लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम की धुन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले — 'हर भारतीय अभिभूत'
सारांश
मुख्य बातें
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर पर एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब पहली बार सेना के बैंड ने वंदे मातरम की धुन बजाई। इस अवसर पर उपस्थित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे देश के लिए गर्व का पल बताया और एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए अपनी भावनाएँ साझा कीं।
ऐतिहासिक धुन और रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'स्वतंत्रता दिवस के पवित्र अवसर पर, आज लाल किले की प्राचीर पर, पहली बार सेना के बैंड द्वारा वंदे मातरम् गीत की धुन बजाई गई। इस ऐतिहासिक क्षण ने हर भारतीय को हर्ष और गौरव के भाव से अभिभूत कर दिया है। वंदे मातरम्!'
गौरतलब है कि वंदे मातरम भारत का राष्ट्रीय गीत है और लाल किले के समारोह में इसकी धुन का पहली बार बजाया जाना इसे परंपरागत स्वतंत्रता दिवस आयोजनों से अलग करता है। यह क्षण देशभर में चर्चा का विषय बना।
विज्ञान ओलंपियाड विजेताओं से मुलाकात
रक्षा मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि उन्हें इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड (ISO) में पदक जीतने वाले युवा प्रतिभाओं से मिलकर प्रसन्नता हुई। इन होनहार विद्यार्थियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने इन युवा चैंपियंस को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ये आगे भी भारत का मान बढ़ाते रहेंगे।
PM मोदी के भाषण पर रक्षा मंत्री की टिप्पणी
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए संबोधन की सराहना करते हुए लिखा कि PM ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने ड्रोन तकनीक, हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा पर विशेष बल दिया, जिन पर रक्षा मंत्रालय पहले से गंभीरता से काम कर रहा है।
रक्षा मंत्री के अनुसार, PM मोदी ने स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत' की दिशा में देश की यात्रा एक सुस्पष्ट विज़न और अटूट प्रतिबद्धता से संचालित है।
विकसित भारत का रोडमैप
राजनाथ सिंह ने PM के संबोधन का सार साझा करते हुए बताया कि इसमें आत्मनिर्भरता, मेक इन इंडिया, ऊर्जा सुरक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र को केंद्र में रखा गया। इसके साथ ही युवाओं को AI, कौशल और नवाचार से सशक्त बनाने, कनेक्टिविटी, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर को मज़बूत करने का रोडमैप भी रेखांकित किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि PM का संकल्प दृढ़ और स्पष्ट है — सुधार, सशक्तिकरण और वैश्विक नेतृत्व।