एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम का रिकॉर्ड चौथा गोल्ड, कप्तान पुष्पा राणा ने की ओलंपिक में शामिल करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने एशियन गेम्स 2026 में ईरान को 37-34 से हराकर भारत का रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक जीतने के बाद कबड्डी को कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में शामिल करने की ज़ोरदार माँग की है। 26 सितंबर 2026 को तोकाई में खेले गए इस फाइनल में टीम इंडिया ने अपनी श्रेष्ठता एक बार फिर साबित की।
फाइनल का घटनाक्रम
शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 के करीबी अंतर से पराजित किया। यह मुकाबला अंत तक रोमांचक रहा — ईरान ने पूरे खेल में भारत को कड़ी टक्कर दी। गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2023 में भी भारतीय महिला टीम ने चीन के हांगझोऊ में स्वर्ण पदक जीता था, जिससे यह लगातार दूसरा और कुल मिलाकर रिकॉर्ड चौथा एशियन गेम्स गोल्ड बन गया।
कप्तान पुष्पा राणा की प्रतिक्रिया
स्वर्णिम सफलता के बाद कप्तान पुष्पा राणा ने कहा, 'ईरान बहुत अच्छी टीम है। उन्होंने हमारे खिलाफ कुछ मज़बूत मैच खेले हैं। चीनी ताइपे भी बहुत अच्छा कर रहा है। सभी देशों में पहले से ही सुधार हो रहा है। हम चाहते हैं कि कबड्डी सभी देशों में बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़े, ताकि भविष्य में कबड्डी कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में आ सके।'
राणा ने गोल्ड जीतने की मानसिक तैयारी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह शुरू से ही दिमाग में था — टीम ने सभी मैच एक ही माइंडसेट के साथ खेले। उन्होंने स्वीकार किया कि गोल्ड जीतने का दबाव हमेशा रहता है, लेकिन कड़ी मेहनत और अभ्यास ने उस दबाव को ताकत में बदल दिया।
महिला प्रो कबड्डी लीग की माँग
पुष्पा राणा ने एक समर्पित महिला प्रो कबड्डी लीग शुरू करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उनके शब्दों में, 'हम बच्चों के लिए प्रो कबड्डी जैसा एक अच्छा प्लेटफॉर्म चाहते हैं, और महिलाओं को भी वही प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए, जो लड़कों को प्रो कबड्डी के लिए मिला है।' यह माँग उस लंबे समय से चली आ रही असमानता को उजागर करती है, जहाँ पुरुष प्रो कबड्डी लीग एक स्थापित व्यावसायिक मंच बन चुकी है, जबकि महिला खिलाड़ियों के लिए समान अवसर अभी तक नहीं बन पाया है।
कोच, फेडरेशन और सरकार को श्रेय
राणा ने इस जीत का श्रेय पूरी टीम, कोचिंग स्टाफ, एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया और सरकार को दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे कोच, फेडरेशन और सरकार ने हमारा अच्छा साथ दिया। मैं यह स्वर्ण पदक पूरे देश को समर्पित करती हूँ।' यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारत एशियन गेम्स 2026 में अपने समग्र पदक प्रदर्शन को लेकर ऊँची उम्मीदें पाले हुए है।
आगे की राह
कबड्डी को ओलंपिक में शामिल करने की माँग नई नहीं है, लेकिन एक रिकॉर्ड एशियन गेम्स चैंपियन के मुँह से आई यह माँग अब ज़्यादा वज़न रखती है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के मानकों के अनुसार किसी खेल को ओलंपिक में शामिल होने के लिए वैश्विक प्रसार और एक निश्चित संख्या में देशों की भागीदारी ज़रूरी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल होना इस दिशा में एक अहम पहला कदम होगा।