गाजियाबाद के राजनगर में दो मंजिला मकान में भीषण आग, दमकल की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टला
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के राजनगर इलाके में 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को मकान संख्या 14/113 में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जो देखते-देखते दो मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल तक फैल गई। फायर विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और दमकल कर्मियों की बहादुरी के चलते इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और आग को पड़ोसी मकानों तक फैलने से रोक लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
फायर विभाग के अनुसार, फायर स्टेशन कोतवाली को जैसे ही आग की सूचना मिली, अग्निशमन अधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में एक फायर टैंकर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट और स्वदेशी कंपाउंड में तैनात फायर टैंकरों तथा एक फर्स्ट क्विक रिस्पांस व्हीकल (FQRV) को भी मौके पर भेजा गया।
दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुँचकर पाया कि मकान के दोनों तलों पर आग तेज़ी से फैल चुकी थी और घना धुआँ तथा अत्यधिक गर्मी के कारण अंदर प्रवेश करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
दमकल कर्मियों का साहसी अभियान
विकट परिस्थितियों के बावजूद अग्निशमन कर्मियों ने ब्रीदिंग अपरेटस (BA) सेट पहनकर मकान के भीतर प्रवेश किया। टीम ने एक हौज पाइप के ज़रिये ग्राउंड फ्लोर पर और दूसरी हौज पाइप को सीढ़ी की सहायता से प्रथम तल तक पहुँचाया। दोनों ओर से एक साथ पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का अभियान चलाया गया।
आग की गंभीरता को देखते हुए फायर स्टेशन कोतवाली से अतिरिक्त वाटर ब्राउज़र भी मंगाया गया, ताकि पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। अंततः लगातार प्रयासों के बाद फायर सर्विस की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
आम जनता पर असर और राहत
घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। स्थानीय पुलिस भी मौके पर तैनात रही और सुरक्षा व्यवस्था संभालती रही। राहत की बात यह रही कि दमकल की त्वरित कार्रवाई से आग पड़ोसी मकानों तक नहीं फैली और कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यदि दमकल टीम समय पर नहीं पहुँचती तो आग आसपास के अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी और नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
आग के कारणों की जाँच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। फायर विभाग मामले की जाँच कर रहा है। जाँच के नतीजे आने पर कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यह घटना शहरी आवासीय क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती है।