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एशियन गेम्स 2026: सर्फिंग में भारत के 4 एथलीट, फ्रांसीसी कोच समाई रेबूल की अगुआई में 25 सितंबर से मुकाबला

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एशियन गेम्स 2026: सर्फिंग में भारत के 4 एथलीट, फ्रांसीसी कोच समाई रेबूल की अगुआई में 25 सितंबर से मुकाबला

सारांश

फ्रांसीसी पासपोर्ट, भारतीय दिल — समाई रेबूल ऑरोविले की लहरों से एशियन गेम्स के स्टेज तक पहुँचे हैं। 25 सितंबर को जापान में भारत के 4 सर्फर उतरेंगे, और यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं — 2028 ओलंपिक कोटे की दिशा में पहला बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

भारत के 4 सर्फर — किशोर कुमार, शिवराज बाबू, कमली मूर्ति और शुगर शांति बनारसे — एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगे।
प्रतियोगिता 25 सितंबर से आइची (जापान) के पैसिफिक लॉन्ग बीच पर होगी।
सर्फिंग इस बार एशियन गेम्स में पहली बार शामिल 6 खेलों में से एक है।
हेड कोच समाई रेबूल फ्रांसीसी नागरिक हैं लेकिन ऑरोविले में जीवन का अधिकांश हिस्सा बिताया है; 2024 में हेड कोच नियुक्त हुए।
समाई की कोचिंग में भारत ने मालदीव ASC में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
इन खेलों में प्रदर्शन से लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा मिलने का अवसर है।

भारतीय सर्फिंग टीम एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचने की तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। चार सदस्यीय राष्ट्रीय दल — दो पुरुष और दो महिला सर्फर — 25 सितंबर से आइची (जापान) स्थित पैसिफिक लॉन्ग बीच पर शॉर्टबोर्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। टीम की कमान हेड कोच समाई रेबूल के हाथों में है, जो पुडुचेरी के ऑरोविले में दशकों से जड़ें जमाए एक फ्रांसीसी नागरिक हैं।

भारतीय दल में कौन कौन

पुरुष वर्ग में किशोर कुमार और शिवराज बाबू भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। महिला वर्ग में तमिलनाडु की कमली मूर्ति और गोवा की शुगर शांति बनारसे मैदान में उतरेंगी। कोचिंग स्टाफ में समाई के सहयोगी के रूप में संजय सेल्वमनी भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि सर्फिंग उन छह खेलों में से एक है जो एशियन गेम्स के इस संस्करण में पहली बार शामिल हो रहे हैं। इन खेलों में प्रदर्शन से लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।

समाई रेबूल का भारत से खास नाता

41 वर्षीय समाई रेबूल के पास फ्रांसीसी पासपोर्ट है, लेकिन वे खुद को 'भारतीय' मानते हैं। उनके फ्रेंच पिता और बास्क माँ ने उत्तरी स्पेन में रहते हुए श्री अरबिंदो और ऑरोविले के बारे में सुना और पूरा परिवार भारत आ बसा।

समाई ने कहा, "हमें दोस्त बनाने और घर जैसा महसूस करने में ज्यादा समय नहीं लगा। सर्फिंग ने मुझे सहज महसूस करने में बड़ी भूमिका निभाई। समुद्र के पास रहने पर मुझे घर जैसा लगता था और मैं जितना हो सके पानी में समय बिताता था।"

उन्होंने महाबलीपुरम में कल्लियलय सर्फ स्कूल का संचालन करते हुए 10 से अधिक वर्षों तक प्रशिक्षक के रूप में काम किया और ISA कोचिंग एवं जजिंग क्वालिफिकेशन हासिल की।

ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल से बढ़ा भरोसा

इंडियन सर्फिंग फेडरेशन ने 2024 में समाई को हेड कोच नियुक्त किया। मालदीव के थुलुसधू में आयोजित एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप (ASC) में उनकी कोचिंग में भारत ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता — एक उपलब्धि जिसने भारतीय सर्फरों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ाया।

