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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर जीता गोल्ड मेडल

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर जीता गोल्ड मेडल

सारांश

गोल्ड का संकल्प घर से लेकर चली थीं और जापान से वापसी उसी के साथ हुई। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ईरान को 37-34 से हराकर लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता। पिंकी रॉय ने अपना मेडल दिवंगत माँ को समर्पित किया और महिला प्रो कबड्डी लीग की माँग उठाई।

मुख्य बातें

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
यह भारत का लगातार दूसरा एशियन गेम्स खिताब है — पहला 2022 में जीता था।
फाइनल में एक समय स्कोर 26-27 था, जहाँ से भारत ने शानदार वापसी की।
पिंकी रॉय ने गोल्ड मेडल अपनी दिवंगत माँ (निधन 2017 ) और बहन को समर्पित किया; यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय टूर था।
ऋतु नेगी ने 2006 से कबड्डी खेलना शुरू किया और 2014 में इंडियन रेलवे से जुड़ीं।
टीम ने महिलाओं के लिए प्रो कबड्डी लीग शुरू करने की माँग उठाई।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 26 सितंबर 2026 को जापान में खेले गए इस रोमांचक फाइनल ने एक बार फिर साबित किया कि भारत महिला कबड्डी में एशिया की सबसे मज़बूत टीम है। यह लगातार दूसरी बार है जब भारत ने एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का खिताब अपने पास बरकरार रखा — टीम ने इससे पहले 2022 में भी गोल्ड जीता था।

रोमांचक रहा फाइनल मुकाबला

फाइनल मुकाबले में एक वक्त स्कोर 26-27 तक पहुँच गया था और मैच बेहद करीबी हो गया था। ईरान ने पूल स्टेज की तुलना में कहीं बेहतर खेल दिखाया, जहाँ भारत ने उन्हें 14 अंकों के बड़े अंतर से हराया था। हालाँकि, निर्णायक पलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति पर अमल करते हुए वापसी की और अंततः 37-34 के स्कोर से जीत दर्ज की।

पिंकी रॉय की भावनात्मक प्रतिक्रिया

गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम की खिलाड़ी पिंकी रॉय ने कहा, 'जब हम भारत से जापान के लिए रवाना हुए थे, तो ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है। हम पाँच महीने से कैंप कर रहे हैं। हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की। ईरानी टीम ने भी काफी मेहनत की, लेकिन हमारी मेहनत ज़्यादा थी।' पिंकी ने अपना यह मेडल अपनी दिवंगत माँ और बहन को समर्पित किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मेरी माँ साल 2017 में इस दुनिया को अलविदा कह गई थीं। वह मुझे इंडियन जर्सी में देखना चाहती थीं। यह मेरा पहला टूर था।'

ऋतु नेगी की कहानी: संघर्ष से सफलता तक

टीम की अनुभवी खिलाड़ी ऋतु नेगी ने बताया कि उन्होंने 2006 में कबड्डी खेलनी शुरू की थी और 8 साल स्पोर्ट्स हॉस्टल में कठोर प्रशिक्षण लिया। 2014 में उन्होंने इंडियन रेलवे जॉइन किया और तब से रेलवे टीम से खेल रही हैं। ऋतु ने अपने परिवार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि 4 साल पहले विवाह के बाद भी उनके मायके और ससुराल दोनों ने उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। फाइनल के बारे में उन्होंने कहा, 'हमने रणनीति के हिसाब से ही खेला।'

महिला प्रो कबड्डी लीग की माँग

गोल्ड मेडल की खुशी के बीच पिंकी रॉय ने एक महत्वपूर्ण माँग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुरुषों की प्रो कबड्डी लीग का आयोजन होता है, उसी तर्ज़ पर महिलाओं के लिए भी एक पेशेवर लीग होनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे देश भर की छोटी बच्चियाँ इस खेल की ओर आकर्षित होंगी और कबड्डी की जड़ें और मज़बूत होंगी।

सरकार और फेडरेशन का आभार

ऋतु नेगी ने भारत सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) का आभार जताते हुए कहा कि इन संस्थाओं के समर्थन और विशेष प्रशिक्षण कैंपों की वजह से टीम यह उपलब्धि हासिल कर सकी। उन्होंने आग्रह किया कि कबड्डी के लिए यही सहयोग भविष्य में भी जारी रहे ताकि भारत की पदक-विजय की परंपरा बरकरार रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्थागत सवाल का जवाब भी माँगता है जो पिंकी रॉय ने खुद उठाया — जब लड़कों की प्रो कबड्डी लीग वर्षों से चल रही है, तो महिलाओं की क्यों नहीं? एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड जीतने वाली यही टीम देश में पेशेवर महिला लीग के बिना खेल रही है, जो प्रतिभा की पहचान और आर्थिक सशक्तीकरण दोनों के लिहाज़ से एक बड़ा अंतर है। SAI और AKFI की तारीफ ज़रूरी है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि गोल्ड की खुशी के बाद महिला कबड्डी को वह संरचनात्मक समर्थन मिलता है या नहीं जिसकी वह हकदार है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने गोल्ड कैसे जीता?
भारत ने 26 सितंबर 2026 को जापान में खेले गए फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। मैच में एक समय स्कोर 26-27 था, लेकिन भारतीय टीम ने रणनीतिक वापसी करते हुए जीत हासिल की।
पिंकी रॉय ने अपना गोल्ड मेडल किसे समर्पित किया?
पिंकी रॉय ने यह मेडल अपनी दिवंगत माँ और बहन को समर्पित किया। उनकी माँ 2017 में गुज़र गई थीं और वह उन्हें इंडियन जर्सी में देखना चाहती थीं। यह पिंकी का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर था।
भारत ने एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का गोल्ड पहले कब जीता था?
भारत ने 2022 एशियन गेम्स में भी महिला कबड्डी का स्वर्ण पदक जीता था। 2026 में यह लगातार दूसरी बार है जब भारत ने यह खिताब अपने पास बरकरार रखा।
पिंकी रॉय ने महिला प्रो कबड्डी लीग की माँग क्यों उठाई?
पिंकी रॉय का मानना है कि जिस तरह पुरुषों के लिए प्रो कबड्डी लीग है, वैसी ही लीग महिलाओं के लिए भी होनी चाहिए। इससे छोटी लड़कियाँ खेल की ओर प्रेरित होंगी और महिला कबड्डी को पेशेवर मंच मिलेगा।
ऋतु नेगी ने अपने कबड्डी करियर की शुरुआत कब और कैसे की?
ऋतु नेगी ने 2006 में कबड्डी खेलनी शुरू की और 8 साल स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रशिक्षण लिया। 2014 में उन्होंने इंडियन रेलवे जॉइन किया और तब से रेलवे टीम के लिए खेल रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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