रेल मंत्री वैष्णव ने एशियन गेम्स 2026 गोल्ड विजेता महिला कबड्डी टीम को रेल भवन में दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ विशेष मुलाकात की। इस टीम ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। मुलाकात के दौरान टीम की कप्तान पुष्पा राणा और मुख्य कोच नीता मोरेश्वर दाडवे भी उपस्थित रहीं।
फाइनल में ईरान को हराकर जीता खिताब
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 26 सितंबर 2026 को आयोजित रोमांचक फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ टीम ने एशियन गेम्स में अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। यह उपलब्धि भारतीय महिला कबड्डी के लगातार वर्चस्व का प्रमाण है।
टूर्नामेंट का प्रारूप और भारत की राह
आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में महिला कबड्डी टूर्नामेंट में आठ टीमों को दो ग्रुपों में बाँटा गया था। ग्रुप ए में भारत के साथ बांग्लादेश, मेजबान जापान और ईरान शामिल थे, जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, थाईलैंड, चीनी ताइपे और नेपाल थे। भारत ने ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक अपना दबदबा कायम रखा।
रेल मंत्री की सराहना और प्रोत्साहन
रेल मंत्री वैष्णव ने खिलाड़ियों की लगन, दृढ़ संकल्प और खेल कौशल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाते हुए देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने भारतीय रेलवे की खेल विरासत और एथलीटों को मिलने वाले संस्थागत समर्थन को इस सफलता का आधार बताया।
रेल मंत्री से मुलाकात करने वाली खिलाड़ियों में दक्षिण मध्य रेलवे की मुख्य कोच नीता मोरेश्वर दाडवे, दक्षिण मध्य रेलवे की रितु नेगी, उत्तर रेलवे की पूजा, दक्षिण मध्य रेलवे की पिंकी रॉय तथा पश्चिमी रेलवे की सोनाली विष्णु शिंगटे और राज रानी शामिल थीं।
भारतीय रेलवे की खेल विरासत
भारतीय रेलवे का रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड दशकों से खेल प्रतिभाओं को तराशने का काम कर रहा है। इसके खिलाड़ी ओलंपिक खेलों, विश्व चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रेलवे संस्थागत सहयोग के साथ-साथ नौकरी और खेल करियर — दोनों एक साथ जीने का दुर्लभ अवसर देकर एथलीटों के विकास में निरंतर योगदान दे रहा है।
गौरतलब है कि यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारत में महिला खेलों को लेकर जागरूकता और निवेश दोनों बढ़ रहे हैं। भारतीय महिला कबड्डी टीम की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।