20 अगस्त 2026
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एशियन गेम्स 2026 की तैयारी: सोनीपत में भारत-ईरान महिला कबड्डी टीमों का 6 दिवसीय संयुक्त अभ्यास शिविर

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एशियन गेम्स 2026 की तैयारी: सोनीपत में भारत-ईरान महिला कबड्डी टीमों का 6 दिवसीय संयुक्त अभ्यास शिविर

सारांश

एशियन गेम्स 2026 से पहले SAI सोनीपत में भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों का 6 दिवसीय संयुक्त शिविर सिर्फ अभ्यास नहीं था — यह दो अलग-अलग कबड्डी इकोसिस्टम का आमना-सामना था। ईरान के पास 3,000-4,000 खिलाड़ी, भारत के पास 1 करोड़ से अधिक — यही अंतर मैदान पर भी दिखता है।

मुख्य बातें

ईरान की महिला कबड्डी टीम 13 अगस्त 2026 को SAI सोनीपत पहुँची और 6 दिनों तक भारतीय टीम के साथ संयुक्त प्रैक्टिस कैंप में हिस्सा लिया।
ईरानी हेड कोच घोलमरेजा मजंदरानी के अनुसार, पिछले एशियन गेम्स के बाद से ईरानी टीम में 80% से अधिक बदलाव हो चुके हैं।
ईरान में कुल 3,000-4,000 कबड्डी खिलाड़ी हैं, जबकि भारत में अनुमानतः 1 करोड़ से अधिक — कोच मजंदरानी के अनुसार।
भारतीय कोच नवीन कुमार ने बताया कि ईरानी टीम में तीन एशियन गेम्स का अनुभव रखने वाली खिलाड़ी भी शामिल थीं।
ईरानी खिलाड़ी जहरा करीमी ने SAI अकादमी की सुविधाओं और उपकरणों की सराहना की।
दोनों टीमें आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के सोनीपत केंद्र में 13 से 20 अगस्त 2026 के बीच भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों ने एक संयुक्त प्रैक्टिस कैंप में हिस्सा लिया, जो आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की तैयारी का अहम हिस्सा रहा। छह दिनों तक चले इस शिविर में दोनों टीमों ने परस्पर प्रैक्टिस मैच खेले और एक-दूसरे की रणनीतियों से सीखा।

शिविर का उद्देश्य और स्वरूप

ईरानी महिला कबड्डी टीम 13 अगस्त को सोनीपत पहुँची और SAI परिसर में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ-साथ स्थानीय टीमों के विरुद्ध भी अभ्यास मैच खेले। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य ईरानी टीम को एशियाई खेलों के लिए तैयार करना था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को भी एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी के विरुद्ध स्वयं को परखने का दुर्लभ अवसर मिला।

ईरानी कोच की नज़र में भारत का कबड्डी इकोसिस्टम

ईरान की महिला कबड्डी टीम के हेड कोच घोलमरेजा मजंदरानी ने इस शिविर को अपनी युवा टीम के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए फ्रेंडली मैच खेलने, खिलाड़ियों को बेहतर बनाने और अपनी टीम की रणनीतियों को सुधारने का यह बहुत अच्छा मौका है। हम एशियन गेम्स में एक बेहतर टीम के तौर पर उतरना चाहते हैं।' उन्होंने बताया कि पिछले एशियन गेम्स के बाद से ईरानी टीम में 80 प्रतिशत से अधिक बदलाव हो चुके हैं, इसलिए यह अनुभव नई खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।

मजंदरानी ने भारत और ईरान के बीच खिलाड़ियों की संख्या के अंतर को रेखांकित करते हुए कहा, 'ईरान में हमारे पास पुरुष और महिला मिलाकर लगभग 3,000 से 4,000 कबड्डी खिलाड़ी हैं। यहाँ भारत में शायद 1 करोड़ से अधिक कबड्डी खिलाड़ी हैं — यह बहुत बड़ी संख्या है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में एक खिलाड़ी साल में 50-60 से अधिक मैच खेलता है, जो उनके कौशल को निरंतर निखारता है।

