारतीय संघ में विलीन हुई थी।
ऐतिहासिक महत्व और विलय की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में स्मरण कराया कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली, किंतु तत्कालीन हैदराबाद राज्य निजाम के शासन के अधीन बना रहा। उस समय हैदराबाद रियासत में तेलंगाना के अलावा वर्तमान महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्से भी शामिल थे। रेड्डी ने कहा, "निजाम के शासनकाल में हैदराबाद ने उद्योग, कृषि, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और वैश्विक पहचान भी हासिल की। साथ ही, ग्रामीण तेलंगाना भीषण सामंती शोषण, बंधुआ मजदूरी और दमन से जूझ रहा था। अंतिम चरण में रजाकारों द्वारा किए गए अत्याचारों ने लोगों को उथल पुथल और गहरे संघर्ष में धकेल दिया था।"
गौरतलब है कि हैदराबाद की जनता की आकांक्षाओं को सम्मान देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 'ऑपरेशन पोलो' नामक सैन्य कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के उपरांत सातवें निजाम ने भारत सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद राज्य आधिकारिक रूप से भारत का अभिन्न अंग बन गया।
जन शासन दिवस की भावना और मुख्यमंत्री का संदेश
रेवंत रेड्डी ने कहा कि 17 सितंबर का दिन केवल निजाम शासन के अंत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह राजशाही से लोकतंत्र की ओर ऐतिहासिक बदलाव का दिन भी है। उन्होंने कहा, "जन शासन का अर्थ है लोगों की आवाज को महत्व देना, उनकी समस्याओं का समाधान करना, अधिकारों की रक्षा करना, यह सुनिश्चित करना कि सरकारी संसाधन सभी तक पहुंचें, और ऐसा माहौल बनाना जहां हर व्यक्ति आत्म सम्मान के साथ जी सके।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का इतिहास एक स्पष्ट संदेश देता है — शासन लोगों के दरवाजे तक पहुंचना चाहिए और लोगों की उम्मीदें व आकांक्षाएं सभी सरकारी निर्णयों का आधार होनी चाहिए।
आर्थिक प्रगति और विकास के आंकड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना राज्य की प्रति व्यक्ति आय में ₹4,18,931 की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों के वास्तविक जीवन में परिलक्षित हो।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य देश के अन्य राज्यों के साथ साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने की आकांक्षा रखता है। रेड्डी ने कहा, "आज, तेलंगाना न केवल पड़ोसी राज्यों के साथ बल्कि पूरी दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।"
भविष्य की योजनाएं: 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047'
रेवंत रेड्डी ने 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047' की चर्चा करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार 2047 तक तेलंगाना को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय जीडीपी में तेलंगाना की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने देश के पहले नेट जीरो स्मार्ट शहर 'भारत फ्यूचर सिटी' के विकास की भी जानकारी दी, जो लगभग 30,000 एकड़ में फैलेगा। राज्य सरकार दिसंबर 2026 में होने वाले 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' के दौरान इस 'फ्यूचर सिटी' का मास्टर प्लान सार्वजनिक करेगी। यह योजना तेलंगाना को न केवल भारत बल्कि दुनिया के नक्शे पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की महत्त्वाकांक्षा दर्शाती है।