कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता, हर्ष और यामिनी जूडो फाइनल में, भारत के तीन रजत पदक पक्के
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो दल ने 31 जुलाई को शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में तीन फाइनल में जगह सुनिश्चित कर ली। अस्मिता, हर्ष सिंह और यामिनी मौर्या ने अपने-अपने भार वर्गों के सेमीफाइनल जीतकर देश के लिए कम से कम तीन रजत पदक पक्के कर दिए हैं।
अस्मिता का संघर्षपूर्ण सेमीफाइनल
महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग में अस्मिता ने स्कॉटलैंड की समर शॉ को 1-0 (यूको) से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला रणनीति और धैर्य की कसौटी पर खरा उतरा — नियमित चार मिनट के खेल में दोनों जूडोका एक-दूसरे को बेअसर करती रहीं और कोई निर्णायक बढ़त नहीं बना सका।
गौरतलब है कि समर शॉ चार बार की सीनियर ब्रिटिश चैंपियन हैं, जिससे यह जीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रेगुलेशन पीरियड के अंत में अस्मिता को शिडो पेनल्टी मिली, फिर भी उन्होंने संयम नहीं खोया और मुकाबले को सडन-डेथ ओवरटाइम तक ले गईं। गोल्डन स्कोर के 6 मिनट 27 सेकंड बाद अस्मिता ने सटीक समय पर हमला बोला, शॉ को मैट पर गिराया और यूको के लिए पर्याप्त देर तक नियंत्रण बनाए रखा। फाइनल में उनका मुकाबला कनाडा की हेइडी क्वैच से होगा।
हर्ष सिंह का फाइनल में प्रवेश
पुरुषों के 60 किग्रा इवेंट में हर्ष सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में हर्ष का सामना ऑस्ट्रेलिया के ही जोशुआ कैट्ज से होगा।
यामिनी मौर्या की इप्पोन जीत
महिलाओं के 57 किग्रा भार वर्ग में यामिनी मौर्या ने दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेयटेनबैक को इप्पोन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि यह जीत आसान नहीं थी और उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फाइनल में यामिनी का मुकाबला इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से होगा।
भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूडो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में लगा है। एक ही दिन में तीन फाइनल में पहुँचना भारतीय जूडो के लिए असाधारण उपलब्धि है। तीनों एथलीट अब स्वर्ण पदक की दावेदारी के साथ मैदान में उतरेंगे।
आगे क्या होगा
तीनों फाइनल मुकाबले ग्लासगो में होंगे। अस्मिता का सामना कनाडा की हेइडी क्वैच से, हर्ष सिंह का ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज से और यामिनी मौर्या का इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से होगा। भारत की नज़रें रजत से ऊपर उठकर स्वर्ण पर टिकी हैं।