16 सितंबर 2026
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गाजियाबाद: पार्श्वनाथ मजेस्टिक के फ्लैट में भीषण आग, दमकल की तत्परता से बड़ा हादसा टला

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गाजियाबाद: पार्श्वनाथ मजेस्टिक के फ्लैट में भीषण आग, दमकल की तत्परता से बड़ा हादसा टला

सारांश

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित पार्श्वनाथ मजेस्टिक परिसर में बुधवार दोपहर एक फ्लैट में भीषण आग भड़की, लेकिन दमकल की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा टाल दिया। सभी निवासी सुरक्षित बाहर निकले, कोई हताहत नहीं — यह आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा की अहमियत का एक और बड़ा सबक है।

मुख्य बातें

16 सितंबर 2026 को दोपहर 1:32 बजे गाजियाबाद के पार्श्वनाथ मजेस्टिक , इंदिरापुरम में फ्लैट नंबर डी-304 में आग लगी।
फ्लैट मालिक अनीता खेत्रपाल (लगभग 60 वर्ष ) का यह आवास था; आग के समय फ्लैट में कोई मौजूद नहीं था।
वैशाली फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर और एक वाटर बाउजर तत्काल घटनास्थल भेजे गए।
दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पाया; आसपास के फ्लैटों को कोई नुकसान नहीं।
इस अग्निकांड में कोई हताहत नहीं ; घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया।
आग के कारणों की जाँच अग्निशमन विभाग द्वारा जारी है।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित पार्श्वनाथ मजेस्टिक आवासीय परिसर के डी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर बुधवार, 16 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:32 बजे एक फ्लैट में भीषण आग भड़क उठी। आग की सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और समय रहते सभी निवासी सुरक्षित बाहर निकल आए — इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कैसे पहुँची मदद

वैभव खंड, इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में स्थित इस परिसर के फ्लैट नंबर डी-304 में आग की सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन के प्रभारी के नेतृत्व में दो फायर टेंडर और एक वाटर बाउजर तत्काल रवाना किए गए। यह फ्लैट अनीता खेत्रपाल (उम्र लगभग 60 वर्ष) का बताया गया है।

कुछ ही देर में गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। आग की लपटें और घना धुआँ आसपास के फ्लैटों तक फैल रहा था, जिससे पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया था।

दमकल कर्मियों की कार्रवाई

मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में दमकल दल ने तीसरी मंजिल से होज पाइप नीचे लटकाकर होजलाइन बिछाई और आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ जलते फ्लैट के भीतर प्रवेश किया। आग के स्रोत तक पहुँचकर टीम ने पानी की बौछार शुरू की।

दमकल विभाग की तत्परता और आपसी समन्वय के चलते आग को सीमित समय में पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। आग को आसपास के फ्लैटों तक फैलने से पहले ही रोक लिया गया, जिससे परिसर में बड़ा हादसा होने से बचाव हो सका।

राहत: कोई हताहत नहीं, सभी सुरक्षित

इस अग्निकांड में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि आग लगने के समय फ्लैट के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। घटना की जानकारी मिलते ही सभी निवासी समय रहते बिल्डिंग से बाहर निकल गए। फ्लैट मालिक अनीता खेत्रपाल भी मौके पर मौजूद थीं। अग्निशमन विभाग के अनुसार किसी के घायल होने या जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

हालाँकि, आग की चपेट में आने से फ्लैट के अंदर रखे घरेलू सामान और अन्य वस्तुएँ जलकर नष्ट हो गईं। संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचने की बात सामने आई है।

आग के कारण और जाँच

फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। अग्निशमन विभाग द्वारा मामले की जाँच की जा रही है। आग पूरी तरह बुझाने के बाद टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि कहीं से दोबारा आग सुलगने की संभावना न हो।

यह घटना एक बार फिर आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा उपायों की अहमियत को रेखांकित करती है। समय पर सूचना और दमकल दल की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल ज़रूर उठता है कि घनी आबादी वाले आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक हो रहा है। आग के कारणों की जाँच अभी जारी है, जबकि भारत के शहरी बहुमंजिला परिसरों में शॉर्ट सर्किट और बिजली से जुड़ी आग की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। असली सबक यह है कि त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र तो काम आया, लेकिन रोकथाम की तैयारी की असली परीक्षा तब होती है जब फ्लैट में कोई मौजूद हो।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के पार्श्वनाथ मजेस्टिक में आग कब और कहाँ लगी?
बुधवार, 16 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:32 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित पार्श्वनाथ मजेस्टिक परिसर के डी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर डी-304 में आग लगी। यह फ्लैट अनीता खेत्रपाल का बताया गया है।
क्या इस आग में कोई हताहत हुआ?
नहीं, इस अग्निकांड में किसी के घायल होने या मौत की कोई सूचना नहीं है। आग लगने के समय फ्लैट के अंदर कोई व्यक्ति नहीं था और सभी निवासी समय रहते बिल्डिंग से बाहर निकल गए थे।
दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए?
वैशाली फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर और एक वाटर बाउजर तत्काल घटनास्थल भेजे गए। दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल से होज पाइप लटकाकर होजलाइन बिछाई, फ्लैट के भीतर प्रवेश किया और आग के स्रोत तक पहुँचकर पानी की बौछार से आग पर काबू पाया।
आग से कितना नुकसान हुआ?
आग की चपेट में आने से फ्लैट के अंदर रखा घरेलू सामान और अन्य वस्तुएँ जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। हालाँकि, दमकल की त्वरित कार्रवाई से आग आसपास के फ्लैटों तक नहीं फैली और बड़े नुकसान से बचाव हो सका।
पार्श्वनाथ मजेस्टिक में आग लगने का कारण क्या था?
अभी तक आग लगने के सटीक कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है। अग्निशमन विभाग मामले की जाँच कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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