17 सितंबर 2026
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तेलंगाना विलय दिवस पर CM रेवंत रेड्डी का आह्वान: इतिहास से प्रेरणा लें, उसी तक सीमित न रहें

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तेलंगाना विलय दिवस पर CM रेवंत रेड्डी का आह्वान: इतिहास से प्रेरणा लें, उसी तक सीमित न रहें

सारांश

17 सितंबर को तेलंगाना के विलय दिवस पर CM रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया — राज्य इतिहास की विरासत को संजोएगा, लेकिन उसी में नहीं उलझेगा। 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था और देश के पहले नेट जीरो स्मार्ट शहर का संकल्प — यह महज़ भाषण नहीं, एक नई राजनीतिक दिशा है।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तेलंगाना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
17 सितंबर 1948 को ऑपरेशन पोलो के बाद हैदराबाद रियासत भारतीय संघ में विलीन हुई थी; निजाम ने भारत सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय ₹4,18,931 दर्ज, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक।
राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और राष्ट्रीय जीडीपी में हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक बढ़ाना।
लगभग 30,000 एकड़ में फैले देश के पहले नेट जीरो स्मार्ट शहर 'भारत फ्यूचर सिटी' का मास्टर प्लान दिसंबर 2026 में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' में पेश किया जाएगा।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में आयोजित 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' (जन शासन दिवस) समारोह में कहा कि तेलंगाना न तो अपने इतिहास को भुलाएगा और न ही केवल उसी तक सिमटकर रह जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पुराने संघर्षों की भावना को आधार बनाकर एक आधुनिक तेलंगाना के निर्माण में भागीदारी का आग्रह किया। 17 सितंबर वह ऐतिहासिक तिथि है जब 1948 में हैदराबाद रियासत भारतीय संघ में विलीन हुई थी।

ऐतिहासिक महत्व और विलय की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में स्मरण कराया कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली, किंतु तत्कालीन हैदराबाद राज्य निजाम के शासन के अधीन बना रहा। उस समय हैदराबाद रियासत में तेलंगाना के अलावा वर्तमान महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्से भी शामिल थे। रेड्डी ने कहा, "निजाम के शासनकाल में हैदराबाद ने उद्योग, कृषि, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और वैश्विक पहचान भी हासिल की। साथ ही, ग्रामीण तेलंगाना भीषण सामंती शोषण, बंधुआ मजदूरी और दमन से जूझ रहा था। अंतिम चरण में रजाकारों द्वारा किए गए अत्याचारों ने लोगों को उथल पुथल और गहरे संघर्ष में धकेल दिया था।"

गौरतलब है कि हैदराबाद की जनता की आकांक्षाओं को सम्मान देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 'ऑपरेशन पोलो' नामक सैन्य कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के उपरांत सातवें निजाम ने भारत सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद राज्य आधिकारिक रूप से भारत का अभिन्न अंग बन गया।

जन शासन दिवस की भावना और मुख्यमंत्री का संदेश

रेवंत रेड्डी ने कहा कि 17 सितंबर का दिन केवल निजाम शासन के अंत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह राजशाही से लोकतंत्र की ओर ऐतिहासिक बदलाव का दिन भी है। उन्होंने कहा, "जन शासन का अर्थ है लोगों की आवाज को महत्व देना, उनकी समस्याओं का समाधान करना, अधिकारों की रक्षा करना, यह सुनिश्चित करना कि सरकारी संसाधन सभी तक पहुंचें, और ऐसा माहौल बनाना जहां हर व्यक्ति आत्म सम्मान के साथ जी सके।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का इतिहास एक स्पष्ट संदेश देता है — शासन लोगों के दरवाजे तक पहुंचना चाहिए और लोगों की उम्मीदें व आकांक्षाएं सभी सरकारी निर्णयों का आधार होनी चाहिए।

आर्थिक प्रगति और विकास के आंकड़े

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना राज्य की प्रति व्यक्ति आय में ₹4,18,931 की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों के वास्तविक जीवन में परिलक्षित हो।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य देश के अन्य राज्यों के साथ साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने की आकांक्षा रखता है। रेड्डी ने कहा, "आज, तेलंगाना न केवल पड़ोसी राज्यों के साथ बल्कि पूरी दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।"

भविष्य की योजनाएं: 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047'

रेवंत रेड्डी ने 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047' की चर्चा करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार 2047 तक तेलंगाना को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय जीडीपी में तेलंगाना की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं।

उन्होंने देश के पहले नेट जीरो स्मार्ट शहर 'भारत फ्यूचर सिटी' के विकास की भी जानकारी दी, जो लगभग 30,000 एकड़ में फैलेगा। राज्य सरकार दिसंबर 2026 में होने वाले 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' के दौरान इस 'फ्यूचर सिटी' का मास्टर प्लान सार्वजनिक करेगी। यह योजना तेलंगाना को न केवल भारत बल्कि दुनिया के नक्शे पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की महत्त्वाकांक्षा दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो दूसरी ओर भाजपा इसे 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' के रूप में राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की कोशिश करती रही है। प्रति व्यक्ति आय का 91% राष्ट्रीय औसत से अधिक का आंकड़ा प्रभावशाली है, किंतु विश्लेषकों के अनुसार यह वृद्धि हैदराबाद के IT और फार्मा केंद्र के इर्द गिर्द केंद्रित है और ग्रामीण तेलंगाना की असमानताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाती। 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता तभी बनेगी जब 'फ्यूचर सिटी' और 'इन्वेस्ट समिट' जैसी घोषणाएं ज़मीन पर ठोस रोज़गार और बुनियादी ढांचे में तब्दील हों।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 सितंबर को तेलंगाना में 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' क्यों मनाया जाता है?
17 सितंबर 1948 को ऑपरेशन पोलो के बाद हैदराबाद रियासत आधिकारिक रूप से भारतीय संघ का हिस्सा बनी थी। तेलंगाना सरकार इस दिन को 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' यानी जन शासन दिवस के रूप में मनाती है, जो राजशाही से लोकतंत्र की ओर बदलाव का प्रतीक है।
ऑपरेशन पोलो क्या था और इसका तेलंगाना से क्या संबंध है?
ऑपरेशन पोलो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में की गई सैन्य कार्रवाई थी, जिसके फलस्वरूप हैदराबाद के सातवें निजाम ने भारत सरकार के समक्ष समर्पण किया। इसी के परिणामस्वरूप 17 सितंबर 1948 को तेलंगाना सहित पूरा हैदराबाद राज्य भारत में विलीन हुआ।
तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से कितनी अधिक है?
CM रेवंत रेड्डी के अनुसार तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय ₹4,18,931 है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य है कि यह विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे बल्कि लोगों के वास्तविक जीवन में दिखाई दे।
'भारत फ्यूचर सिटी' क्या है और यह कब तक बनेगी?
'भारत फ्यूचर सिटी' देश का पहला प्रस्तावित नेट जीरो स्मार्ट शहर है, जो लगभग 30,000 एकड़ में फैला होगा। इसका मास्टर प्लान दिसंबर 2026 में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' के दौरान सार्वजनिक किया जाएगा।
तेलंगाना का 2047 तक आर्थिक लक्ष्य क्या है?
तेलंगाना सरकार ने 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047' के तहत राज्य को 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है। साथ ही राष्ट्रीय जीडीपी में तेलंगाना की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं।
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