एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर लगातार दूसरा गोल्ड जीता
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने 26 सितंबर को नागोया में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए फाइनल में ईरान को 40-34 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कप्तान सुनील कुमार की अगुआई में यह भारत का लगातार दूसरा एशियाई खेल स्वर्ण है — पिछली बार भी खिताबी भिड़ंत में ईरान ही प्रतिद्वंद्वी था। इसी दिन भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता, जिससे भारत ने एक ही दिन में दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया।
रोमांचक शुरुआत और पहले हाफ का संघर्ष
फाइनल के शुरुआती 8 मिनट दोनों टीमों के बीच बराबरी का खेल रहा और स्कोर 5-5 पर टिका रहा। ईरान के स्टार डिफेंसर फजल अत्राचली ने अपने साथियों के साथ मिलकर भारतीय रेडर्स को रोकने की पुरज़ोर कोशिश की। हालाँकि, भारत ने धीरे-धीरे पकड़ मज़बूत कर 10-8 की बढ़त हासिल की। इस दौरान खिलाड़ी राहुल को ग्रीन कार्ड दिया गया।
इसके बाद अर्जुन देशवाल की ताबड़तोड़ रेड से भारत ने स्कोर 12-9 कर लिया। लेकिन ईरान ने जवाबी प्रहार करते हुए मज़बूत डिफेंस के बल पर भारत को ऑलआउट किया और 14-13 की बढ़त बना ली। हाफटाइम तक ईरान 18-17 से आगे था।
दूसरे हाफ में भारत की शानदार वापसी
दूसरे हाफ में भी ईरान का रक्षापंक्ति कड़ा रहा और भारतीय रेडर्स को एक-एक पॉइंट के लिए संघर्ष करना पड़ा। हालाँकि, भारतीय टीम ने धैर्य नहीं खोया और क्रमबद्ध रेड तथा सटीक डिफेंस के दम पर ईरान को बैकफुट पर धकेलते हुए 34-27 की निर्णायक बढ़त हासिल की।
डिफेंडर सुमित ने रक्षापंक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि अर्जुन देशवाल रेड में लगातार अंक बटोरते रहे। राहुल ने मैच के अंतिम क्षणों में एक अहम टैकल कर भारत की बढ़त को 36-29 तक पहुँचाया।
अंतिम मिनटों में भारत ने बनाया दबाव
मैच के आखिरी मिनटों में ईरान ने स्कोर पाटने के प्रयास में कई गलतियाँ कीं, जिनका भारत ने भरपूर फायदा उठाया। अंततः भारत ने 40-34 के अंतिम स्कोर से जीत दर्ज कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा एशियाई खेल स्वर्ण है और दोनों बार फाइनल में ईरान ही सामने था।
महिला टीम ने भी रचा इतिहास
पुरुष टीम से पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पुरुष और महिला — दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया, जो भारतीय कबड्डी के वर्चस्व को रेखांकित करता है।
आगे क्या
इस दोहरे स्वर्ण से भारतीय कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक मान्यता मिलने की उम्मीद है। खेल प्रेमी अब इन खिलाड़ियों के प्रो कबड्डी लीग में प्रदर्शन और आगामी विश्व कप चयन पर नज़र रखेंगे।