80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले में पहली बार 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन, MI-17 हेलीकॉप्टर ने भरी ऐतिहासिक उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लालकिले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया, जिसमें पहली बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का औपचारिक सामूहिक गायन हुआ। यह आयोजन 'वंदे मातरम' की 150 वर्ष पुरानी विरासत के उपलक्ष्य में किया गया, जो स्वतंत्रता दिवस के इतिहास में एक अभूतपूर्व क्षण बना।
ऐतिहासिक सामूहिक गायन और हेलीकॉप्टर की उड़ान
लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर 'वंदे मातरम' की विशेष आकृति बनाई गई, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ-साथ 'मेरा भारत' के स्वयंसेवकों समेत कुल 2,500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर MI-17 हेलीकॉप्टर 'वंदे मातरम' का झंडा लेकर आसमान में उड़ान भरते हुए दिखाई दिए, जिसने समारोह को भव्यता की नई ऊँचाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'आजादी के बाद लालकिले पर पहली बार 'वंदे मातरम' गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष मना रहे हैं, इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।' समारोह की थीम 'विकसित भारत @2047' को प्रदर्शित करने के लिए ज्ञानपथ पर विशेष दृश्य अवरोधक भी लगाए गए।
मुख्य घटनाक्रम: स्वागत से ध्वजारोहण तक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने लालकिले प्रांगण में पहुँचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहाँ तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल ने 'जनरल सैल्यूट' दिया।
प्रधानमंत्री ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण करने के पश्चात लालकिले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता की।
21 तोपों की सलामी: स्वदेशी शस्त्र की गूँज
ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर्स ने 21 तोपों की सलामी दी। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सुसज्जित इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली। यह आत्मनिर्भर भारत के रक्षा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी रहा।
ऐतिहासिक संदर्भ: 'वंदे मातरम' की 150 वर्षीय यात्रा
गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत है, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों की प्रेरणा का स्रोत रहा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय उत्सवों के केंद्र में रखने पर बल दे रही है। लालकिले पर इसका पहली बार औपचारिक सामूहिक गायन इस 150 वर्षीय यात्रा को एक नई पहचान देता है।
आगे क्या
इस समारोह ने 'विकसित भारत @2047' की थीम के साथ राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश दिया है। आने वाले दिनों में 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगाँठ से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की संभावना है।