एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम गोल्ड पर निगाहें, कप्तान पुष्पा राणा बोलीं — 'टीम पूरी तरह तैयार'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियन गेम्स 2026 में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरने को तैयार है। टीम की कप्तान पुष्पा राणा और अर्जुन अवॉर्ड विजेता खिलाड़ी पूजा काजला दोनों ने भरोसा जताया है कि जापान के आइची-नागोया में होने वाले इस महाकुंभ में भारत एक बार फिर शीर्ष पायदान पर खड़ा होगा। कबड्डी इवेंट 21 सितंबर से शुरू होगा और गोल्ड मेडल मैच 26 सितंबर को खेला जाएगा।
तैयारी और रणनीति
12 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई कर रहीं पुष्पा राणा ने बताया कि टीम विरोधी देशों के वीडियो का गहन विश्लेषण कर रही है और कोचिंग स्टाफ की ओर से पहचानी गई कमियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, हम हालात के हिसाब से अभ्यास करते हैं। हम आने वाले मैचों के वीडियो का भी विश्लेषण करते हैं। हमारे कोच हमें पिछली कमियों और सुधार की जरूरतों के बारे में भी बताते हैं। मुझे लगता है कि हमारी टीम पूरी तरह तैयार है।'
यह ऐसे समय में आया है जब टीम ने पिछले नवंबर में वर्ल्ड कप भी अपने नाम किया था, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास चरम पर है।
इतिहास की विरासत — प्रेरणा, दबाव नहीं
एशियन गेम्स में भारत ने कबड्डी में कुल 11 गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें से 3 महिला वर्ग में हैं। हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीनी ताइपे को रोमांचक मुकाबले में 26-25 से हराकर खिताब जीता था। पुष्पा का मानना है कि इस विरासत को आगे बढ़ाना उन पर दबाव नहीं, बल्कि उनके हौसले को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा, 'जब हमारे सीनियर्स ने पहले ही अच्छा काम किया है और अपना इतिहास बनाया है, तो उस लय को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम इसे प्रेरणा के तौर पर देखते हैं, दबाव के तौर पर नहीं।' गौरतलब है कि पुष्पा पहले उप-कप्तान की भूमिका निभा चुकी हैं और यह उनकी पहली बार कप्तानी है।
सीनियर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन
नई कप्तान पुष्पा राणा टीम में एकजुटता और तालमेल बनाए रखने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों रितु नेगी और सोनाली शिंगटे पर खासा भरोसा करती हैं, जो पहले कप्तानी कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'उनकी सलाह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।' यह अनुभव और युवा जोश का संयोजन भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
पूजा काजला — अगली पीढ़ी को प्रेरणा देने का संकल्प
अर्जुन अवॉर्ड विजेता पूजा काजला के लिए यह टूर्नामेंट महज़ एक और मेडल की दौड़ नहीं, बल्कि देश की भावी महिला एथलीटों को दिशा दिखाने का मौका है। उन्होंने कहा, 'अगर हम गोल्ड जीतते हैं, तो छोटे बच्चे हमसे प्रेरित होंगे और वे भी अपने माता-पिता से खेलने देने के लिए कहेंगे।' काजला ने 'अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया' (AKFI) और 'प्रो कबड्डी लीग' के आयोजकों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कैंप की सराहना की, जिसने खिलाड़ियों को बेहतर रिकवरी और परफॉर्मेंस की आदतें विकसित करने में मदद की।
शेड्यूल और टीम
भारतीय महिला टीम ग्रुप ए के तहत 21 सितंबर को बांग्लादेश, 23 सितंबर को ईरान और 24 सितंबर को जापान से भिड़ेगी। सेमीफाइनल 25 सितंबर को और गोल्ड मेडल मैच 26 सितंबर को होगा। पुष्पा ने चीनी ताइपे को सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्वी बताया है, क्योंकि हांगझोऊ में दोनों के बीच महज एक अंक का फर्क था।
भारतीय महिला कबड्डी दल: पुष्पा राणा (कप्तान), रितु नेगी, सोनाली शिंगटे, संजू देवी, पूजा काजला, रितु श्योराण, ज्योति ठाकुर, पिंकी रॉय, मनीषा कुमारी, भावना ठाकुर, राज रानी और निकिता कुमारी।
मेडल की होड़ जब शुरू होगी, तो भारतीय दस्ते का लक्ष्य साफ है — 26 सितंबर की शाम को तिरंगा सबसे ऊपर लहराना।