अस्मिता डे को त्रिपुरा सरकार का सम्मान: ₹10 लाख चेक और अगरतला में जमीन, CM माणिक साहा ने किया पुरस्कृत
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 12 अगस्त 2026 को अगरतला के रवींद्र शतवार्षिकी भवन में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे को राज्य सरकार की ओर से ₹10 लाख का चेक सौंपा और अगरतला में 2.5 गुंठा ज़मीन देने की घोषणा की। अस्मिता ने महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था — वे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली जूडोका हैं।
सम्मान समारोह का मुख्य घटनाक्रम
इस विशेष अभिनंदन कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्री टिंकू रॉय और ओलंपियन जिमनास्ट दीपा करमाकर भी उपस्थित रहीं। समारोह में अस्मिता के पूर्व और वर्तमान कोचों को भी सम्मानित किया गया, जो उनकी सफलता की यात्रा के अहम हिस्सेदार रहे हैं। राज्य सरकार का यह कदम त्रिपुरा में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की उसकी व्यापक नीति का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने कहा, 'दीपा करमाकर खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अब अस्मिता भी दूसरों के लिए प्रेरणा बनेंगी।' उन्होंने युवाओं से खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है, बल्कि नशीले पदार्थों की लत से लड़ने और महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. साहा ने यह भी स्पष्ट किया कि जो युवा खेल को पेशेवर करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं, उनके लिए राज्य सरकार कोचिंग सुविधाएँ और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा, 'त्रिपुरा में बहुत टैलेंट है और राज्य सरकार कई तरह की सुविधाएँ दे रही है।'
अस्मिता की प्रतिक्रिया और आगे का लक्ष्य
सम्मान पाकर भावुक हुईं अस्मिता डे ने राज्य सरकार और त्रिपुरा की जनता का आभार जताते हुए कहा, 'सरकार का धन्यवाद। इस तरह स्वागत किए जाने से मैं बहुत खुश हूँ। मैंने भारत और अपने राज्य के लिए मेडल जीता है।' आगे की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब उनकी नज़र एशियन गेम्स और ओलंपिक पर है और वे देश व राज्य के लिए और पदक लाने की पूरी कोशिश करेंगी।
त्रिपुरा के खेल जगत के लिए क्या मायने रखती है यह उपलब्धि
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब त्रिपुरा सरकार युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है। गौरतलब है कि दीपा करमाकर के बाद अस्मिता डे त्रिपुरा की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सरकारी प्रोत्साहन से पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है।