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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर जीता गोल्ड, अयान लोहचब के गांव बुपनिया में जश्न

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर जीता गोल्ड, अयान लोहचब के गांव बुपनिया में जश्न

सारांश

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने ईरान को 40-34 से हराकर पुरुष कबड्डी का गोल्ड जीता। झज्जर के बुपनिया गांव के युवा रेडर अयान लोहचब इस जीत के नायकों में शामिल रहे — उनके घर पर दादी ने चूरमे का वादा किया, और 30 सितंबर को ढोल-नगाड़ों से स्वागत की तैयारी है।

मुख्य बातें

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
हरियाणा के झज्जर जिले के बुपनिया गांव के स्टार रेडर अयान लोहचब विजेता टीम का हिस्सा रहे।
अयान की दादी, माँ सोनिया और बहन अंजू ने खुशी और गर्व जताते हुए परिवार व देश का नाम रोशन होने की बात कही।
गांव में 30 सितंबर 2026 को ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा।
अयान की दादी ने वादा किया कि वापसी पर पोते को पसंदीदा चूरमा खिलाएंगी।

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ईरान को 40-34 के अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के झज्जर जिले के बुपनिया गांव के स्टार रेडर अयान लोहचब इस ऐतिहासिक जीत की टीम का अहम हिस्सा रहे। 26 सितंबर 2026 को आई इस खबर के बाद से अयान के परिवार और पूरे गांव में उत्सव का माहौल है।

गांव में जश्न, 30 सितंबर को भव्य स्वागत की तैयारी

बुपनिया गांव के निवासी 30 सितंबर 2026 को अयान लोहचब के घर वापसी पर जोरदार स्वागत समारोह की तैयारी में जुट गए हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया जाएगा। यह वही गांव है जिसने एक युवा कबड्डी खिलाड़ी की मेहनत को बचपन से देखा है।

दादी की भावुक प्रतिक्रिया

अयान की दादी ने अपने पोते की उपलब्धि पर गर्व और भावुकता से कहा, 'मेरे पोते ने लठ गाड़ दिया। पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया। देश का नाम रोशन कर दिया। वापसी पर हम उनका जोरदार स्वागत करेंगे। मेरे पोते को चूरमा बहुत पसंद है, उसको चूरमा खिलाऊंगी।' उनकी यह प्रतिक्रिया उस हार्दिक खुशी को बयान करती है जो हर भारतीय घर में उस दिन महसूस हुई।

माँ सोनिया और बहन अंजू ने जताया गर्व

अयान की माँ सोनिया ने कहा, 'मैं अपने बेटे की उपलब्धि पर बहुत ही खुश हूं। मेरे बेटे ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से भारत माता की झोली में मेडल डाला है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। मेरे बेटे ने अपने परिवार, गांव और देश का नाम ऊंचा किया है।' उन्होंने देश के सभी माता-पिता और बच्चों से अपील की कि वे भी अयान की तरह मेहनत और ईमानदारी की राह पर चलें।

अयान की बहन अंजू ने बताया, 'मेरे भाई ने बचपन से ही काफी मेहनत की है, आज उनकी मेहनत और कोशिश रंग लाई, वो जीत गए हैं।' अंजू ने पुष्टि की कि परिवार 30 सितंबर को एक कार्यक्रम का आयोजन कर ढोल-नगाड़ों के साथ अयान का स्वागत करेगा।

भारत का कबड्डी में दबदबा

गौरतलब है कि भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशियाई खेलों में अपने प्रदर्शन के लिए हमेशा से शीर्ष दावेदार मानी जाती रही है। ईरान के खिलाफ 40-34 का यह स्कोर दर्शाता है कि मुकाबला कड़ा था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अयान लोहचब जैसे युवा रेडरों का इस जीत में अहम योगदान रहा।

आगे की राह

अयान लोहचब की वापसी के साथ बुपनिया गांव को एक नया खेल आदर्श मिला है। यह जीत न केवल हरियाणा के कबड्डी संस्कृति की पुष्टि करती है, बल्कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभा की अनंत संभावनाओं को भी रेखांकित करती है। 30 सितंबर 2026 को होने वाला स्वागत समारोह इस सफर का एक यादगार पड़ाव बनने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जीवनशैली है। अयान लोहचब जैसे खिलाड़ियों की कहानी यह भी रेखांकित करती है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभा को जब सही मंच मिलता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराती है। सवाल यह है कि क्या इन खिलाड़ियों को स्वागत समारोहों से आगे, दीर्घकालिक सरकारी और खेल संस्थाओं का समर्थन मिलता रहेगा? जश्न ज़रूरी है, लेकिन अगले एशियन गेम्स की नींव आज ही रखी जाती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पुरुष कबड्डी में गोल्ड कैसे जीता?
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में ईरान को 40-34 के स्कोर से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह एक कड़े मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन का नतीजा था।
अयान लोहचब कौन हैं और वे कहाँ से हैं?
अयान लोहचब हरियाणा के झज्जर जिले के बुपनिया गांव के युवा कबड्डी स्टार रेडर हैं। वे भारत की उस पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे जिसने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता।
अयान लोहचब के गांव में क्या हो रहा है?
झज्जर के बुपनिया गांव में गोल्ड जीत के बाद खुशी और जश्न का माहौल है। परिवार और ग्रामीण 30 सितंबर 2026 को ढोल-नगाड़ों के साथ अयान का भव्य स्वागत करने की तैयारी में जुटे हैं।
अयान लोहचब की वापसी पर उनके परिवार ने क्या कहा?
अयान की दादी ने कहा कि पोते ने 'लठ गाड़ दिया' और देश व गांव का नाम रोशन किया। माँ सोनिया ने बेटे की मेहनत और ईमानदारी पर गर्व जताया, जबकि बहन अंजू ने बताया कि 30 सितंबर को परिवार उनका स्वागत करेगा।
भारत एशियन गेम्स में कबड्डी में कितना सफल रहा है?
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशियाई खेलों में परंपरागत रूप से शीर्ष प्रतिस्पर्धियों में रही है। ईरान के खिलाफ 40-34 की जीत यह दर्शाती है कि भारत अपना दबदबा बनाए रखने में सफल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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