भारतीय कोच का आकलन

भारतीय महिला कबड्डी टीम के कोच नवीन कुमार ने बताया कि उनकी अधिकांश नई खिलाड़ी जूनियर स्तर की हैं और ईरानी टीम के विरुद्ध खेलकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय शैली और रणनीतियों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, 'ईरानी टीम में ऐसी खिलाड़ी भी थीं, जिन्होंने तीन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है। उनकी फिटनेस, ताकत और जबरदस्त पावर बहुत अच्छी है, और हमारे युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं।'

ईरानी खिलाड़ी का अनुभव

तीसरी बार भारत आईं ईरानी खिलाड़ी जहरा करीमी ने SAI अकादमी की सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि SAI अकादमी एथलीटों के लिए बहुत अच्छी जगह है। यहाँ बेहतरीन उपकरण हैं और खिलाड़ी सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे सकते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि भारत में राष्ट्रीय खेलों जैसी प्रतिस्पर्धाएँ खिलाड़ियों को लगातार उच्च स्तर पर बनाए रखती हैं, जो ईरान में उपलब्ध नहीं है।

आगे की राह: कबड्डी का वैश्विक विकास

कोच मजंदरानी ने भविष्य में इस तरह के आदान-प्रदान को दीर्घकालिक रूप देने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, 'कबड्डी का आधार भारत में है। जो भी कोच और खिलाड़ी बेहतर बनना चाहते हैं, उन्हें भारत आना होगा।' उनके अनुसार, दो-तीन महीनों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विश्वभर में कबड्डी के स्तर को ऊँचा उठाने में मदद मिल सकती है। यह शिविर इस बात का संकेत है कि एशियन गेम्स 2026 से पहले भारत का SAI केंद्र अंतरराष्ट्रीय कबड्डी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों ने संयुक्त अभ्यास कहाँ और कब किया?
यह संयुक्त प्रैक्टिस कैंप 13 से 20 अगस्त 2026 के बीच SAI सोनीपत केंद्र में आयोजित हुआ। छह दिनों तक दोनों टीमों ने परस्पर और स्थानीय टीमों के विरुद्ध अभ्यास मैच खेले।
एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा कहाँ होगी?
एशियन गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में आयोजित होंगे, जिसमें भारत और ईरान दोनों महिला कबड्डी स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।
ईरानी कोच ने भारत के कबड्डी इकोसिस्टम के बारे में क्या कहा?
ईरानी हेड कोच घोलमरेजा मजंदरानी ने बताया कि ईरान में कुल 3,000-4,000 कबड्डी खिलाड़ी हैं जबकि भारत में 1 करोड़ से अधिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय खिलाड़ी साल में 50-60 से अधिक मैच खेलते हैं, जो उनके कौशल को लगातार बेहतर बनाता है।
इस शिविर से भारतीय महिला कबड्डी टीम को क्या फायदा हुआ?
भारतीय कोच नवीन कुमार के अनुसार, उनकी अधिकांश नई खिलाड़ी जूनियर स्तर की हैं और इस शिविर से उन्हें ईरान की खेल शैली और रणनीति समझने का मौका मिला। ईरानी टीम में तीन एशियन गेम्स का अनुभव रखने वाली खिलाड़ी भी थीं, जिनकी फिटनेस और पावर से युवा भारतीय खिलाड़ियों ने बहुत कुछ सीखा।
ईरान की खिलाड़ी जहरा करीमी ने SAI अकादमी के बारे में क्या कहा?
तीसरी बार भारत आईं जहरा करीमी ने SAI सोनीपत अकादमी की सुविधाओं और उपकरणों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ खिलाड़ी सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जो एथलीटों के विकास के लिए आदर्श वातावरण है।
राष्ट्र प्रेस
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