एशियन गेम्स 2026: जूडोका अस्मिता डे का गोल्ड का संकल्प, पवन सहरावत और BCCI भी आश्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने का दृढ़ संकल्प जताया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 48 किलोग्राम भारवर्ग में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने वाली अस्मिता अब 19 सितंबर से जापान के आइची और नागोया शहरों में शुरू होने वाले एशियन गेम्स में भी उसी सफलता को दोहराने की तैयारी में जुटी हैं। नई दिल्ली में आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने अपनी तैयारियों और चुनौतियों पर खुलकर बात की।
अस्मिता डे का संकल्प और चुनौतियाँ
विदाई समारोह के दौरान अस्मिता डे ने कहा, "एशियन गेम्स में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, इसलिए मैं अपनी पूरी कोशिश कर रही हूं। अगले 2-3 दिनों में जापान जाऊंगी, जहाँ मैं बहुत अच्छी ट्रेनिंग करूंगी।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एशियन गेम्स में जापान, चीन और मंगोलिया जैसे देशों के खिलाड़ी कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश करेंगे, लेकिन उनका इरादा देश के लिए मेडल जीतने का है। गौरतलब है कि अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो के 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेबल टेनिस: पायस जैन की उम्मीदें
अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में देश के नंबर-1 खिलाड़ी रह चुके पायस जैन ने 22वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में मेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने बताया, "हम 5 दिन पहले वहाँ जा रहे हैं, ताकि माहौल को समझ सकें और ज़रूरी बदलाव कर सकें। हमारी तैयारियाँ काफी मज़बूत रही हैं और इस बार हमें काफी उम्मीद है।" पायस ने स्वीकार किया कि यह मुश्किल प्रतियोगिता होगी, लेकिन मेडल जीतने का विश्वास बरकरार है।
हॉकी इंडिया: दिलीप टिर्की का आकलन
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने महिला और पुरुष दोनों टीमों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हाल के वर्ल्ड कप में महिला टीम ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ ड्रॉ खेलकर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, हालाँकि नीदरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पुरुष टीम के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में वह अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी, लेकिन खिलाड़ी अपनी कमियाँ जानते हैं। टिर्की ने हरमनप्रीत सिंह के शानदार प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए उम्मीद जताई कि पुरुष टीम एशियन गेम्स में वर्ल्ड कप से बेहतर खेल दिखाएगी।
कबड्डी: पवन सहरावत का गोल्ड का वादा
भारतीय कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने आत्मविश्वास से भरा बयान दिया। उन्होंने कहा, "तैयारियाँ बहुत अच्छी हैं। हम पिछले 8-9 महीनों से कैंप में हैं। उम्मीदें वैसी ही हैं जैसी 2023 में थीं, जब हमने गोल्ड मेडल जीता था, और हम फिर से गोल्ड मेडल जीतकर लाएंगे।" यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कबड्डी टीम एशिया में अपनी सर्वोच्चता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्रिकेट: BCCI का गोल्ड का दावा
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमों से गोल्ड जीतने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "हम एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम गोल्ड मेडल जीतकर लाएंगे, इसमें कोई शक नहीं है। हमारी पुरुष और महिला टीमें गोल्ड जीतेंगी।" एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट की वापसी भारत के लिए एक बड़ा अवसर है, और BCCI का यह आत्मविश्वास भारतीय खेल प्रेमियों में उत्साह भर रहा है। 19 सितंबर से शुरू होने वाले इन खेलों में भारतीय दल का प्रदर्शन तय करेगा कि यह आत्मविश्वास कितना सार्थक साबित होता है।