मोदी की विरासत में नक्सल-मुक्ति और अनुच्छेद 370 का खात्मा शामिल — राजनाथ सिंह ने वाराणसी में गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 सितंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि जब भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी, तो उसमें देश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना, संसद में महिलाओं को समान भागीदारी और युवाओं के सपनों को साकार करना — ये सभी कार्य दर्ज होंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था।
सेवा यात्रा: काशी और वडनगर का संगम
राजनाथ सिंह ने काशी और वडनगर को जोड़ने वाली इस यात्रा को 'सेवा, संस्कार और साधना की संगम यात्रा' बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की जन्मभूमि को उनकी कर्मभूमि से जोड़ने का प्रतीकात्मक प्रयास है — एक ओर काशी है जहाँ से उनके सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा मिली, दूसरी ओर वडनगर है जहाँ उन्हें अपनी माता हीराबेन का आशीर्वाद और संस्कार मिले। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि करीब दो हजार साल पहले बौद्ध भिक्षु सारनाथ से वडनगर तक ज्ञान और अध्यात्म के प्रसार के लिए यात्रा करते थे — और आज उसी परंपरा को सेवा यात्रा के नए रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
पूर्व सरकारों पर निशाना, सेमीकंडक्टर का उदाहरण
रक्षा मंत्री ने 2014 से पहले की सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में भारत के हाथ से कई अवसर निकल जाते थे। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया की एक बड़ी चिप निर्माता कंपनी भारत में कारखाना लगाना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे दो बार अनुमति नहीं दी और देश ने रोजगार का एक बड़ा अवसर खो दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने की पहल की, तब भी यह सवाल उठाए गए कि भारत में यह उद्योग कैसे स्थापित हो सकता है।
यात्रा का विस्तार: 10 राज्य, 193 ज़िले, 1,159 गाँव
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 250 बाइकों पर सवार 500 यात्री काशी से गंगाजल लेकर वडनगर जा रहे हैं और उतनी ही संख्या में यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर से काशी आ रहे हैं। 7 अक्टूबर को वडनगर में बाबा हाटकेश्वर को जल अर्पित किया जाएगा और काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर यात्रा संपन्न होगी। यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गाँवों से गुजरेगी, जिनमें उत्तर प्रदेश के 50 जिले शामिल हैं। प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
नेताओं के संबोधन और संकल्प
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को देश और विदेश में नई पहचान दिलाई है और पिछले 12 वर्षों में हर दिशा में अपनी सोच को स्थापित किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने काशी की धरती पर उपस्थित होने को गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने वाराणसी में बालाजी का मंदिर बनाने की इच्छा भी व्यक्त की। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और प्लास्टिक मुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा — और प्रत्येक पड़ाव पर स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा।
राजनाथ सिंह का मोदी को जन्मदिन पर संदेश
रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से मोबाइल की टॉर्च जलवाकर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दिलाईं। उन्होंने कहा कि मोदी 13 वर्ष तक गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं — कुल 25 वर्षों की अनवरत सेवा। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत जो बोलता है, पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है — जबकि पहले भारत की बात को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। विश्व के बड़े नेताओं को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बना पिकॉक ब्रोच उपहार में देने के उदाहरण से उन्होंने 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल को रेखांकित किया। आने वाले हफ्तों में यह सेवा यात्रा एक राष्ट्रव्यापी जन-अभियान के रूप में आकार लेगी।