एशियन गेम्स 2026: सर्फिंग में भारत के 4 एथलीट, फ्रांसीसी कोच समाई रेबूल की अगुआई में 25 सितंबर से मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सर्फिंग टीम एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचने की तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। चार सदस्यीय राष्ट्रीय दल — दो पुरुष और दो महिला सर्फर — 25 सितंबर से आइची (जापान) स्थित पैसिफिक लॉन्ग बीच पर शॉर्टबोर्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। टीम की कमान हेड कोच समाई रेबूल के हाथों में है, जो पुडुचेरी के ऑरोविले में दशकों से जड़ें जमाए एक फ्रांसीसी नागरिक हैं।
भारतीय दल में कौन कौन
पुरुष वर्ग में किशोर कुमार और शिवराज बाबू भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। महिला वर्ग में तमिलनाडु की कमली मूर्ति और गोवा की शुगर शांति बनारसे मैदान में उतरेंगी। कोचिंग स्टाफ में समाई के सहयोगी के रूप में संजय सेल्वमनी भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि सर्फिंग उन छह खेलों में से एक है जो एशियन गेम्स के इस संस्करण में पहली बार शामिल हो रहे हैं। इन खेलों में प्रदर्शन से लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।
समाई रेबूल का भारत से खास नाता
41 वर्षीय समाई रेबूल के पास फ्रांसीसी पासपोर्ट है, लेकिन वे खुद को 'भारतीय' मानते हैं। उनके फ्रेंच पिता और बास्क माँ ने उत्तरी स्पेन में रहते हुए श्री अरबिंदो और ऑरोविले के बारे में सुना और पूरा परिवार भारत आ बसा।
समाई ने कहा, "हमें दोस्त बनाने और घर जैसा महसूस करने में ज्यादा समय नहीं लगा। सर्फिंग ने मुझे सहज महसूस करने में बड़ी भूमिका निभाई। समुद्र के पास रहने पर मुझे घर जैसा लगता था और मैं जितना हो सके पानी में समय बिताता था।"
उन्होंने महाबलीपुरम में कल्लियलय सर्फ स्कूल का संचालन करते हुए 10 से अधिक वर्षों तक प्रशिक्षक के रूप में काम किया और ISA कोचिंग एवं जजिंग क्वालिफिकेशन हासिल की।
ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल से बढ़ा भरोसा
इंडियन सर्फिंग फेडरेशन ने 2024 में समाई को हेड कोच नियुक्त किया। मालदीव के थुलुसधू में आयोजित एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप (ASC) में उनकी कोचिंग में भारत ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता — एक उपलब्धि जिसने भारतीय सर्फरों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ाया।
सहायक कोच संजय सेल्वमनी, जो कोवलम से भारतीय प्रतिस्पर्धी सर्फिंग के अगुआ और प्रोफेशनल सर्फ इंस्ट्रक्टर हैं, ने देश की पहली राष्ट्रीय टीम के हिस्से के तौर पर ISA वर्ल्ड सर्फिंग गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अब वे एथलीट्स की तैयारी में अपना अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी जोड़ रहे हैं।
एशियन गेम्स क्यों हैं निर्णायक
समाई का मानना है कि यह आयोजन भारतीय सर्फिंग के लिए एक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा, "जब कोई खेल एशियन गेम्स जैसे इवेंट में शामिल होता है, तो उसे बिल्कुल अलग स्तर की पहचान मिलती है। एथलीट्स के लिए इसका मतलब है कि वे एशिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स स्टेज में से एक पर सर्फिंग के क्षेत्र में उभरते हुए देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। भारत में इसे देखने वाले युवाओं के लिए, यह सर्फिंग को एक गंभीर स्पोर्ट्स करियर के तौर पर भी दिखाता है।"
यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब भारत वैकल्पिक जल खेलों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। 2028 ओलंपिक में सर्फिंग की उपस्थिति को देखते हुए एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन भारतीय सर्फिंग को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।