एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम का गोल्ड, रितु श्योराण के पति बोले — 'प्रदर्शन से बेहद खुश हूँ'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में ऑलराउंडर खिलाड़ी रितु श्योराण की भूमिका अहम रही, जिन्होंने टीम की ज़रूरत पड़ने पर मैट पर उतरकर निर्णायक प्रदर्शन किया। रितु के पति नसीब जांगू ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए पूरे देश को बधाई दी।
पति नसीब जांगू की प्रतिक्रिया
नसीब जांगू ने कहा कि वह कबड्डी टीम के गोल्ड जीतने पर तमाम देशवासियों, कोचिंग स्टाफ, खिलाड़ियों और कबड्डी फेडरेशन को बधाई और धन्यवाद देते हैं। उन्होंने बताया कि रितु पिछले तीन से चार साल से हंसावास स्थित वाइब्रेट कबड्डी अकादमी में उनके साथ प्रैक्टिस करती आ रही हैं।
नसीब ने कहा, 'हम उनके प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। रितु ने जब भी टीम को ज़रूरत पड़ी, मैट पर आकर शानदार खेल दिखाया।' उन्होंने आगे बताया कि एशियन गेम्स से लौटने के बाद रितु 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में जुट जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश की तीन बेटियों का योगदान
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के हॉस्टल में गोल्ड की खबर सुनते ही जश्न का माहौल बन गया। भारतीय टीम में SAI धर्मशाला की तीन खिलाड़ी — पुष्पा राणा, भावना और ज्योति — शामिल थीं, जिन्होंने देश को मेडल दिलाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
SAI धर्मशाला की कबड्डी खिलाड़ी निकिता ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि उनके हॉस्टल की तीन खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। निकिता ने यह भी उम्मीद जताई कि एशियन गेम्स में भारत के और भी मेडल आने बाकी हैं।
साथी खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
महिला कबड्डी खिलाड़ी आकर्षिता ने कहा कि रितु श्योराण उनकी सीनियर खिलाड़ी हैं और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण खेल का प्रदर्शन किया। आकर्षिता ने कहा, 'भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।'
आकर्षिता ने यह भी स्वीकार किया कि एक कबड्डी खिलाड़ी के तौर पर कई चुनौतियों और उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भरोसा जताया कि स्वदेश लौटने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया जाएगा।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इस जीत से एशिया में अपना दबदबा एक बार फिर साबित किया है। रितु श्योराण की नज़र अब 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर है, जबकि SAI धर्मशाला की तीनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से देश के अन्य हिस्सों में भी महिला कबड्डी को लेकर नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।