सहायक कोच संजय सेल्वमनी, जो कोवलम से भारतीय प्रतिस्पर्धी सर्फिंग के अगुआ और प्रोफेशनल सर्फ इंस्ट्रक्टर हैं, ने देश की पहली राष्ट्रीय टीम के हिस्से के तौर पर ISA वर्ल्ड सर्फिंग गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अब वे एथलीट्स की तैयारी में अपना अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी जोड़ रहे हैं।

एशियन गेम्स क्यों हैं निर्णायक

समाई का मानना है कि यह आयोजन भारतीय सर्फिंग के लिए एक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा, "जब कोई खेल एशियन गेम्स जैसे इवेंट में शामिल होता है, तो उसे बिल्कुल अलग स्तर की पहचान मिलती है। एथलीट्स के लिए इसका मतलब है कि वे एशिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स स्टेज में से एक पर सर्फिंग के क्षेत्र में उभरते हुए देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। भारत में इसे देखने वाले युवाओं के लिए, यह सर्फिंग को एक गंभीर स्पोर्ट्स करियर के तौर पर भी दिखाता है।"

यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब भारत वैकल्पिक जल खेलों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। 2028 ओलंपिक में सर्फिंग की उपस्थिति को देखते हुए एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन भारतीय सर्फिंग को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक नई खेल संस्कृति की दस्तक है — उस देश में जहाँ 7,500 किलोमीटर की तटरेखा के बावजूद जल क्रीड़ाएँ दशकों तक हाशिये पर रहीं। समाई रेबूल की कहानी यह भी बताती है कि भारतीय खेल तंत्र अब विदेशी विशेषज्ञता को खुले मन से अपना रहा है — लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या एशियन गेम्स की यह भागीदारी सर्फिंग के लिए स्थायी ढाँचे, स्कूल स्तरीय प्रशिक्षण और सरकारी फंडिंग का रास्ता खोलती है। 2028 ओलंपिक कोटे की संभावना इस खेल को रातोंरात प्राथमिकता दिला सकती है — बशर्ते फेडरेशन नतीजों को सुर्खियों तक सीमित न रखे।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में सर्फिंग कब और कहाँ होगी?
सर्फिंग प्रतियोगिता 25 सितंबर 2026 से जापान के आइची स्थित पैसिफिक लॉन्ग बीच पर आयोजित होगी। यह इस खेल की एशियन गेम्स में पहली उपस्थिति है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के कौन से सर्फर भाग लेंगे?
पुरुष वर्ग में किशोर कुमार और शिवराज बाबू , तथा महिला वर्ग में कमली मूर्ति (तमिलनाडु) और शुगर शांति बनारसे (गोवा) भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
समाई रेबूल कौन हैं और भारत से उनका क्या संबंध है?
समाई रेबूल एक 41 वर्षीय फ्रांसीसी नागरिक हैं जो अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा पुडुचेरी के ऑरोविले में बिता चुके हैं। उन्हें इंडियन सर्फिंग फेडरेशन ने 2024 में हेड कोच नियुक्त किया था और उनकी कोचिंग में भारत ने एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
क्या एशियन गेम्स में सर्फिंग से 2028 ओलंपिक का कोटा मिल सकता है?
हाँ, एशियन गेम्स 2026 में प्रदर्शन के आधार पर लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने का अवसर है। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता भारतीय सर्फिंग के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय सर्फिंग टीम इस समय कहाँ प्रशिक्षण ले रही है?
भारतीय राष्ट्रीय सर्फिंग टीम एशियन गेम्स की तैयारी के लिए महाबलीपुरम में प्रशिक्षण शिविर चला रही है। हेड कोच समाई रेबूल और सहायक कोच संजय सेल्वमनी की देखरेख में यह तैयारी हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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